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हाईकोर्ट ने पूछा- किस आधार पर तय होती है हाईवे की परिभाषा?

Wed, 22 Mar 2017 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 22 Mar 2017 10:09 AM IST
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chandigarh state highway, punjab and haryana highcourt
- फोटो : File Photo
स्टेट हाईवे डी नोटिफाई करने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन ने जवाब सौंप दिया। प्रशासन ने कहा कि 2005 में हाईवे इसलिए नोटिफाई किए गए थे ताकि इन सड़कों का सही विकास हो सके और अब जब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के चलते 99 में से 84 ठेके बंद हो रहे हैं तो हाईवे डी नोटिफाई करने का निर्णय ले लिया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए पूछा है कि आखिर हाईवे की परिभाषा क्या है और किस आधार और शक्ति से इसे नोटिफाई और डी नोटिफाई किया जाता है।
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मंगलवार को प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के चलते नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर क्षेत्र में शराब के ठेके अवैध हो गए हैं। शहर के अधिकतर रोड सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कवर हो जाते हैं। ऐसे में शहर में मौजूद 99 में से केवल 84 ठेके ही बच पाएंगे।
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प्रशासन ने दलील दी कि ठेके बंद होने से प्रशासन को राजस्व का भारी नुकसान होगा। प्रशासन की मुख्य दलील थी कि चंडीगढ़ यूटी है और सड़कों को स्टेट हाईवे का दर्जा इसलिए दिया गया ताकि इनकें विकास और मरम्मत के लिए उचित फंड्स मिलते रहें। इस पर हाई कोर्ट ने प्रशासन से पूछा की किस आधार पर किसी सड़क को स्टेट हाइवे घोषित किया जाता है। 
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पिछले साल ठेकों से 202 करोड़ का राजस्व

chandigarh state highway, punjab and haryana highcourt
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
पिछले साल ठेकों से 202 करोड़ का राजस्व
गत वर्ष प्रशासन ने 202.55 करोड़ का राजस्व ठेकों से ही कमाया था। राजस्व बचाने के लिए नोटिफिकेशन पर पुनर्विचार के लिए प्रशासक के सलाहकार की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर सहित चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी इस कमेटी का हिस्सा थे।

एक मार्च को बैठक में सर्वसम्मति से सभी वी-1, वी-2 और वी-3 सड़कों का स्टेट हाईवे का दर्जा खत्म करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी गई। शराब के ठेकों की अलॉटमेंट के लिए 22 फरवरी को ही प्रशासन ने एक्साइज पालिसी बना इसे नोटिफाई कर दिया था। 

शराब को प्रमोट नहीं कर रहा प्रशासन
प्रशासन ने याची के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन शराब या ठेकों को प्रमोट नहीं कर रहा है। ड्रंकन ड्राइव पर शिकंजा कसने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। पुलिस नियमित रूप से नाके लगाकर एल्को मीटर से जांच करती है और यह नाके नाइट क्लबों, होटलों और शहर की प्रमुख सड़कों पर लगाए जाते हैं। सभी सड़कों के जंक्शन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। शहर में जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। 
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