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भाई ने रैकेट थमाया, पिता ने हौंसला बढ़ाया और देखिए ये बेटी बन गई चैम्पियन
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Jun 2017 04:34 PM IST
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स्कवैश प्लेयर जानीया सिंह
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भाई ने रैकेट थमाया और पिता ने हौंसला बढ़ाया और चैम्पियन बन गई। अब एशियन जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप खेलने के लिए जॉर्डन जाएगी। ये हैं चंडीगढ़ की स्कवैश प्लेयर जानीया सिंह। जानीया सिंह का एशियन जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। चैंपियनशिप जार्डन में खेली जाएगी। इस चैंपियनशिप के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इनमें जानीया सिंह चंडीगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी हैं जिसका चयन एशियन जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के लिए हुआ हैं।
ब्रिटिश ओपन, मलयेशिया एशियन जूनियर चैंपियनशिप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी जानीया सिंह इन दिनों जार्डन में होने वाले टूर्नामेंट के लिए के सुबह और शाम कड़ी ट्रेनिंग ले रही हैं। खुद जानीया सिंह की माने तो एक समय में यह खेल पुरुष वर्ग के लिए ही जाना जाता था, लेकिन अब महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। अन्य लड़कियों को भी इस खेल में हिस्सा लेने के लिए हमेशा प्रेरित करती हूं।
भाई और पिता से ली प्रेरणा
कार्मल कांवेंट स्कूल में 10वीं की छात्रा जानीया सिंह के पिता एक बिजनेसमैन हैं। जानीया का भाई इंद्रजीत सिंह स्क्वैश का नेशनल खिलाड़ी है और टॉप 8 में है। भाई इंद्रजीत सिंह और पिता जब खेलने जाते तो उनके साथ कई बार जाना होता। वहीं से इस खेल के प्रति लगाव हुआ। भाई ने रैकेट थमाया और पिता ने उत्साह बढ़ाया तो जानीया ने इसी खेल में आगे बढ़ने की सोची। आज भी जानीया अपने भाई से टिप्स लेती हैं।
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ऐसा हुआ चयन
जार्डन में होने वाली एशियन जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारतीय टीम के चयन के लिए चेन्नई में ट्रायल हुआ। इसमें देश से टॉप 8 सीड के खिलाड़ी बुलाए गए। इसके बाद अंतिम टीम का चयन हुआ। इसमें दिल्ली की सान्या, चेन्नई की स्मिता और चंडीगढ़ की जानीया सिंह का नाम भी शामिल रहा।
मिस्र और मलेशिया से मिलेगी टक्कर
जानीया सिंह इन दिनों चंडीगढ़ क्लब के स्क्वैश कोर्ट पर कोच सौरभ नैयर से ट्रेनिंग ले रही हैं। सौरभ 2016 में एशिया चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रह चुके हैं। जानीया ने कहा कि जार्डन में भारतीय टीम को मिस्र और मलयेशिया जो कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें हैं, से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। इसके लिए अभी से तैयारियों में जुटी हूं। जानीया का सपना स्क्वैश में दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना है।
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ब्रिटिश ओपन, मलयेशिया एशियन जूनियर चैंपियनशिप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी जानीया सिंह इन दिनों जार्डन में होने वाले टूर्नामेंट के लिए के सुबह और शाम कड़ी ट्रेनिंग ले रही हैं। खुद जानीया सिंह की माने तो एक समय में यह खेल पुरुष वर्ग के लिए ही जाना जाता था, लेकिन अब महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। अन्य लड़कियों को भी इस खेल में हिस्सा लेने के लिए हमेशा प्रेरित करती हूं।
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भाई और पिता से ली प्रेरणा
कार्मल कांवेंट स्कूल में 10वीं की छात्रा जानीया सिंह के पिता एक बिजनेसमैन हैं। जानीया का भाई इंद्रजीत सिंह स्क्वैश का नेशनल खिलाड़ी है और टॉप 8 में है। भाई इंद्रजीत सिंह और पिता जब खेलने जाते तो उनके साथ कई बार जाना होता। वहीं से इस खेल के प्रति लगाव हुआ। भाई ने रैकेट थमाया और पिता ने उत्साह बढ़ाया तो जानीया ने इसी खेल में आगे बढ़ने की सोची। आज भी जानीया अपने भाई से टिप्स लेती हैं।
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ऐसा हुआ चयन
जार्डन में होने वाली एशियन जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारतीय टीम के चयन के लिए चेन्नई में ट्रायल हुआ। इसमें देश से टॉप 8 सीड के खिलाड़ी बुलाए गए। इसके बाद अंतिम टीम का चयन हुआ। इसमें दिल्ली की सान्या, चेन्नई की स्मिता और चंडीगढ़ की जानीया सिंह का नाम भी शामिल रहा।
मिस्र और मलेशिया से मिलेगी टक्कर
जानीया सिंह इन दिनों चंडीगढ़ क्लब के स्क्वैश कोर्ट पर कोच सौरभ नैयर से ट्रेनिंग ले रही हैं। सौरभ 2016 में एशिया चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रह चुके हैं। जानीया ने कहा कि जार्डन में भारतीय टीम को मिस्र और मलयेशिया जो कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें हैं, से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। इसके लिए अभी से तैयारियों में जुटी हूं। जानीया का सपना स्क्वैश में दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना है।