सदन में गूंजा मामला: इंस्पेक्टर ने पूर्व सीएम हुड्डा की गर्दन में कोहनी धंसाई, विशेषाधिकार कमेटी करेगी जांच
चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस ने विधायकों को नहीं रोका, केवल उनके साथ आगे जा रहे समर्थकों को रोका था। सुरक्षा के चलते ऐसा हुआ। घटना की सीसीटीवी फुटेज हमारे पास मौजूद है।
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ चंडीगढ़ पुलिस ने धक्का-मुक्की के दौरान ज्यादा ही जोर आजमाइश कर दी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट चौक से विधानसभा परिसर में घुस रहे हुड्डा को रोकने के लिए यूटी पुलिस के इंस्पेक्टर ने उनकी गर्दन में कोहनी धंसा दी। यह देख कर हुड्डा और उनके समर्थक विधायक आगबबूला हो गए। उनका कहना है कि दो बार के मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ चंडीगढ़ पुलिस की यह बदसलूकी क्षमा योग्य नहीं है।
इस घटना से गुस्साए हुड्डा बैरिकेड तो पार कर गए लेकिन उन्होंने इंस्पेक्टर को नसीहत भी दे डाली की सरकारें आती-जाती रहती हैं। मामला यहीं नहीं थमा, हरियाणा विधानसभा में यह मामला तूल पकड़ गया और विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मामले में तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए इस मामले की जांच विशेषाधिकार समिति करेगी।
दोपहर एक बजे पूर्व सीएम हुड्डा और कांग्रेस विधायक हाईकोर्ट चौक पर एकत्रित हुए। यहां से सरकार के खिलाफ मार्च निकालते हुए आगे बढ़े। पेपर लीक, महंगाई समेत अन्य मामलों के नारे लिखी तख्ती हाथ में लिए हुड्डा जैसे ही विधानसभा के गेट पर पहुंचे तो चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया।
हुड्डा के साथ मौजूद विधायक आगे जाने की कोशिश करते रहे लेकिन पुलिस ने उनको आगे नहीं बढ़ने दिया। करीब 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद एक पुलिस इंस्पेक्टर की हुड्डा से धक्का-मुक्की हुई। इससे हुड्डा समेत दूसरे विधायक तिलमिला गए और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए।
विधानसभा में आगबबूला हुए कांग्रेस विधायक
विधायकों को रोकने का मामला विधानसभा में भी गूंजा। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि विधायकों के साथ पुलिस का ये रवैया बहुत गलत है। पूर्व स्पीकर रघुबीर कादियान ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई। बाद में खुद हुड्डा खड़े हुए और आपबीती बताते हुए कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद ने कहा कि जिससे कहोगे, जांच कराएंगे। इस पर हुड्डा ने कहा कि इस मामले को विशेषाधिकार कमेटी को सौंपा जाए।
मेरे साथ आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मेरे साथ जिंदगी में ऐसा वाकया पहले कभी नहीं हुआ। मैंने खुद सामने वाले पुलिस अधिकारी से पूछा कि क्या आप मुझे जानते हैं तो उसने जबाव दिया कि हां। इस पर मैंने कहा कि मैं आपके साथ खड़ा हो जाता हूं और विधायकों की पहचान करवाता हूं, एक-एक करके विधायकों को विधानसभा में जाने दो लेकिन फिर भी वह नहीं माना। इसके बाद हम बैरिकेड हटाकर आगे निकले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह बहुत गलत तरीका है, विधायक अगर विधानसभा में नहीं जाएगा तो कहां जाएगा।
अगर किसी ने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न हो। इस मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकारी समिति को सौंपी गई है। विधायकों के साथ ऐसा बर्ताव सहन नहीं किया जाएगा। ज्ञान चंद गुप्ता, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष।
सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला भी है लंबित
10 मार्च 2021 को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद सीएम मनोहर लाल प्रेस से बात कर रहे थे। इसी दौरान अचानक से काले झंडे लेकर पंजाब के अकाली विधायक नारेबाजी करते हुए सीएम तक पहुंच गए थे। आनन-फानन विधायकों को रोका गया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और डीजीपी से रिपोर्ट तलब की थी। डीजीपी ने दो रिपोर्ट दी। लेकिन दोनों से ही रिपोर्ट से विस अध्यक्ष संतु्ष्ट नहीं हुए। अब यह मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा गया है।