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वेंडर एक्ट: सर्वे पूरा होने वाला, 18 हजार के लाइसेंस बनेंगे, तैयार रहें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 Aug 2016 03:51 PM IST
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चंडीगढ़ में रेहड़ी फड़ी
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चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर एक्ट का सर्वे 95 प्रतिशत पूरा हो गया है। करीब 18 हजार लाइसेंस बनाए जाएंगे। इसके लिए तैयार रहें फड़ी वाले। निगम का दावा है कि 31 अगस्त तक सर्वे का काम पूरा हो जाएगा।
नगर निगम के अनुसार अब तक के सर्वे में साढ़े 16 हजार वेंडर्स का रिकॉर्ड इकट्ठा हुआ है। जबकि मौलीजागरां और मनीमाजरा में इस समय सर्वे चल रहा है। सर्वे में करीब 18 हजार फड़ी वालों के नाम आएंगे, जिन्हें लाइसेंस जारी करने का काम नवंबर में शुरू कर दिया जाएगा।
नगर निगम स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी का गठन पहले ही कर चुकी है। जो कि स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी करेगी। इस समय शहर में स्ट्रीट वेंडर का सर्वे करने का काम हरियाणा नवयुवक कला संगम द्वारा किया जा रहा है। प्रति वेंडर के सर्वे के बदले में नगर निगम की ओर से 310 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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नगर निगम के अनुसार अब तक के सर्वे में साढ़े 16 हजार वेंडर्स का रिकॉर्ड इकट्ठा हुआ है। जबकि मौलीजागरां और मनीमाजरा में इस समय सर्वे चल रहा है। सर्वे में करीब 18 हजार फड़ी वालों के नाम आएंगे, जिन्हें लाइसेंस जारी करने का काम नवंबर में शुरू कर दिया जाएगा।
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नगर निगम स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी का गठन पहले ही कर चुकी है। जो कि स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी करेगी। इस समय शहर में स्ट्रीट वेंडर का सर्वे करने का काम हरियाणा नवयुवक कला संगम द्वारा किया जा रहा है। प्रति वेंडर के सर्वे के बदले में नगर निगम की ओर से 310 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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सर्वे के बाद तैयार होंगे वेंडिंग जोन
चंडीगढ़ में रेहड़ी फड़ी
सर्वे के बाद कंपनी शहर के वेंडिंग जोन भी तय करेगी, जहां पर लाइसेंस धारक फड़ी वाले बैठकर काम कर पाएंगे। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार 31 अगस्त के बाद जो जो लोग छूट गए हैं, उनका सर्वे कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि 2010 में जब अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने शहर की सरकारी जमीन पर काम करने वाले फड़ी वालों का सर्वे किया था तो उनकी संख्या 8500 थी। लेकिन अब इनकी संख्या शहर में दोगुनी हो गई है।
एक्ट के अनुसार कुल जनसंख्या के दो प्रतिशत फड़ी वालों का लाइसेंस दिया जा सकता है। वेडिंग जोन इस तरह के बनाए जाएंगे। जिसमें कुछ घंटे काम करने की मंजूरी मिलेगी, जबकि कुछ इस तरह के बनेंगे जहां पर पूरा दिन फड़ी लगाकर काम किया जा सकता है।
मालूम हो कि 2010 में जब अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने शहर की सरकारी जमीन पर काम करने वाले फड़ी वालों का सर्वे किया था तो उनकी संख्या 8500 थी। लेकिन अब इनकी संख्या शहर में दोगुनी हो गई है।
एक्ट के अनुसार कुल जनसंख्या के दो प्रतिशत फड़ी वालों का लाइसेंस दिया जा सकता है। वेडिंग जोन इस तरह के बनाए जाएंगे। जिसमें कुछ घंटे काम करने की मंजूरी मिलेगी, जबकि कुछ इस तरह के बनेंगे जहां पर पूरा दिन फड़ी लगाकर काम किया जा सकता है।
मार्केट एसोसिएशंस हो चुकी हैं परेशान
सेक्टर 17 के व्यापारियों के साथ मीटिंग करते हुए मेयर अरुण सूद
- फोटो : अमर उजाला
इस समय शहर में सबसे ज्यादा फड़ियां लग गई हैं। क्योंकि अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से भी कार्रवाई पर पाबंदी लगाई हुई है। ऐसे में शहर की मार्केट एसोसिएशन के व्यापारी भी परेशान हो हैं।
सेक्टर-22 की मार्केट एसोसिएशन (किरण ब्लॉक) के अध्यक्ष प्रवीण दुग्गल का कहना है कि फड़ी वाले पार्किंग और दुकानों के आगे बैठ जाते हैं। जिस कारण व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि जिस जिस एरिया का सर्वे हो चुका है अब वहां से फड़ी वाले हटा देने चाहिए।
तंबाकू बेचने वालों को लाइसेंस न दें
हरियाणा के रिटायर्ड अधिकारी एवं मौली कॉम्प्लेक्स निवासी फूल सिंह का कहना है कि सिगरेट और तंबाकू बेचने वालों को लाइसेंस नहीं देना चाहिए। नगर निगम को उनका सर्वे ही नहीं करना चाहिए था। नए लोगों का भी सर्वे नहीं होना चाहिए था।
सर्वे का काम 31 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उनका कहना है कि वेंडिंग जोन बनाकर सभी को लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
- अरुण सूद, मेयर
सेक्टर-22 की मार्केट एसोसिएशन (किरण ब्लॉक) के अध्यक्ष प्रवीण दुग्गल का कहना है कि फड़ी वाले पार्किंग और दुकानों के आगे बैठ जाते हैं। जिस कारण व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि जिस जिस एरिया का सर्वे हो चुका है अब वहां से फड़ी वाले हटा देने चाहिए।
तंबाकू बेचने वालों को लाइसेंस न दें
हरियाणा के रिटायर्ड अधिकारी एवं मौली कॉम्प्लेक्स निवासी फूल सिंह का कहना है कि सिगरेट और तंबाकू बेचने वालों को लाइसेंस नहीं देना चाहिए। नगर निगम को उनका सर्वे ही नहीं करना चाहिए था। नए लोगों का भी सर्वे नहीं होना चाहिए था।
सर्वे का काम 31 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उनका कहना है कि वेंडिंग जोन बनाकर सभी को लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
- अरुण सूद, मेयर