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स्कूलों ने फीस बढ़ाने पर रोक के फैसले को भी नकारा, कहा- खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा
Fri, 05 Jun 2020 12:46 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 05 Jun 2020 12:46 PM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन ने बुधवार को आदेश जारी कर प्राइवेट स्कूलों के इस सत्र 2020-21 में फीस बढ़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस फैसले को लेकर पैरेंट्स की ओर से पूछे गए सवालों को अमर उजाला ने शिक्षा निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ और इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस मामिक से पूछा।
प्राइवेट स्कूल प्रशासन ने फैसले को नकारते हुए हाईकोर्ट में चैलेंज करने की बात कही है। साथ ही कहा है कि फीस लेना अधिकार है। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों को 15 जून तक की मोहलत दी गई है। नियमों की अनुपालना न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल : प्रशासन के 18 मई के फैसले के अनुसार जो परिजन 31 मई से पहले स्कूलों की ओर से सेशन की बढ़ाई हुई फीस जमा कर चुके हैं, क्या उन्हें जमा की अतिरिक्त धनराशि वापिस की जाएगी ?
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निदेशक बराड़ : नहीं.. हम फीस वापस नहीं करवा सकते। परिजनों की ओर से फीस के रूप में जमा की गई अतिरिक्त धनराशि को अगले महीनों की ट्यूशन फीस में एडजस्ट किया जाएगा।
एचएस मामिक : स्कूल किसलिए फीस रिफंड करेंगे। शिक्षा विभाग ने खुद 18 मई को आदेश जारी कर फीस लेने की अनुमति दी थी। विभाग खुद अपने आदेशों पर नहीं कायम है। फीस को लेकर तीन बार आदेश दिए जा चुके हैं, जबकि यह हमारा अधिकार है।
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प्राइवेट स्कूल प्रशासन ने फैसले को नकारते हुए हाईकोर्ट में चैलेंज करने की बात कही है। साथ ही कहा है कि फीस लेना अधिकार है। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों को 15 जून तक की मोहलत दी गई है। नियमों की अनुपालना न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
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सवाल : प्रशासन के 18 मई के फैसले के अनुसार जो परिजन 31 मई से पहले स्कूलों की ओर से सेशन की बढ़ाई हुई फीस जमा कर चुके हैं, क्या उन्हें जमा की अतिरिक्त धनराशि वापिस की जाएगी ?
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निदेशक बराड़ : नहीं.. हम फीस वापस नहीं करवा सकते। परिजनों की ओर से फीस के रूप में जमा की गई अतिरिक्त धनराशि को अगले महीनों की ट्यूशन फीस में एडजस्ट किया जाएगा।
एचएस मामिक : स्कूल किसलिए फीस रिफंड करेंगे। शिक्षा विभाग ने खुद 18 मई को आदेश जारी कर फीस लेने की अनुमति दी थी। विभाग खुद अपने आदेशों पर नहीं कायम है। फीस को लेकर तीन बार आदेश दिए जा चुके हैं, जबकि यह हमारा अधिकार है।
सवाल : परिजनों का कहना है हमारा काम बंद है, इसलिए हम पिछले कई दिनों से विरोध कर स्कूल फीस में कुछ प्रतिशत छूट की मांग कर रहे हैं।
निदेशक बराड़ : प्राइवेट स्कूल फीस में हम किसी भी प्रकार की छूट नहीं दे सकते। हमने परिजनों को राहत देते हुए इस सेशन की फीस वृद्धि पर रोक लगा दी है।
एचएस मामिक : प्रशासन के फैसले के खिलाफ हम हाईकोर्ट जाएंगे। हम फीस में किसी भी प्रकार की छूट के पक्ष में नहीं हैं। हाईकोर्ट जो फैसला करेगा, वही मान्य होगा।
सवाल : शिक्षा विभाग ने 51 स्कूलों को बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया था। क्या आदेशों की अनुपालना करने वाले स्कूलों पर कोई कार्रवाई होगी।
निदेशक बराड़ : प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों को ट्यूशन फीस की जानकारी और बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए 15 जून तक का समय दिया है। विभाग की तरफ से बैठक जारी है। 15 जून को आदेशों की अनुपालना करने वाले स्कूलों पर एक्शन लिया जाएगा।
एचएस मामिक : इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। कोर्ट जो फैसला देगा, उसे मानने को तैयार हैं। शिक्षा विभाग हमसे पढ़ाई की जगह कोर्ट-कचहरी तक के सब काम करवा रहा है। प्रशासन ने फीस के मुद्दे को ईगो बना लिया है।
निदेशक बराड़ : प्राइवेट स्कूल फीस में हम किसी भी प्रकार की छूट नहीं दे सकते। हमने परिजनों को राहत देते हुए इस सेशन की फीस वृद्धि पर रोक लगा दी है।
एचएस मामिक : प्रशासन के फैसले के खिलाफ हम हाईकोर्ट जाएंगे। हम फीस में किसी भी प्रकार की छूट के पक्ष में नहीं हैं। हाईकोर्ट जो फैसला करेगा, वही मान्य होगा।
सवाल : शिक्षा विभाग ने 51 स्कूलों को बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया था। क्या आदेशों की अनुपालना करने वाले स्कूलों पर कोई कार्रवाई होगी।
निदेशक बराड़ : प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों को ट्यूशन फीस की जानकारी और बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए 15 जून तक का समय दिया है। विभाग की तरफ से बैठक जारी है। 15 जून को आदेशों की अनुपालना करने वाले स्कूलों पर एक्शन लिया जाएगा।
एचएस मामिक : इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। कोर्ट जो फैसला देगा, उसे मानने को तैयार हैं। शिक्षा विभाग हमसे पढ़ाई की जगह कोर्ट-कचहरी तक के सब काम करवा रहा है। प्रशासन ने फीस के मुद्दे को ईगो बना लिया है।