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कोरोना संक्रमण का स्तर पता लगाने के लिए शहर में सीरो-सर्वे
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चंडीगढ़। शहरवासियों में कोरोना के संक्रमण का स्तर पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में जल्द ही सीरो सर्वे होगा। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा है कि वह इसे लेकर जल्द मंजूरी देंगे। इसके बाद शहर के विभिन्न हिस्सों से लोगों के नमूने एकत्रित किए जाएंगे और फिर उनकी जांच होगी।
प्रशासक वीपी सिंह ने ट्राइसिटी के अधिकारियों के एक बैठक की। बैठक में प्रशासक ने पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम को निर्देश दिए कि हाल ही में मंजूर दो ऑक्सीजन प्लांट्स का काम जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि इन्हें शुरू किया जा सके। प्रशासक ने सेक्टर-15 में मेंटली चैलेंज्ड मरीजों के लिए लगाए गए विशेष टीकाकरण केंद्र के लिए प्रशासन के अधिकारियों की सराहना की है। प्रशासक ने शहर में कोरोना के बढ़ते केसों पर चिंता जताई है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिए हैं कि अगर परिजनों की मृत्यु के कारण कोई अनाथ हो गया है और उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो उन्हें गवर्नमेंट वेलफेयर होम्स में रखा जाना चाहिए और उनका पूरा खर्च प्रशासन की तरफ से उठाया जाएगा।
पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने बताया कि उनके यहां कोरोना के 282 गंभीर मरीज भर्ती हैं। अभी वह 1200 टेस्ट कर रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 1500 करने का फैसला लिया गया है। जीएमसीएच-32 की निदेशक डॉ. जसबिंदर कौर ने बताया कि उन्होंने टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 700 कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने कहा कि उन्होंने बीते दिनों में 23,261 कोरोना वायरस के नमूनों की जांच की, जिसमें से पॉजिविटी रेट करीब 13.4 फीसदी है। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर्स और 74 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लग चुकी है। बैठक में पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ के डीसी भी उपस्थित रहे। बताया गया कि पंचकूला में कोरोना वायरस के 1686, मोहाली में 5663 और चंडीगढ़ में 4874 सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा शहर में 141 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हुए हैं।
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क्या है सीरो सर्वे?
सर्वे से यह पता लगाया जाएगा कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है। कह सकते हैं कि कितने प्रतिशत लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी की मौजूदगी के साथ ही यह पता चल जाता है कि कौन सा शख्स इस वायरस से संक्रमित था और फिलहाल ठीक हो चुका है।
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प्रशासक वीपी सिंह ने ट्राइसिटी के अधिकारियों के एक बैठक की। बैठक में प्रशासक ने पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम को निर्देश दिए कि हाल ही में मंजूर दो ऑक्सीजन प्लांट्स का काम जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि इन्हें शुरू किया जा सके। प्रशासक ने सेक्टर-15 में मेंटली चैलेंज्ड मरीजों के लिए लगाए गए विशेष टीकाकरण केंद्र के लिए प्रशासन के अधिकारियों की सराहना की है। प्रशासक ने शहर में कोरोना के बढ़ते केसों पर चिंता जताई है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिए हैं कि अगर परिजनों की मृत्यु के कारण कोई अनाथ हो गया है और उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो उन्हें गवर्नमेंट वेलफेयर होम्स में रखा जाना चाहिए और उनका पूरा खर्च प्रशासन की तरफ से उठाया जाएगा।
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पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने बताया कि उनके यहां कोरोना के 282 गंभीर मरीज भर्ती हैं। अभी वह 1200 टेस्ट कर रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 1500 करने का फैसला लिया गया है। जीएमसीएच-32 की निदेशक डॉ. जसबिंदर कौर ने बताया कि उन्होंने टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 700 कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने कहा कि उन्होंने बीते दिनों में 23,261 कोरोना वायरस के नमूनों की जांच की, जिसमें से पॉजिविटी रेट करीब 13.4 फीसदी है। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर्स और 74 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लग चुकी है। बैठक में पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ के डीसी भी उपस्थित रहे। बताया गया कि पंचकूला में कोरोना वायरस के 1686, मोहाली में 5663 और चंडीगढ़ में 4874 सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा शहर में 141 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हुए हैं।
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क्या है सीरो सर्वे?
सर्वे से यह पता लगाया जाएगा कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है। कह सकते हैं कि कितने प्रतिशत लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी की मौजूदगी के साथ ही यह पता चल जाता है कि कौन सा शख्स इस वायरस से संक्रमित था और फिलहाल ठीक हो चुका है।