{"_id":"76544b87d2e6682fba5bef7510a76780","slug":"chandigarh-pgi-chemist-shops-patients-medicine-discount","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकान बंद, कैसे मिलेगी दवाओं पर 57 फीसदी छूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकान बंद, कैसे मिलेगी दवाओं पर 57 फीसदी छूट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Mar 2014 03:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई में ब्रांडेड दवाओं पर 57.2 प्रतिशत का फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा। पीजीआई के नेहरू ब्लाक में रेडक्रॉस कैंटीन के पास केमिस्ट शॉप को खुले दस दिन हो गए हैं, लेकिन नाम मात्र मरीजों को ही इसका फायदा मिला है।
मरीजों का कहना है कि जो डॉक्टर दवा लिखते हैं, वह शिवांगी मेडिकोज पर मिलती नहीं। कुछ मरीजों का यह भी कहना था कि उन्हें इस शॉप के बारे में पता ही नहीं है। केमिस्ट शॉप के संचालक का कहना है कि पीजीआई के डाक्टर साल्ट की बजाय ब्रांड लिख रहे हैं। मरीजों को उसी ब्रांड की दवा चाहिए, जो डॉक्टर ने लिखी है।
कई डॉक्टर तो लोकल ब्रांड की भी दवा लिख देते हैं। लोकल ब्रांड की दवा भी शॉप पर नहीं है। केमिस्ट शॉप के संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि केमिस्ट एसोसिएशन के बायकॉट की वजह से उन्हें लोकल ब्रांड की दवा खरीदने में भी परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
इस बारे में पीजीआई का कहना है कि नार्म्स के मुताबिक केमिस्ट शॉप को सभी दवा रखनी होंगी और सभी पर छूट भी देनी होगी। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी
आठ हजार रुपये है किराया:
पीजीआई ने पिछले साल इस शॉप का टेंडर निकाला था। टेंडर में शर्त रखी गई थी कि ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत छूट देने पर ही यह शॉप दी जाएगी। छूट देने पर शॉप का किराया मात्र आठ हजार रुपये महीना रखा गया था, जबकि साथ में खुली अन्य दुकानों का किराया 12-14 लाख रुपये महीने पर रखा गया है।
टेंडर निकलते ही चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इतने कम रेट पर कोई दवा नहीं ले सकता है। उसके बाद शिवांगी मेडिकोज ने इसका टेंडर भरा और 50 की बजाय 57.2 प्रतिशत डिस्काउंट भरा।
रात दस बजे के बाद बंद हो जाती दुकान:
टेंडर में 24 घंटे दुकान खोलने का नार्म्स भी शामिल था, लेकिन यह केमिस्ट शॉप रात दस बजे के बाद बंद हो जाती है, जबकि अन्य दुकान रातभर खुली रहती हैं। यदि कोई मरीज रात के वक्त दवा लेने जाए तो उसे रात में डिस्काउंट भी नहीं मिल पाएगा। यह खुले तौर पर मरीजों को छूट देने के नाम पर धोखा है।
कोट्स
एसोसिएशन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, जिसे थोड़ा भी फायदा होगा वह दवा जरूर बेचेगा। आप किसी भी होल सेलर के पास जांच करवा सकते हैं।
खेम गुप्ता, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
मैं 11 मार्च को दवा लेने गया था। हार्ट की सिंपल दवा थी, लेकिन वह मिली नहीं। मैं इस बारे में पीजीआई को शिकायत भी दूंगा।
एमबी सिंह, रिटायर्ड चीफ मैनेजर एसबीआई
इस बारे में फिलहाल मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो शॉप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें सभी दवाएं रखनी होंगी और सभी पर डिस्काउंट भी देना होगा।
अरविंद राजवंशी, एस्टेट कमेटी, पीजीआई
सभी मरीजों को ब्रांडेड दवाओं पर छूट दी जा रही है। पीजीआई के डाक्टर साल्ट के बजाए ब्रांड नाम लिख रहे हैं, जिससे मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस बारे में पीजीआई को भी लेटर लिखा है।
शैलेश सनवरिया, शॉप मालिक शिवांगी मेडिकोज
विज्ञापन
मरीजों का कहना है कि जो डॉक्टर दवा लिखते हैं, वह शिवांगी मेडिकोज पर मिलती नहीं। कुछ मरीजों का यह भी कहना था कि उन्हें इस शॉप के बारे में पता ही नहीं है। केमिस्ट शॉप के संचालक का कहना है कि पीजीआई के डाक्टर साल्ट की बजाय ब्रांड लिख रहे हैं। मरीजों को उसी ब्रांड की दवा चाहिए, जो डॉक्टर ने लिखी है।
विज्ञापन
कई डॉक्टर तो लोकल ब्रांड की भी दवा लिख देते हैं। लोकल ब्रांड की दवा भी शॉप पर नहीं है। केमिस्ट शॉप के संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि केमिस्ट एसोसिएशन के बायकॉट की वजह से उन्हें लोकल ब्रांड की दवा खरीदने में भी परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
इस बारे में पीजीआई का कहना है कि नार्म्स के मुताबिक केमिस्ट शॉप को सभी दवा रखनी होंगी और सभी पर छूट भी देनी होगी। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी
आठ हजार रुपये है किराया:
पीजीआई ने पिछले साल इस शॉप का टेंडर निकाला था। टेंडर में शर्त रखी गई थी कि ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत छूट देने पर ही यह शॉप दी जाएगी। छूट देने पर शॉप का किराया मात्र आठ हजार रुपये महीना रखा गया था, जबकि साथ में खुली अन्य दुकानों का किराया 12-14 लाख रुपये महीने पर रखा गया है।
टेंडर निकलते ही चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इतने कम रेट पर कोई दवा नहीं ले सकता है। उसके बाद शिवांगी मेडिकोज ने इसका टेंडर भरा और 50 की बजाय 57.2 प्रतिशत डिस्काउंट भरा।
रात दस बजे के बाद बंद हो जाती दुकान:
टेंडर में 24 घंटे दुकान खोलने का नार्म्स भी शामिल था, लेकिन यह केमिस्ट शॉप रात दस बजे के बाद बंद हो जाती है, जबकि अन्य दुकान रातभर खुली रहती हैं। यदि कोई मरीज रात के वक्त दवा लेने जाए तो उसे रात में डिस्काउंट भी नहीं मिल पाएगा। यह खुले तौर पर मरीजों को छूट देने के नाम पर धोखा है।
कोट्स
एसोसिएशन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, जिसे थोड़ा भी फायदा होगा वह दवा जरूर बेचेगा। आप किसी भी होल सेलर के पास जांच करवा सकते हैं।
खेम गुप्ता, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
मैं 11 मार्च को दवा लेने गया था। हार्ट की सिंपल दवा थी, लेकिन वह मिली नहीं। मैं इस बारे में पीजीआई को शिकायत भी दूंगा।
एमबी सिंह, रिटायर्ड चीफ मैनेजर एसबीआई
इस बारे में फिलहाल मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो शॉप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें सभी दवाएं रखनी होंगी और सभी पर डिस्काउंट भी देना होगा।
अरविंद राजवंशी, एस्टेट कमेटी, पीजीआई
सभी मरीजों को ब्रांडेड दवाओं पर छूट दी जा रही है। पीजीआई के डाक्टर साल्ट के बजाए ब्रांड नाम लिख रहे हैं, जिससे मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस बारे में पीजीआई को भी लेटर लिखा है।
शैलेश सनवरिया, शॉप मालिक शिवांगी मेडिकोज