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दिल्ली NCR में पटाखों पर लगा बैन, ट्राइसिटी के लोगों की प्रतिक्रियाएं

Sat, 26 Nov 2016 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 26 Nov 2016 10:23 AM IST
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chandigarh panchkula mohali people reactions on ban on crackers in delhi ncr by supreme court
दीवाली पर आतिशबाजी
दिल्ली और एनसीआर में अब दिवाली और अन्य मौकों पर पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्राइसिटी की प्रतिक्रिया देखिए। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।
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इस साल दिवाली पर दिल्ली के साथ ही चंडीगढ़ और साथ लगते इलाकों में पिछले सालों के मुकाबले अधिक ध्वनि और वायु प्रदूषण ने लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ा दी थीं। पटाखों से 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सात लोगों ने हमेशा के लिए आंखों की रोशनी खो दी।
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अमर उजाला ने एनसीआर में पटाखों पर बैन को लेकर शहरवासियों से उनकी राय जानी। मेयर अरुण सूद का कहना है कि पटाखों पर पाबंदी लगाने से पहले शहरवासियों की राय लेनी चाहिए। इस पर खुलकर डिबेट होनी चाहिए। उनका कहना है कि जिससे ज्यादा प्रदूषण होता है उन पटाखों पर तो पाबंदी लगनी ही चाहिए।
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पूरी तरह से बैन होने चाहिए, कागजों में न रहे फैसला

chandigarh panchkula mohali people reactions on ban on crackers in delhi ncr by supreme court
खरीदारी पूरी, अब धूम-धड़ाके की बारी
फासवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि वह पटाखे पूरी तरह से बैन कर देने चाहिए जो सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। उनका कहना है कि नियम सिर्फ कागजों तक ही रहते हैं। इस समय शहर में प्रदूषण को कम करने ने पॉलिथीन पर पाबंदी है, लेकिन इसके बावजूद शहर में पॉलिथीन का जमकर प्रयोग हो रहा है।

बलजिंदर सिंह का कहना है कि पटाखों पर पाबंदी लगाने के लिए प्रशासन को आरडब्लयूए की मदद लेनी चाहिए। व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ हाई क्वालिटी के ही पटाखे बेचने की मंजूरी देनी चाहिए।

उनका कहना है कि बाजार में वहीं पटाखे बिकने के लिए आएं जिसे प्रशासन पहले से चेक कर ले। सेक्टर-40ए की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दलविंदर सैनी का कहना है कि दीपावली के बाद दो से तीन दिन तो हवा में बुरी तरह से प्रदूषण हो जाता है। उनका कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर यहां पर भी पटाखों पर पाबंदी लगा देनी चाहिए।

 

अधिकारियों ने कुछ ऐसे व्यक्त की प्रतिक्रिया

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firecrackers
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली और एनसीआर में पटाखों पर बैन लगना पूरे देश के लिए सबसे बड़ी खबर है। सिटी ब्यूटीफुल में भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी है। पटाखे चलने से अब पूरी तरह आबोहवा धूषित हो चुकी है। इनका पूरे देश में बंद होना ही अब अति आवश्यक हो गया है
- मौलाना मोहम्मद इमरान, प्रिंसिपल मदरसा मनीमाजरा

पटाखे चलाने के लिए अब कहीं भी जगह नहीं है। शहर की हर सड़क और गली में गाड़ियों की लाइनें लगीं हैं। ऐसे में पटाखे चलने आबोहवा के साथ इन गाड़ियों के लिए भी नुकसान देह हो सकते हैं। इसलिए दिल्ली के बाद अब चंडीगढ़ में भी पटाखों पर बैन लग जाना चाहिए।
- डॉ. भानू महेंद्रू

पूरे हिंदुस्तान में बंद होने चाहिए पटाखे। सुप्रीम कोर्ट का सही निर्णय है। चंडीगढ़ में भी पूरी तरह से बैन होना चाहिए। पटाखों का काम ही प्रदूषण फैलाना है। यह पर्यावरण को बिगाड़ने का काम करता है। पटाखा उद्योग में लगे वर्करों को कहीं और लगाया जाना चाहिए ताकि उनकी रोजी रोटी पर असर न पड़े।
- एमएन शुक्ला, शिक्षाविद

पटाखों से बीमारों को आराम नहीं मिलता। चंडीगढ़ में पूरी तरह से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की रियायत नहीं मिलनी चाहिए।
- सीआर अरोड़ा, रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर

सुप्रीमकोर्ट का फैसला सराहनीय है। इसके बारे में लोगों को खुद से कदम उठाने चाहिए थे। प्रदूषण फैलाने वाले दूसरे मुख्य माध्यमों पर भी कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि प्रदूषण के लिए सिर्फ पटाखे ही जिम्मेदार नहीं है। चंडीगढ़ में भी पटाखों पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
- रविंद्रा खैवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, इन्वायरमेंट विंग स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई
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