अब चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञ बोले: कोरोना की तीसरी लहर आएगी, लेकिन कितनी घातक होगी, कहना मुश्किल
देश में अब भी 40 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें कोरोना नहीं हुआ है और करीब 1.6 करोड़ ऐसे लोग हैं जो अपने तय समय में कोरोना की दूसरी डोज नहीं ले पाए हैं। ऐसे में पूरी आशंका है कि ये लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं।
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कोरोना वायरस पर आई दो रिपोर्टों ने लोगों को उलझन में डाल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति ने अक्तूबर महीने में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है जबकि आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर कहा है कि तीसरी लहर की आशंका न के बराबर है। एक रिपोर्ट डराने वाली तो दूसरी राहत देने वाली। अब सवाल है कि लोग क्या करें। दोनों ही रिपोर्ट पर पीजीआई के विशेषज्ञों से विस्तार से बात की गई।
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार का कहना है कि यदि दूसरे देशों पर नजर डालें तो पता चलता है कि कई जगह चौथी और पांचवीं लहर भी आई है। इस हिसाब से भारत में भी तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है। देश में अब भी 40 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें कोरोना नहीं हुआ है और करीब 1.6 करोड़ ऐसे लोग हैं जो अपने तय समय में कोरोना की दूसरी डोज नहीं ले पाए हैं। ऐसे में पूरी आशंका है कि ये लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं।
पूरे देश में तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां भी की जा रही हैं। अगली लहर मारक होगी या कमजोर होगी। इस बारे में फिलहाल अभी कुछ कहना मुश्किल होगा। इतना जरूर कह सकता हूं कि तीसरी लहर यदि नहीं आती है तो अचंभा होगा। ऐसी स्थिति में सलाह यही है कि लोग इस मुगालते में बिल्कुल न रहें कि कोरोना खत्म हो चुका है। सावधान और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
वैक्सीन वायरस के प्रसार पर ज्यादा प्रभाव नहीं डालता
प्रो. राजेश कुमार से जब पूछा गया कि वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कोरोना का खतरा कैसे बढ़ सकता है? इस पर उनका कहना था कि वैक्सीन सिर्फ कोरोना की गंभीरता को कम करता है, लेकिन उसके प्रसार पर ज्यादा असर नहीं डालता। इसका मतलब है कि एक शरीर से दूसरे शरीर में वायरस के जाने से रोकने में वैक्सीन प्रभावकारी नहीं है। कई ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगाई थी और इसके बावजूद वे कोरोना से ग्रसित हुए। इनसे दूसरे लोगों में भी कोरोना फैला है। मगर इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वैक्सीन से दूरी बनाएं। वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना तो हो सकता है लेकिन वह लोगों को अस्पताल जाने से रोकता है। इसके बाद कोरोना होगा तो वह सिर्फ खांसी व जुकाम तक सीमित रहेगा।
तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है : प्रो. जगतराम
पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है, लेकिन इतना तय है कि इस बार यह दूसरी लहर जितनी खतरनाक नहीं होगी। 30-35 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनमें अभी एंटीबाडीज नहीं बन पाई है, इसलिए खतरा अब भी बरकरार है। तीसरी लहर से निपटने के लिए पीजीआई के साथ चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ जुटा है कि आपात स्थितियों से निपटने में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी आड़े न आए।
ये कदम जरूर उठाएं
- तय समय में वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं
- ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
- जहां पर हवा आर-पार की सुविधा न हो, वहां जानें से बचें
- बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान रखें
- बच्चों को जंक फूड देने के बजाय उन्हें स्वास्थ्यवर्धक खाना दें