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ऑटो और फर्नीचर के साथ स्क्रू इंडस्ट्री में चली शिफ्टिंग की राह, ये रही वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 May 2017 01:24 AM IST
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स्क्रू इंडस्ट्री
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ऑटो और फर्नीचर इंडस्टी की तरह चंडीगढ़ की स्क्रू इंडस्ट्री भी अब पंजाब का रुख कर चुकी है। इसकी वजह है फरमान और जगह का अभाव। चाहे ट्रैक्टर हो या फिर कार या अन्य आइटम। स्क्रू की सप्लाई तो चंडीगढ़ से ही होती थी। अभी ऐसा ही है लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन के नित नए फरमान और अपनी जगह का उपयोग न करने की वजह से यह स्क्रू इंडस्ट्री अब पंजाब का रुख कर चुकी है।
हालत यह है कि कभी यहां स्क्रू इंडस्ट्री की पांच सौ इकाइयां होती थीं। अब यहां सिर्फ चार सौ इकाइयां ही रह गई हैं। चंडीगढ़ में फिलहाल स्क्रू इंडस्ट्री की चार सौ इकाइयां हैं। इसमें से भी ज्यादातर बिना मुनाफे के काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में स्क्रू यूनिट को चलाने वाले नवनीत कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ में एक समय बिजली के दाम मोहाली की अपेक्षा काफी कम थे। अब बिजली के दाम मोहाली से ज्यादा हैं। ऐसी स्थिति में प्रोडक्शन कास्ट बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में एफएआर कम होने की वजह से काम करने की जगह भी एकदम कम है। ऐसी स्थिति में जगह होते हुए उद्यमी उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण करीब बीस फीसदी यूनिट्स चंडीगढ़ से मोहाली और डेराबस्सी में शिफ्ट हो गई हैं। चंडीगढ़ में पाल्यूशन विभाग, इस्टेट कार्यालय द्वारा लगातार नोटिस भेजे जाते हैं। जीपीए पर होने की वजह से बैंक द्वारा हमको लोन भी नहीं मिल पाता है। जिसके कारण दूसरे राज्यों के उद्यमी की तरह हमारा उद्योग डवलप नहीं कर पाता है।
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हालत यह है कि कभी यहां स्क्रू इंडस्ट्री की पांच सौ इकाइयां होती थीं। अब यहां सिर्फ चार सौ इकाइयां ही रह गई हैं। चंडीगढ़ में फिलहाल स्क्रू इंडस्ट्री की चार सौ इकाइयां हैं। इसमें से भी ज्यादातर बिना मुनाफे के काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में स्क्रू यूनिट को चलाने वाले नवनीत कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ में एक समय बिजली के दाम मोहाली की अपेक्षा काफी कम थे। अब बिजली के दाम मोहाली से ज्यादा हैं। ऐसी स्थिति में प्रोडक्शन कास्ट बढ़ गई है।
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उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में एफएआर कम होने की वजह से काम करने की जगह भी एकदम कम है। ऐसी स्थिति में जगह होते हुए उद्यमी उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण करीब बीस फीसदी यूनिट्स चंडीगढ़ से मोहाली और डेराबस्सी में शिफ्ट हो गई हैं। चंडीगढ़ में पाल्यूशन विभाग, इस्टेट कार्यालय द्वारा लगातार नोटिस भेजे जाते हैं। जीपीए पर होने की वजह से बैंक द्वारा हमको लोन भी नहीं मिल पाता है। जिसके कारण दूसरे राज्यों के उद्यमी की तरह हमारा उद्योग डवलप नहीं कर पाता है।
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टर्नओवर भी घटा है इसके कारण
industry
चंडीगढ़ में स्क्रू इंडस्ट्री चलाने वाले एक उद्यमी दीपक कुमार के अऩुसार स्क्रू इंडस्ट्री का टर्नओवर भी घट चुका है। उसका कारण है प्रोडक्शन ज्यादा न हो पाना। उद्यमी के अऩुसार चंडीगढ़ की स्क्रू इंडस्ट्री एशिया में माल सप्लाई करती है। अब डिमांड ज्यादा है, पर माल तैयार करने के लिए जगह भी चाहिए। ऐसी स्थिति में प्रोडक्शन उतना नहीं हो पाता है जितना चाहिए। इसके साथ ही इंडस्ट्री के शिफ्ट होने की वजह से ओवरआल टर्नओवर घट चुका है।
मोहाली में कोई रोक टोक नहीं
चंडीगढ के इंडस्ट्रियलिस्ट अरुण महाजन ने कहा कि मोहाली में इंडस्ट्री लगाने के बाद रोक टोक नहीं है। उन्होंने कहा कि मोहाली में एफएआर ज्यादा होने के कारण उद्यमी को काम करने का बेहतर मौका मिलता है। इसके साथ ही लेबर के क्वार्टर भी इंडस्ट्री के भीतर बना दिए जाते हैं जिससे लेबर की कास्ट तो कम होती ही है साथ ही काम भी ज्यादा होता है। इसके साथ ही बिजली की कीमत चंडीगढ़ से कम होने के कारण प्रोडक्शन कास्ट भी कम होती है। नतीजा मुनाफा और काम करने का अच्छा माहौल मिलता है।
मोहाली में कोई रोक टोक नहीं
चंडीगढ के इंडस्ट्रियलिस्ट अरुण महाजन ने कहा कि मोहाली में इंडस्ट्री लगाने के बाद रोक टोक नहीं है। उन्होंने कहा कि मोहाली में एफएआर ज्यादा होने के कारण उद्यमी को काम करने का बेहतर मौका मिलता है। इसके साथ ही लेबर के क्वार्टर भी इंडस्ट्री के भीतर बना दिए जाते हैं जिससे लेबर की कास्ट तो कम होती ही है साथ ही काम भी ज्यादा होता है। इसके साथ ही बिजली की कीमत चंडीगढ़ से कम होने के कारण प्रोडक्शन कास्ट भी कम होती है। नतीजा मुनाफा और काम करने का अच्छा माहौल मिलता है।