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पंचकूला, बरवाला, रायपुर रानी में मुर्गियां मारने के आदेश पर रोक, सरकार को नोटिस
Wed, 20 Jan 2021 12:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:40 AM IST
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को हरियाणा पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन बरवाला द्वारा पंचकूला, बरवाला और रायपुर रानी में सभी मुर्गियां मारने और पोल्ट्री फीड नष्ट करने के डीसी के आदेश पर रोक लगा दी। मरी मुर्गियों में बर्ड फ्लू का वायरस मिलने पर डीसी ने तीनों जगह सभी मुर्गियां मारने के निर्देश दिए थे ।
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हरियाणा पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह व मेसर्स नरिंदर पोल्ट्री फार्म द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने इस संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं ने पंचकूला के डीसी की ओर से 11 जनवरी, 2020 को जारी आदेश को रद्द करने के की मांग की थी।
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याचिका में बताया गया कि डीसी ने बरवाला, पंचकूला, रायपुर रानी के पोल्ट्री फार्मों को अलर्ट जोन के दायरे में मानते हुए एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) को नियंत्रित करने के लिए सभी मुर्गियां मारने के निर्देश दिए थे। याचिका में उचित मुआवजे की मांग करने के साथ ही बर्ड फ्लू को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को दी गई असीमित शक्तियों को भी रद्द करने की मांग की गई।
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याचिका में बताया गया कि बगैर किसी जांच के बर्ड फ्लू की पुष्टि के स्थल से एक किलोमीटर के क्षेत्र में सभी मुर्गियां मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश पशु अधिनियम 2009 के खिलाफ है। याचिका में यह निर्देश देने की भी मांग की गई कि अधिकारी पोल्ट्री फीड को नष्ट न करें। कहा गया कि अधिकारी पोल्ट्री फीड नष्ट करने में जुटे हुए हैं और ऐसे मुर्गे जो संक्रमित नहीं हैं, उनको भी मारा जा रहा है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि मुर्गों को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। एसोसिएशन ने कोर्ट को यह भी बताया कि क्षतिपूर्ति के नुकसान का मूल्यांकन करने की वर्तमान विधि अनुचित व गलत है। उनको उचित मुआवजा देने का आदेश भी दिया जाए।