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स्वच्छता सर्वेक्षण: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की रैकिंग गिरी, 32वें से 48वें पर पहुंचा
दीपक शाही /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 May 2017 05:02 PM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
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स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशन की रैकिंग इस बार गिर गई है। पिछले साल के मुकाबले यह 32वें से खिसक कर 48वें नंबर पर पहुंच गया। 2016 में भारतीय गुणवक्ता परिषद द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को 32वां स्थान मिला था, लेकिन इस बार 48वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सर्वे क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने किया है। रेल मंत्रालय ने स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्टेशनों की स्वच्छता रिपोर्ट जारी की थी।
बता दें कि देश भर के कुल सर्वे 407 रेलवे स्टेशनों में से 10 सबसे स्वच्छ स्टेशनों का चयन किया गया। इसमें चंडीगढ़ शामिल नहीं है। इस संबंध में रेलवे के आला अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मियों की ड्रेस, मैकेनिज्म, सहित अन्य तकनीकी पहलू शामिल हैं। जिसके ऑडिट स्कोर में चंडीगढ़ सर्वे में पिछड़ गया है, लेकिन अधिकारियों के ये दावे हकीकत से परे हैं। इसकी सच्चाई अमर उजाला के रियलिटी चेक में कैमरे में कैद की गई तस्वीरें बयां कर रहीं हैं।
स्टेशन कैंपस में घुसते ही सफाई की खुली पोल :
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले पार्किंग एरिया पड़ता है। यहां चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। उससे पांच कदम आगे बढ़ने पर जीआरपी का पुलिस बीट बॉक्स हैं। जिसमें भी गंदगी का अंबार लगा हैं। बीट बॉक्स के ठीक सामने रेलवे स्टेशन का ब्यूटीफिकेशन एरिया। इस पर लाखों रुपये खर्च भी किए गए, लेकिन साफ सफाई के अभाव में इसकी सुंदरता दम तोड़ रही है।
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प्लेटफार्म नंबर-1 पर मिली शराब की बॉटल :
सफाई का दावा करने वाले रेलवे के आला अधिकारियों को इस सच का पता ही नहीं है कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर शराब के खाली बॉटल कभी शौचालय में तो कभी प्लेटफार्म पर ऐसे ही पड़े मिल जाते हैं। इसके अलावा स्टेशन पर एस्केलेटर एरिया में चारों तरफ पक्षियों के बीट की चादर बिछी है। यहां पर सफाई कभी होती ही नहीं है। इतना ही नहीं प्लेटफार्म नंबर-3 और 4 के हालत भी कुछ ठीक नहीं है। यहां के रेलवे ट्रैक के पास वाशिंग एरिया प्लास्टिक व कूड़े से जाम पड़ा है।
शौचालय पर लगा ताला :
रेलवे स्टेशन के पंचकूला साइड पर दो शौचालय पब्लिक के लिए बनाए गए हैं। इन दोनों पर ताला जड़ा है। वहीं अधिकारी स्वच्छता की दुहाई दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि जिस स्टेशन के शौचालय पर ताला जड़ा हो, वो स्वच्छ कैसे हो सकता है?
ये है डीआरएम का कहना :
अंबाला मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि 2016 में चंडीगढ़ 32 वें पायदान पर था, लेकिन इस बार क्राइटेरिया के बदलाव के चलते 48वां स्थान मिला है। इस बार प्रोसेस ऑडिट स्कोर में चंडीगढ़ पिछड़ गया है।
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बता दें कि देश भर के कुल सर्वे 407 रेलवे स्टेशनों में से 10 सबसे स्वच्छ स्टेशनों का चयन किया गया। इसमें चंडीगढ़ शामिल नहीं है। इस संबंध में रेलवे के आला अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मियों की ड्रेस, मैकेनिज्म, सहित अन्य तकनीकी पहलू शामिल हैं। जिसके ऑडिट स्कोर में चंडीगढ़ सर्वे में पिछड़ गया है, लेकिन अधिकारियों के ये दावे हकीकत से परे हैं। इसकी सच्चाई अमर उजाला के रियलिटी चेक में कैमरे में कैद की गई तस्वीरें बयां कर रहीं हैं।
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स्टेशन कैंपस में घुसते ही सफाई की खुली पोल :
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले पार्किंग एरिया पड़ता है। यहां चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। उससे पांच कदम आगे बढ़ने पर जीआरपी का पुलिस बीट बॉक्स हैं। जिसमें भी गंदगी का अंबार लगा हैं। बीट बॉक्स के ठीक सामने रेलवे स्टेशन का ब्यूटीफिकेशन एरिया। इस पर लाखों रुपये खर्च भी किए गए, लेकिन साफ सफाई के अभाव में इसकी सुंदरता दम तोड़ रही है।
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प्लेटफार्म नंबर-1 पर मिली शराब की बॉटल :
सफाई का दावा करने वाले रेलवे के आला अधिकारियों को इस सच का पता ही नहीं है कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर शराब के खाली बॉटल कभी शौचालय में तो कभी प्लेटफार्म पर ऐसे ही पड़े मिल जाते हैं। इसके अलावा स्टेशन पर एस्केलेटर एरिया में चारों तरफ पक्षियों के बीट की चादर बिछी है। यहां पर सफाई कभी होती ही नहीं है। इतना ही नहीं प्लेटफार्म नंबर-3 और 4 के हालत भी कुछ ठीक नहीं है। यहां के रेलवे ट्रैक के पास वाशिंग एरिया प्लास्टिक व कूड़े से जाम पड़ा है।
शौचालय पर लगा ताला :
रेलवे स्टेशन के पंचकूला साइड पर दो शौचालय पब्लिक के लिए बनाए गए हैं। इन दोनों पर ताला जड़ा है। वहीं अधिकारी स्वच्छता की दुहाई दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि जिस स्टेशन के शौचालय पर ताला जड़ा हो, वो स्वच्छ कैसे हो सकता है?
ये है डीआरएम का कहना :
अंबाला मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि 2016 में चंडीगढ़ 32 वें पायदान पर था, लेकिन इस बार क्राइटेरिया के बदलाव के चलते 48वां स्थान मिला है। इस बार प्रोसेस ऑडिट स्कोर में चंडीगढ़ पिछड़ गया है।