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चंडीगढ़ की स्मार्ट पुलिस चार महीने में नहीं सुलझा पाई पांच बड़े मामले, तलाश रही ठोस सुराग

Wed, 14 Oct 2020 12:09 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 14 Oct 2020 12:09 PM IST
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Chandigarh's smart police failed to solve five big cases in four months
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
चंडीगढ़ की स्मार्ट पुलिस पिछले चार महीनों में पांच बड़े मामलों को सुलझाने में नाकाम रही है। इससे पुलिस की इंटेलिजेंसी फेल साबित होते दिख रही है। सेक्टर-23 में शिक्षिका की हत्या, सेक्टर-35 में गन प्वाइंट पर फॉर्च्यूनर लूट, मनी एक्सचेंजर से तीन लाख की लूट, धनास के जंगल में अधजले मिले युवक के शव समेत सेक्टर-17 में युवती के कटे पैर मिलने के करीब चार महीने बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
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स्थानीय थाना पुलिस समेत क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और अलग-अलग विंग अपने-अपने स्तर पर वारदात को सुलझाने में लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। एसएसपी कुलदीप चहल का कहना है कि कई मामलों को सुलझा लिया गया है। जल्द ही इन केसों को भी सुलझा लिया जाएगा।
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केस नंबर-एक: बीते 23 जून को सेक्टर-17 मध्यमार्ग स्थित एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) के बिल्डिंग की पिछली तरफ साइकिल ट्रैक पर अखबार में लिपटे युवती के दो कटे हुए पैर मिले थे। पुलिस ने आसपास सर्च किया तो एक लिफाफे में बच्ची का भ्रूण भी मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती का पैर किसी ठंडी जगह पर संभाल कर रखा गया था। इसमें सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शहर के अलग-अलग थानों में गुमशुदगी का मामला खंगाला, लेकिन कुछ नहीं मिला। चार महीने से पुलिस की जांच सीएफएसएल की रिपोर्ट पर अटकी है। फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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केस नंबर-दो: बीते 27 जुलाई को सेक्टर-27सी स्थित बूथ नंबर 22 में वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंज के संचालक संजीव कालिया के साथ तीन लाख रुपये लूट की वारदात हुई थी। पुलिस जांच में पता चला था कि एक आरोपी ने हेलमेट पहना था। हेलमेट पहने शख्स पहले बाहर निकला और फिर हाथ में पिस्टल लिए एक आरोपी वहां से फरार हो गया। मार्केट में लगे सीसीटीवी फुटेज में दोनों संदिग्ध कैद थे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन वारदात के करीब तीन महीने बद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

केस नंबर- तीन: बीते 18 अगस्त की रात मोहाली निवासी प्रॉपर्टी डीलर हरमिंदर सिंह अपनी फार्च्यूनर से सेक्टर-35 स्थित बर्गर किंग आए थे। घर जाने के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति गन प्वाइंट पर उनकी फार्च्यूनर लेकर फरार हो गया। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने वारदात स्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को मामला कुछ संदिग्ध भी लगा। चौक व लाइट प्वाइंट के फुटेज को चेक करने के अलावा लोगों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन दो महीने बाद भी मामला अनसुलझा है।

केस नंबर- चार: बीते 27 अगस्त की सुबह पुलिस को धनास लेक से डड्डूमाजरा जाने वाली सड़क किनारे जंगल एरिया में एक युवक का अधजला शव मिला। सेक्टर-11 पुलिस ने हत्या और सुबूत मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। युवक की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी। पुलिस ने शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामले को खंगालने के अलावा घटनास्थल और आसपास पूछताछ की, लेकिन चंडीगढ़ की स्मार्ट पुलिस अब तक न तो युवक की पहचान कर सकी और न ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई।


केस नंबर- पांच: बीते 15 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-23ए के सरकारी मकान में रह रहा 13 साल का बच्चा लुधियाना के कटानी कलां के नहर के पास लावारिस मिला। बच्चे ने पुलिस को बताया कि एक दिन पहले पापा और छोटे भाई के साथ गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया था। पंजाब पुलिस बच्चे को चंडीगढ़ घर छोड़ने आई तो उसकी मां की हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि शिक्षिका ज्योति रानी (40) की हत्या उसके पति मनदीप सिंह ने की थी। वह छोटे बेटे के साथ अब तक फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके रिश्तेदारों समेत जगह-जगह दबिश दी गई, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
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