जेईई मेन्स की बाधा पार... अब जेईई एडवांस फतेह को तैयार, पढ़ें- टॉपर्स के इंटरव्यू
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जेईई मेन्स में अव्वल आने वाले छात्र अपनी कामयाबी से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि परिजनों के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन से कामयाबी हाथ लगी है। अच्छे करिअर की तमन्ना लिए छात्र अब अगले पड़ाव को और अच्छे ढंग से पार करना चाहते हैं। वह जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं। आइए जानते हैं क्या कहते हैं अव्वल रहे छात्र...
कोरोना ने किया विचलित.. लेकिन पढ़ाई पर रहा फोकस
मोहाली के सेक्टर- 70 के रहने वाले कुंवर प्रीत सिंह की तमन्ना कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर इंजीनियर बनने की है। उनकी पर्सेंटाइल 99.9972 है। वह जेईई एडवांस की तैयारी में जुटे हैं। उसी के जरिए आईआईटी में एडमिशन लेंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना ने विचलित किया लेकिन फोकस पढ़ाई पर रहा।
डॉ. जसपाल के बेटे कुंवरप्रीत सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी पिता से प्रेरणा ली है। उनके पिता भी इंजीनियर हैं और उनकी माता भी। उनके पिता एक शिक्षक की भूमिका में भी हैं। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर- 35 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। मार्च में उन्होंने परीक्षा दी थी। उन्होंने बताया कि दसवीं से ही वह इसकी तैयारी में लगे थे। कोचिंग सेंटर का भी सहारा लिया और आगे बढ़े।
कार्तिक ने मोबाइल से बनाई दूरी... छू ली सफलता की सीढ़ी
भवन विद्यालय पंचकूला से इंटरमीडिएट करने वाले अमृतसर के कार्तिक शर्मा ने सफलता का राज बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास फोन नहीं है और फोन से दूरी बनाने से ध्यान पढ़ाई में अधिक लगा। उनका कहना है कि वह जेईई एडवांस की परीक्षा पास कर बीटेक करेंगे और आईआईटी के जरिये बेहतर इंजीनियर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है। उनके पिता हरीश शर्मा एसबीआई में मुख्य प्रबंधक हैं। वह अमृतसर में ही नौकरी कर रहे हैं। तीन साल पहले वह चंडीगढ़ में तैनात थे। उस समय कार्तिक शर्मा ने भवन विद्यालय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद जेईई की परीक्षा अमृतसर से दी। मोहाली के कोचिंग सेंटर से कोचिंग ली थी। उन्हें 99.9985 पर्सेंटाइल मिले हैं। उन्होंने दूसरी बार यह परीक्षा दी थी। उनकी बहन भी इंजीनियर हैं। उन्हीं से प्रेरणा मिली है। इस समय जेईई एडवांस की तैयारी में जुटे हैं।
चंडीगढ़ में रहकर तैयारी करने वाले देहरादून के बशार के हाथ दो साल बाद लगी सफलता
उत्तराखंड के देहरादून जीएमएस रोड के निवासी बशार अहमद ने जेईई मेन में 99.9930 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त किए हैं। उनका सपना जेईई एडवांस की परीक्षा पास कर इंजीनियर बनने का है। उनके भाई भी इंजीनियर हैं। बशार अहमद के पिता अतीक अहमद ओएनजीसी में जिओलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। माता हेमा अहमद गृहिणी हैं। बशार की सफलता पर माता-पिता खुश हैं। उन्होंने बताया कि उनकी इंटर की पढ़ाई सेमफोर्ड डूम देहरादून से हुई है। वह मोहाली में हॉस्टल में रहे और जेईई की कोचिंग की। दो साल की मेहनत के बाद सफलता हाथ लग गई। इस समय वे जेईई एडवांस की तैयारी में व्यस्त हैं।
अनाद कौर ने 10 घंटे पढ़ाई कर भेद दिया लक्ष्य
पंजाब के बठिंडा जिले लहरा मुहब्बत क्षेत्र की अनाद कौर ने 99.9536 पर्सेंटाइल अंक पाए हैं। उनकी तमन्ना भी इंजीनियर बनने की है। वह आईआईटी में दाखिला लेना चाहती हैं। उनको यह प्रेरणा उनके पिता इंजीनियर बलजिंदर सिंह से मिली है। वह भी पंजाब के पीएसपीसीएल में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के पद पर तैनात हैं।
अनाद कौर ने कहा कि उसकी इंटर तक की पढ़ाई उनके गृह जनपद बठिंडा में हुई है। वह दो साल मोहाली में रहीं और जेईई की कोचिंग ली। कोचिंग काम आई और रिजल्ट भी बेहतर आया। अपने अंकों से वह खुश हैं। उन्होंने कहा कि माता जसदीप कौर का इस सफलता में बड़ा हाथ रहा है। उनकी मां ने बताया कि हर दिन अनाद कौर आठ से दस घंटे पढ़ाई को देती थीं। पिता बलजिंदर सिंह ने बताया कि बेटी की सफलता पर खुश हैं। अनाद का कहना है कि लक्ष्य निर्धारित कर विद्यार्थियों को उसके मुताबिक पढ़ाई करनी चाहिए।