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चंडीगढ़ पीजीआई नर्सिंग स्टाफ की बॉडी मीटिंग में बोले अधिकारी- फैसला गलत है, संशोधन करें
Tue, 08 Sep 2020 12:42 PM IST
खुशबू गोयल
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 08 Sep 2020 12:42 PM IST
सार
- कोरोना वार्ड तीन महीने तक ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में उतरे नर्सिंग स्टाफ
- बोलीं- ड्यूटी के दौरान झेलनी पड़ती हैं शारीरिक और मानसिक यातनाएं
- कोरोना पॉजिटिव वार्ड में लगातार ड्यूटी करना अब हो रहा है मुश्किल
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग सोमवार को हुई, जिसमें स्टाफ नर्सों की समस्या पर विचार किया गया। पदाधिकारियों ने ऑनलाइन मीटिंग कर अपनी लंबित मांगों और नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने पीजीआई प्रशासन से नर्सिंग स्टाफ पर दया करने की गुहार लगाई। इस दौरान पीजीआई प्रशासन द्वारा आगामी 3 महीनों के लिए कोविड-वार्ड में ड्यूटी के लिए जारी किए गए लिस्ट को गलत ठहराया गया।
एसोसिएशन की अध्यक्ष हीतिका ठाकुर और जनरल सेक्रेटरी सत्यवीर सिंह डागर ने ड्यूटी लिस्ट को गलत ठहराते हुए इसमें संशोधन की मांग की। उनका कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर पर वैसे ही काफी जिम्मेदारियां और वर्क लोड है। ऐसे में 3 महीने तक लगातार कोविड-वार्ड में ड्यूटी करने से उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में 7 दिन की ड्यूटी के बाद नर्सिंग स्टाफ को 7 दिन के लिए क्वारेंटीन किया जाता है। उसके बाद उसकी नॉन कोविड एरिया में ड्यूटी लगाई जाती है।
ऐसा होने से स्टाफ तनाव मुक्त रहता है। लेकिन नए ड्यूटी लिस्ट से स्थिति बेहद दयनीय हो जाएगी। मौजूदा समय में 7 दिन की ड्यूटी के दौरान ही पीपीई किट और मास्क के कारण स्टाफ के चेहरे पर फफोले निकल रहे हैं। ऐसे में लगातार तीन महीने तक ड्यूटी करने पर स्थिति क्या होगी इसका अनुमान खुद ही लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के आदेश जारी करके नर्सिंग स्टाफ के साथ अन्याय किया जा रहा है । अगर इस तरह के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो 9 सितंबर को पीजीआई नर्सिंग स्टाफ एमएस ऑफिस का घेराव करेंगे।
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वहीं पीजीआई प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ से अपील की है कि वर्तमान की चुनौतीपूर्ण स्थिति में काम में बाधा न डालें। नर्सों की सहूलियत के लिये कई कदम उठाए गये हैं। नर्सों को आयु के आधार पर छूट के बाद नेहरू अस्पताल एक्सटेंशन में रोस्टर के आधार पर पोस्ट किया जाता है। उनकी बीमारी आदि को ध्यान में रखा गया है। उन्हें आवास, परिवहन, भोजन आदि सभी संभव सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। वर्तमान परिदृश्य में, उन्हें पोस्ट किया जाएगा।
5 दिनों की छुट्टी के साथ 7 दिनों के लिए एनएचई में और उनकी ड्यूटी शिफ्टों को आरामदायक बनाने के लिए एनएचई में प्रतिदिन 6 घंटे तक घटा दिया गया था। इसके अलावा निदेशक ने नर्सों की वर्तमान तैनाती की समीक्षा एक महीने की अवधि में करने का आदेश दिया है। नर्स तैनाती समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार को तीन सप्ताह के बाद रोस्टर की समीक्षा करने को कहा गया है। नर्सिंग एसोसिएशन के महासचिव के केंद्रीय महासचिव सत्यवीर सिंह डागर और उनकी पत्नी को भी कोविड - 19 की ड्यूटी से छूट दी गई है।
जिस एसोसिएशन का वह प्रतिनिधित्व करते है, वह एक मान्यता प्राप्त नर्स संघ नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में इस समय दो से तीन नर्स संघ हैं, जिन्हें मान्यता नहीं है। यूनियन की वजह से अस्पताल के कामकाज में बाधा आ रही है।
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एसोसिएशन की अध्यक्ष हीतिका ठाकुर और जनरल सेक्रेटरी सत्यवीर सिंह डागर ने ड्यूटी लिस्ट को गलत ठहराते हुए इसमें संशोधन की मांग की। उनका कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर पर वैसे ही काफी जिम्मेदारियां और वर्क लोड है। ऐसे में 3 महीने तक लगातार कोविड-वार्ड में ड्यूटी करने से उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में 7 दिन की ड्यूटी के बाद नर्सिंग स्टाफ को 7 दिन के लिए क्वारेंटीन किया जाता है। उसके बाद उसकी नॉन कोविड एरिया में ड्यूटी लगाई जाती है।
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ऐसा होने से स्टाफ तनाव मुक्त रहता है। लेकिन नए ड्यूटी लिस्ट से स्थिति बेहद दयनीय हो जाएगी। मौजूदा समय में 7 दिन की ड्यूटी के दौरान ही पीपीई किट और मास्क के कारण स्टाफ के चेहरे पर फफोले निकल रहे हैं। ऐसे में लगातार तीन महीने तक ड्यूटी करने पर स्थिति क्या होगी इसका अनुमान खुद ही लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के आदेश जारी करके नर्सिंग स्टाफ के साथ अन्याय किया जा रहा है । अगर इस तरह के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो 9 सितंबर को पीजीआई नर्सिंग स्टाफ एमएस ऑफिस का घेराव करेंगे।
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वहीं पीजीआई प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ से अपील की है कि वर्तमान की चुनौतीपूर्ण स्थिति में काम में बाधा न डालें। नर्सों की सहूलियत के लिये कई कदम उठाए गये हैं। नर्सों को आयु के आधार पर छूट के बाद नेहरू अस्पताल एक्सटेंशन में रोस्टर के आधार पर पोस्ट किया जाता है। उनकी बीमारी आदि को ध्यान में रखा गया है। उन्हें आवास, परिवहन, भोजन आदि सभी संभव सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। वर्तमान परिदृश्य में, उन्हें पोस्ट किया जाएगा।
5 दिनों की छुट्टी के साथ 7 दिनों के लिए एनएचई में और उनकी ड्यूटी शिफ्टों को आरामदायक बनाने के लिए एनएचई में प्रतिदिन 6 घंटे तक घटा दिया गया था। इसके अलावा निदेशक ने नर्सों की वर्तमान तैनाती की समीक्षा एक महीने की अवधि में करने का आदेश दिया है। नर्स तैनाती समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार को तीन सप्ताह के बाद रोस्टर की समीक्षा करने को कहा गया है। नर्सिंग एसोसिएशन के महासचिव के केंद्रीय महासचिव सत्यवीर सिंह डागर और उनकी पत्नी को भी कोविड - 19 की ड्यूटी से छूट दी गई है।
जिस एसोसिएशन का वह प्रतिनिधित्व करते है, वह एक मान्यता प्राप्त नर्स संघ नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में इस समय दो से तीन नर्स संघ हैं, जिन्हें मान्यता नहीं है। यूनियन की वजह से अस्पताल के कामकाज में बाधा आ रही है।