सुविधा : कोरोना में भी कम नहीं हुई विदेश जाने की चाह, लॉकडाउन में चंडीगढ़ में बने रिकॉर्डतोड़ पासपोर्ट
- चंडीगढ़ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने 2020 में बनाए 3.67 लाख पासपोर्ट
- विशेष यानों से चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब के विद्यार्थी विदेश भी जा रहे, ऑनलाइन मिल रहा है वीजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना ने हर किसी के पांव रोकने की कोशिश की। लॉकडाउन में पूरा देश भी लॉक रहा, लेकिन जैसे ही खुला तो जिंदगी खिलखिलाने लगी। देश ही नहीं, विदेशों में भी जरूरी कार्यों के लिए लोग जाने लगे। चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब के लोगों की विदेश जाने की चाह को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने आसान बनाया। कोरोना काल में विभाग ने 3.67 लाख लोगों के पासपोर्ट बनाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया।
इस दौरान 20 फीसदी से अधिक लोगों ने विदेशों में जरूरी कार्यों के लिए यात्रा की। इनमें सर्वाधिक संख्या विद्यार्थियों की रही। अब पासपोर्ट कार्यालय लोगों के घर जा रहा है। यानी ऑनलाइन ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। पासपोर्ट की राह में कोरोना बाधा नहीं बन पा रहा है। पिछले साल मई तक लॉकडाउन रहा। जून में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने कार्य शुरू किया।
अवकाश के दिनों में भी बनाए गए पासपोर्ट
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत ही लोगों को पासपोर्ट बनाकर दिए गए। जून में पासपोर्ट कार्यालय की ओर से अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती की गई जो ऑनलाइन ही पासपोर्ट तैयार करेंगे, उस पर काम हुआ। लोगों की ऑनलाइन काउंसलिंग के बाद एक सप्ताह के अंदर पासपोर्ट उनके घरों तक पहुंचाए गए। यही नहीं, अवकाश के दिनों में भी उन लोगों के पासपोर्ट बनाकर दिए गए, जिनके विदेश में कोई रिश्तेदार फंसे थे। इस पहल को काफी सराहा गया।
पिछले साल विभाग को 3.51 लाख लोगों के आवेदन मिले थे। इसमें पासपोर्ट बनाने से लेकर कई अन्य सेवाएं ली गई थीं। विभाग ने इस लक्ष्य को पार किया। वर्तमान में विभाग ऑनलाइन प्रणाली से ही पासपोर्ट बना रहा है। प्रतिदिन 2000 से अधिक पासपोर्ट लोगों को भेजे जा रहे हैं। साथ ही हर दिन 70 से अधिक लोगों की वीडियो कांफ्रेंसिंग की जा रही है।
इनको मिला पासपोर्ट का लाभ
ये हैं पासपोर्ट के आंकड़े
माह पिछले साल बनाए गए पासपोर्ट
जून 14254
जुलाई 21001
अगस्त 34985
सितंबर 28160
अक्तूबर 22782
नवंबर 30532
दिसंबर 20945
पिछले साल कोरोना काल में 3.67 लाख लोगों के पासपोर्ट बनाए गए। कोरोना को पासपोर्ट की राह में आड़े नहीं आने दिया, जितने आवेदन आए सभी को निस्तारित किया गया। पढ़ाई के उद्देश्य से विद्यार्थी विदेश भी विशेष विमानों से जा रहे हैं। विभाग अब भी ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए लोगों की काउंसलिंग करके पासपोर्ट जारी कर रहा है। मेरी लोगों से अपील है कि वे ऑनलाइन ही संपर्क साधें, सभी सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराएंगे, कार्यालय फिलहाल न आएं। जरूरी हो तो पहले ऑनलाइन मिलने की तिथि लें। -शिबास कविराज, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी