अब हरियाणवी छोरों पर विदेश जाने का जुनून, किसी ने जमीन बेची, किसी ने लोन लिया, फिल्म में झलका दर्द
कोई जमीन बेचकर तो कोई मां-बाप को लोन के बोझ में डाल कर विदेश जा रहा है। यह हाल पंजाब के युवाओं का नहीं, बल्कि अब हरियाणवी छोरों का हो गया है। मां-बाप को अकेले छोड़कर हरियाणा के युवाओं पर इन दिनों विदेश जाने की होड़ लग गई है। इस मुद्दे को चंडीगढ़ के छह युवा फिल्म मेकर ने अपनी लघु फिल्म ‘देखा-देखी‘ में छुआ है।
इस फिल्म ने हरियाणा इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन की ओर से आयोजित ऑनलाइन फिल्म कंपीटिशन में दूसरा इनाम जीता है। इसके अलावा इस ग्रुप ने ‘सोल्जर अंकल’ फिल्म के लिए भी दूसरा इनाम जाता है। इस फिल्म की छोटी अभिनेत्री मोहिनी तंवर ने बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का इनाम जीता है।
कोरोना के दौरान तैयार की फिल्म : राहुल
फिल्म मेकर राहुल ने बताया कि इन दोनों लघु फिल्मों की शूटिंग कोरोना वायरस के दौर में ही की गई। इस ऑनलाइन कंपीटिशन के लिए देश भर से एंट्री आईं थीं। राहुल ने बताया कि इसकी थीम सभी को बेहद पसंद आई। हरियाणा इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन की ओर से हरियाणा थीम पर फिल्मों की एंट्री मांगी थी। इन फिल्मों को इन छह दोस्तों ने अपनी पॉकेट मनी से शूट किया।
सपने को पूरा करने के लिए विदेश की सोचते हैं दो भाई
‘देखा-देखी’ की शूटिंग कोविड- 19 के दौरान सरकार के नियमों का ध्यान रखते हुए की गई थी। कहानी का अंदाजा फिल्म के नाम से लगाया जा सकता है। यह दो भाइयों की कहानी है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेश जाने की सोचते हैं। कहानी में उनके संघर्ष को दिखाया गया।
इसमें रमनदीप यादव, रुद्र और शिवम ढल्ल ने अभिनय किया है। खुशमीत रहेजा इसके निर्माता और एसएस सिद्धू निर्देशक रहे। प्रोडक्शन मैनेजर और डायलॉग लेखक शिवम ढल्ल हैं। निर्देशन अंकन सरवटा का रहा। वहीं ‘सोल्जर अंकल’ की कहानी एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक रिपोर्टर को इंटरव्यू देने वाली है।
इस कहानी के जरिये शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखने और सिपाहियों का धन्यवाद करने का संदेश दिया गया। इस लघु फिल्म का निर्देशन, स्क्रीन प्ले और संपादन कंवर पाल कंबोज ने किया। संजय भट्ट ने इसको लिखा है। इसके अलावा सहायक निर्देशक तुषार महाजन रहे। फिल्म में सार्वर अली, अर्पन मति, मोहिनी और रिंकी सिंगला ने अभिनय किया।