कोरोना के खिलाफ जंग: एक-दूसरे की मदद करेंगे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला, हफ्ते में दो बार अधिकारी करेंगे बैठक
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिकारियों में सहमति बनी कि ट्राइसिटी के तीनों प्रशासन अब कोरोना मरीजों के इलाज में मिल-जुलकर काम करेंगे। आपात स्थिति में न केवल वेंटिलेटर, बल्कि ऑक्सीजन व दवाओं के लिए भी एक-दूसरे की मदद करनी होगी।
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अब कोरोना से लड़ने में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली एक-दूसरे की मदद करेंगे। मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्राइसिटी में समान रणनीति बनाने के लिए अपने सलाहकार मनोज परिदा, पंजाब मुख्य सचिव विनी महाजन और हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन के साथ बैठक की। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यह बैठक पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर बुलाई गई थी।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिकारियों में सहमति बनी कि ट्राइसिटी के तीनों प्रशासन अब कोरोना मरीजों के इलाज में मिल-जुलकर काम करेंगे। आपात स्थिति में न केवल वेंटिलेटर, बल्कि ऑक्सीजन व दवाओं के लिए भी एक-दूसरे की मदद करनी होगी।
तीनों प्रशासन आपस में साझी रणनीति तय करेंगे और हर हफ्ते एक विस्तृत कार्य योजना बनाएंगे। हफ्ते में दो बार होने वाली वॉर रूम की बैठक के अलावा अब चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर हफ्ते में दो बार ऑनलाइन बैठक करेंगे और कोरोना की स्थिति को देखते हुए उसके अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बैठक का मकसद यह होगा कि ट्राइसिटी में लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाने जैसे फैसले एक जैसे ही हों, ताकि आपस में तीनों प्रशासन का को-ऑर्डिनेशन बना रहे।
इसी तरह चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला के स्वास्थ्य निदेशक हफ्ते में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोविड मरीजों के इलाज को लेकर एक समान रणनीति पर चर्चा व योजना तय करेंगे। पीजीआई इन तीनों निदेशकों को कोविड मरीजों के इलाज व अन्य मेडिकल सलाह को लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगा।
हाईकोर्ट से करेंगे मांग- पीजीआई को मिले अतिरिक्त पांच एमटी ऑक्सीजन
बैठक में यह भी तय हुआ कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि पीजीआई में कोविड काल के दौरान इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन सप्लाई का कोटा पांच मीट्रिक टन अलग से दिया जाए, ताकि पीजीआई में ऑक्सीजन की कमी न हो।
बैठक में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि पीजीआई की अगुवाई में चंडीगढ़ न केवल शहरवासियों बल्कि कई राज्यों के मरीजों का अपने यहां इलाज कर रहा है। प्रशासक ने कहा कि वह लगातार पंजाब-हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के संपर्क में रहते हैं, ताकि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए एक साझी रणनीति बन सके।
हरियाणा व पंजाब के मुख्य सचिव और प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की बातों पर सहमति जताई। तीनों अधिकारियों ने कोविड महामारी पर काबू पाने के लिए साझे तौर पर काम करने और एक दूसरे की मदद करने का हर मामले में आश्वासन दिया।