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चंडीगढ़: 30 साल का हुआ सेक्टर-32 अस्पताल, वार्षिक दिवस पर छात्राओं ने नृत्य कर किया धमाल

Fri, 10 Sep 2021 12:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 10 Sep 2021 12:52 PM IST
सार

जीएमसीएच-32 में एक नई वायरस अनुसंधान और नैदानिक प्रयोगशाला (वीआरडीएल) भी माइक्रोबायोलॉजी (ब्लॉक-ई) विभाग में स्थापित की गई है। अभी तक आरटीपीसीआर की जांच पुरानी लैब में ही होती थी। मरीजों और चिकित्सकों को संक्रमण मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए पल्मोनरी मेडिसिन ओपीडी का नवीनीकरण किया गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ब्लॉक-जे में एक नई स्किल लैब स्थापित की गई है। यूजी और पीजी के छात्र इस सुविधा से अपने कौशल को समृद्ध करेंगे।

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Chandigarh news GMCH 32 completes 30 years
जीएमसीएच 32 अस्पताल

विस्तार

जीएमसीएच-32 के 30 साल पूरे हो चुके हैं। इस खुशी में गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन ने वार्षिक दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में डॉक्टरों की कमी, गैर-संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को रोकने की आवश्यकता, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती जरूरतों की ओर ध्यान आकर्षित किया। 

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धर्मपाल ने विशेष रूप से स्थानीय मुद्दों से संबंधित अनुसंधान के महत्व पर भी जोर दिया। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण देश की विविधता और मिश्रित संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राज्यों में फैले शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन और एक स्किट रहा।
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उन्होंने कहा कि जीएमसीएच-32 ने न केवल चंडीगढ़ के नागरिक, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की हैं। इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों को बधाई दी। इस अवसर पर प्रशासक के सलाहकार ने जीएमसीएच-32 में जोड़ी गई विभिन्न सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसमें अस्पताल में वीआरडीएल लैब, स्किल लैब, रेस्पिरेटरी आईसीयू और पल्मोनरी मेडिसन ओपीडी शामिल हैं। इन क्षेत्रों का निर्माण और नवीनीकरण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। गंभीर फेफड़ों और सांस संबंधी रोगियों को व्यापक उपचार प्रदान करने के लिए ब्लॉक ए में एक अलग रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट स्थापित की गई है।

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जीएमसीएच में जल्द बनेगा 300 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र
निदेशक प्रो. जसबिंदर कौर ने पिछले एक साल के दौरान संस्थान व अस्पताल में बढ़ी सुविधाओं का ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा कि जीएमसीएच आज देश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 8वें स्थान पर है। जीएमसीएच की वर्तमान बेड क्षमता 980 है, जिसमें साउथ कैंपस सेक्टर-48 के 122 बेड भी शामिल हैं। 200 बेड वाले इमरजेंसी कम ट्रॉमा ब्लॉक का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। इससे आपातकालीन सेवाओं में सुधार होगा। लगभग 300 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र को 100 दिनों की प्राथमिकता सूची में जोड़ा गया है और ड्राइंग को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मौजूदा पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों के अलावा जीएमसीएच-32 में 800 एलपीएम क्षमता का एक और संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

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