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Chandigarh: रोजगार सृजन में लक्षद्वीप के बाद सबसे पीछे चंडीगढ़, पीएमईजीपी के तहत सिर्फ 40 को मिला रोजगार

Sat, 24 Dec 2022 10:26 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 24 Dec 2022 10:26 AM IST
सार

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का भी शहर में खास फायदा नहीं हो रहा है। करोड़ों खर्च कर चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत अब तक 19,170 युवाओं ने ट्रेनिंग ली। इनमें 15,262 युवाओं को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए लेकिन नौकरी सिर्फ 6,361 युवा ही हासिल कर पाए।

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Chandigarh ranks lowest in country after Lakshadweep In terms of employment generation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने आठ साल पहले शहर में रोजगार बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब आलम यह है कि रोजगार सृजन के मामले में चंडीगढ़, लक्षद्वीप के बाद देशभर में सबसे निचले पायदान पर है। कौशल विकास योजना भी युवाओं को रोजगार दिलाने में प्रभावी साबित नहीं हो रही है। ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट लेकर ज्यादातर युवा बेरोजगार ही घूम रहे हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत चंडीगढ़ में वर्ष 2022-23 (30 नवंबर तक) सिर्फ पांच लोगों ने अपना काम शुरू किया है, जिससे सिर्फ 40 लोगों को ही रोजगार मिला है। ये लक्षद्वीप के बाद पूरे देश में सबसे कम है जबकि पंजाब में 13,560 और हरियाणा में 16,232 लोगों को योजना के तहत रोजगार मिला है। पीएमईजीपी के तहत रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या चंडीगढ़ में वर्ष 2017-18 से हर वर्ष कम होती जा रही है। साल-दर-साल कम हो रहा रोजगार शहर के लिए काफी चिंता की बात है। केंद्र सरकार इस योजना के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देना चाहती है लेकिन सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक यह योजना चंडीगढ़ में फेल साबित होती नजर आ रही है। 
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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के हालात भी ठीक नहीं
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का भी शहर में खास फायदा नहीं हो रहा है। करोड़ों खर्च कर चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत अब तक 19,170 युवाओं ने ट्रेनिंग ली। इनमें 15,262 युवाओं को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए लेकिन नौकरी सिर्फ 6,361 युवा ही हासिल कर पाए। ज्यादातर युवा प्रशिक्षण के बाद बेरोजगार घूम रहे हैं। जानकार इसके पीछे भी कई कारण को मानते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक पीएमकेवीवाई के एक ट्रेनिंग सेंटर के संचालक ने बताया कि योजना के तहत शॉर्ट टर्म कोर्स कराए जाते हैं जिससे युवाओं को विषय का पूरा ज्ञान नहीं मिल पाता। इसकी वजह से ज्यादातर के पास सर्टिफिकेट तो होता है, लेकिन नौकरी के लिए सिलेक्शन नहीं हो पाता। इसके अलावा नए कोर्स का शुरू न होना, छात्रों का कोर्स पूरा न करना, सरकार की तरफ से भी गंभीरता की कमी होना है।
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क्या है पीएमईजीपी का उद्देश्य
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पूरे देश में लोन मुहैया कर युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने और फिर अन्यों के लिए नौकरियां पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। यह केंद्र सरकार की एक स्वरोजगार योजना है। इसके तहत उद्योग लगाने पर 25 लाख और सेवा क्षेत्र में निवेश करने पर 10 लाख रुपये कर्ज मिलता है लेकिन चंडीगढ़ के लिए इसके आंकड़े डराने वाले हैं। 

पीएमईजीपी के तहत किस वर्ष कितने लोगों को मिला रोजगार
     वर्ष                             युवाओं को रोजगार

2017-18                                   360
2018-19                                   224
2019-20                                   112
2020-21                                   80
2021-22                                   168
2022-23(30 नवंबर तक)           40

क्या कहते हैं पीएमकेवीवाई के आंकड़े
प्रशिक्षित  19,170 
प्रमाणित  15,262 
प्लेसमेंट   6,361
(वर्ष 2015 से 30-09-2022 तक)
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