चंडीगढ़ में हरियाली पर खतरा: पानी व भोजन पहुंचाने वाले ऊतक तोड़ रहे दम, सूख रहे पेड़
पंजाब यूनिवर्सिटी समेत चंडीगढ़ के कई पेड़ इसकी चपेट में आ चुके हैं। कोई जीव पेड़ के तने को खोखला कर ऊतकों को नुकसान पहुंचा रहा है। वैज्ञानिक जीव की पहचान के लिए शोध कर रहे हैं।
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चंडीगढ़ में हरियाली पर चारों ओर से हमला हो रहा है। अब जो पेड़ सूख रहे हैं, उनका एक और कारण यह निकलकर आया है कि पेड़ को पानी व भोजन पहुंचाने वाले ऊतक एक जीव के कारण मर रहे हैं। ये जीव दीमक से लेकर अन्य भी हो सकते हैं। इस पर शोध चल रहा है। वहीं जिम्मेदारों को भी इन पेड़ों की ओर ध्यान देना होगा। अब तक कई पेड़ दम तोड़ चुके हैं और जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
शहर के मध्य मार्ग, सेक्टर-14 से 15 वाले मार्ग के अलावा इंडस्ट्रियल एरिया, पीजीआई मार्ग पर कई पेड़ों के तने खोखले हो रहे हैं। इसके अलावा पीयू में लगे कई पेड़ों पर भी ऐसा ही साया है। पेड़ का तना बीच में से खोखला हो रहा है, जो शाखाओं तक पहुंच रहा है। जैसे-जैसे तने का हिस्सा सूख रहा रहा है, वैसे-वैसे पेड़ सूखते जा रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि दीमक जड़ से शुरू होती है। उसका प्रभाव भी इसका कारण बन सकता है। यह शोध का विषय है।
पेड़ को सुखाने के लिए कोई अलग जीव भी हो सकता है, जो बैक्टीरिया व वायरस के रूप में है। शोध के जरिए तो यही पता चलता है कि जो भी जीव है, वह पेड़ की पत्तियों व शाखाओं तक पानी पहुंचने नहीं दे रहा। यह काम जायलम ऊतक का है जो बाधित हो रहा है। भोजन बनाने वाला ऊतक फ्लोयम है, उसका काम भी बाधित हो रहा है। जब पानी व भोजन ही नहीं बन पाता है तो फिर पेड़ मरने लगता है।
पेड़ के तने को खोखला कोई जीव या दीमक कर रही है। यह शोध का विषय है, जिस पर काम चल रहा है। जायलम और फ्लोयम ऊतक ऐसे स्थिति में काम नहीं कर पाते। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है तो पेड़ धीरे-धीरे सूखने लगते हैं। इसका इलाज विशेषज्ञों का करना चाहिए। कुछ कदम उठाए भी जा रहे हैं। -प्रो. एएस आहलूवालिया, वरिष्ठ वैज्ञानिक, वनस्पति विज्ञान विभाग