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पिंड दियां गलियां: गांव कैंबवाला में 69 साल से न सीवर, न सड़कें.. कैसे मानें चंडीगढ़ में हैं हम

Sat, 19 Sep 2020 03:50 PM IST
खुशबू गोयल नीरज कुमार, चंडीगढ़
नीरज कुमार, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 19 Sep 2020 03:50 PM IST
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Chandigarh Village Kaimbwala Reality Check
गांव कैंबवाला में खस्ताहाल - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के गांव कैंबवाला के मौजा झुग्ग्यिां बेला में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। यहां के लोग 69 साल से सड़क और सीवर का इंतजार कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोग बताते हैं कि अधिकारियों के पास बहुत दौड़ लगाने के बाद 1992 में बिजली आई। पानी की उचित व्यवस्था नहीं है।
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यहां के लोग बताते हैं कि 1992 में पानी के लिए स्टैंड पोस्ट लगाया था। लोग हर दिन परेशान हो रहे हैं। 1951 में जब चंडीगढ़ बनना शुरू हुआ तो गांव कैलड़ जो अब सेक्टर-24 है, वहां से दो परिवार एक हिंदू और मुसलमान का परिवार आया था। प्रशासन ने उन्हें झुग्गियां बेला में बसाया था। अब परिवार बढ़ गए हैं।
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उस वक्त अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी लेकिन इंतजार करते 69 वर्ष हो गए। लेकिन न तो सड़क मिली और न सीवर डाला गया। अब हालात ये हो गए हैं कि बारिश होने के बाद घर से बाहर आना-जाना मुश्किल होता है। यहां के लोगों के लिए श्मशानघाट, कब्रिस्तान और पशुपालकों के लिए तालाब भी दिए लेकिन विकास के काम नहीं हुए।
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यह कहना हैं लोगों का

हम सभी परेशान हैं। हमारी कोई नहीं सुनता। ऐसा नहीं लगता है कि हमारा गांव सिटी ब्यूटीफुल का पार्ट है। लोग कहां से कहां पहुंच गए। आज तक हमारे यहां सीवर की लाइन और सड़क नहीं पहुंची। पीने के पानी की घोर समस्या है।
- रामकरण, वासी झुग्गियां बेला

1951 में गांव कैलड़ से झुग्गियां बेला में हमारे दादा और पिता को बसाया गया। अब हर गांव में बुनियादी सविधाएं हैं लेकिन हमारे यहां नहीं है। आखिर हमारा क्या कसूर है। सड़क पानी, सीवर और स्टार्म वाटर लाइन जरूरी है।
- गुरचरण सिंह, वासी झुग्गियां बेला

थोड़ी बारिश में मेन सड़क से घर तक नहीं आ सकते। आज तक सड़क नहीं बनी। सीवर-पानी की समस्या है। यदि ट्यूबवेल से सीधी पाइपलाइन बिछ जाए तो यहां पानी की किल्लत खत्म हो जाए। कब सुनवाई होगी, पता नहीं।
- आमना, वासी झुग्गियां बेला

हमारी जमीन बंजर हो गई है। खेतों में बड़ी-बड़ी घास उग गई है। खेती करने पर जंगली जानवर फसलें तबाह कर देते थे। हर साल काफी नुकसान होता था। इसके बाद खेती करना ही छोड़ दिया। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- सलीम, वासी झुग्गियां बेला

हमारे यहां स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। इस कारण रात को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गांव में न सीवर और न पानी की सही व्यवस्था है। हमें भी बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, सीवर और पानी की व्यवस्था दी जाए।
- लखी खान, निवासी झुग्गियां बेला

हम सभी को पानी, सीवर, सड़क और अन्य सभी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिएं। अब बहुत इंतजार हो गया। प्रशासन को तरस आना चाहिए कि आखिर 69 सालव से बिना सड़क, सीवर व अन्य सुविधाओं के किस प्रकार जी रहे हैं।
- मुस्ताक खान, वासी झुग्गियां बेला
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