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चंडीगढ़ः पीजीआई को देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान का अवार्ड, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Jun 2018 09:47 AM IST
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सर्वश्रेष्ठ संस्थान अवार्ड
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शराब और ड्रग्स की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पीजीआई को बेस्ट रिसर्च एंड इनोवेशन श्रेणी के तहत सर्वश्रेष्ठ संस्थान का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से संस्थान के प्रोफेसर अजीत अवस्थी व प्रोफेसर देवाशीष बसु को प्रदान किया गया।
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. जगत राम ने बताया कि वह यह खबर सुनकर वह खुशी से झूम उठे। उन्होंने पिछले 30 साल की कड़ी मेहनत के लिए डीडीटीसी की पूरी टीम को बधाई दी। उनका कहना है कि यह हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि हम राष्ट्रीय पुरस्कार लाने में सक्षम हो सके हैं। इससे पहले 2013 में डीडीटीसी को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से उत्कृष्टता केंद्र घोषित किया गया था।
पिछले 30 साल में डीडीटीसी ने मांग के सापेक्ष कमी के अपने जनादेश का पीछा किया है। प्राथमिक से तृतीयक देखभाल के लिए प्रशिक्षित मानव शक्ति का निर्माण किया। हर क्षेत्र में एक विस्तृत शृंखला को कवर करने वाले उच्च गुणवत्ता वाले अभिनव शोध का संचालन किया है। डीडीटीसी संकाय को व्यसन मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के लिए राज्य सरकारों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सम्मान प्राप्त हुआ है।
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डीडीटीसी ने जनवरी 2014 में देश का पहला व्यसन मनोचिकित्सा में सुपर स्पेशिलियटी कोर्स डीएम शुरू किया था। इसमें महत्वपूर्ण परामर्श, तकनीकी इनपुट, पेशेवरों का प्रशिक्षण और डी-व्यसन सेवाओं का एक व्यापक मॉडल प्रदान किया है, जिसे सरकार की ओर से लागू किया जा रहा है।
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पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. जगत राम ने बताया कि वह यह खबर सुनकर वह खुशी से झूम उठे। उन्होंने पिछले 30 साल की कड़ी मेहनत के लिए डीडीटीसी की पूरी टीम को बधाई दी। उनका कहना है कि यह हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि हम राष्ट्रीय पुरस्कार लाने में सक्षम हो सके हैं। इससे पहले 2013 में डीडीटीसी को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से उत्कृष्टता केंद्र घोषित किया गया था।
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पिछले 30 साल में डीडीटीसी ने मांग के सापेक्ष कमी के अपने जनादेश का पीछा किया है। प्राथमिक से तृतीयक देखभाल के लिए प्रशिक्षित मानव शक्ति का निर्माण किया। हर क्षेत्र में एक विस्तृत शृंखला को कवर करने वाले उच्च गुणवत्ता वाले अभिनव शोध का संचालन किया है। डीडीटीसी संकाय को व्यसन मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के लिए राज्य सरकारों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सम्मान प्राप्त हुआ है।
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डीडीटीसी ने जनवरी 2014 में देश का पहला व्यसन मनोचिकित्सा में सुपर स्पेशिलियटी कोर्स डीएम शुरू किया था। इसमें महत्वपूर्ण परामर्श, तकनीकी इनपुट, पेशेवरों का प्रशिक्षण और डी-व्यसन सेवाओं का एक व्यापक मॉडल प्रदान किया है, जिसे सरकार की ओर से लागू किया जा रहा है।