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बाल भवन चंडीगढ़ की बदहाली होगी दूर, प्रपोजल में जानिए क्या-क्या?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 Jan 2017 06:31 PM IST
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बाल भवन चंडीगढ़
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बाल भवन चंडीगढ़ की बदहाली दूर होगी अब। इसके लिए निगम ने प्रपोजल तैयार कर लिया है। 15 फरवरी तक बाल भवन के ऑडिटोरियम और ओपन एयर थिएटर की मेंटेनेंस करने की समयसीमा तय की गई है। बुधवार को होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, सोशल वेलफेयर सेक्रेटरी डॉ. एसबी दीपक कुमार, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और कल्चर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बाल भवन का दौरा कर ग्राउंड लेवल की हकीकत को जाना।
होम सेक्रेटरी अग्रवाल ने 15 फरवरी तक बाल भवन की सूरत बदलने के आदेश दिए हैं। मेंटेनेंस के बाद बाल भवन की बुकिंग भी सेंट्रलाइज्ड होगी। ट्रैगोर थिएटर के तहत ही इसकी भी बुकिंग होगी। अभी टैगोर थिएटर में तो महीने की एडवांस्ड बुकिंग रहती है, लेकिन बाल भवन को इतनी बुकिंग नहीं मिल पाती। प्रशासन की कोशिश है कि इसको भी बेहतर बनाकर लोगों के ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाए।
बाल भवन को अलग से बजट भी नहीं मिलता है। इस कारण इसकी मेंटेनेंस भी नहीं हो पाती। जबकि टैगोर थिएटर के लिए हर साल बजट मिलता है। फिलहाल बाल भवन कई सालों से अनदेखी का शिकार है। ऑडिटोरियम में तीन साल से नए एसी तो लगे हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए बिजली का लोड ही नहीं बढ़वाया गया है। वहीं, आडिटोरियम में और भी कई कमियां हैं। इसके अलावा ओपन एयर थिएटर में कई जगर्ह इंटें उखड़ी हुई हैं।
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200 तक की टिकट पर नहीं लगेगा एंटरटेनमेंट टैक्स
प्रशासन ने कला प्रेमियों को राहत देते हुए टैगोर थियेटर में आयोजित होने वाली परफार्मेंस पर अब एंटरटेनमेंट टैक्स से छूट दे दी है। हालांकि यह छूट 200 रुपये तक की टिकट वाली परफोर्मेंस पर ही लागू होगी। इससे महंगी टिकटों पर एंटरटेनमेंट टैक्स पहले की तरह जारी रहेगा। पंजाब एंटरटेनमेंट ड्यूटी एक्ट-1955 के तहत अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने छूट देने के आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक लोगों को टिकटों वाली परफोर्मेंस के लिए अलग से एंटरटेनमेंट टैक्स चुकाना पड़ता था।'
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होम सेक्रेटरी अग्रवाल ने 15 फरवरी तक बाल भवन की सूरत बदलने के आदेश दिए हैं। मेंटेनेंस के बाद बाल भवन की बुकिंग भी सेंट्रलाइज्ड होगी। ट्रैगोर थिएटर के तहत ही इसकी भी बुकिंग होगी। अभी टैगोर थिएटर में तो महीने की एडवांस्ड बुकिंग रहती है, लेकिन बाल भवन को इतनी बुकिंग नहीं मिल पाती। प्रशासन की कोशिश है कि इसको भी बेहतर बनाकर लोगों के ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाए।
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बाल भवन को अलग से बजट भी नहीं मिलता है। इस कारण इसकी मेंटेनेंस भी नहीं हो पाती। जबकि टैगोर थिएटर के लिए हर साल बजट मिलता है। फिलहाल बाल भवन कई सालों से अनदेखी का शिकार है। ऑडिटोरियम में तीन साल से नए एसी तो लगे हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए बिजली का लोड ही नहीं बढ़वाया गया है। वहीं, आडिटोरियम में और भी कई कमियां हैं। इसके अलावा ओपन एयर थिएटर में कई जगर्ह इंटें उखड़ी हुई हैं।
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200 तक की टिकट पर नहीं लगेगा एंटरटेनमेंट टैक्स
प्रशासन ने कला प्रेमियों को राहत देते हुए टैगोर थियेटर में आयोजित होने वाली परफार्मेंस पर अब एंटरटेनमेंट टैक्स से छूट दे दी है। हालांकि यह छूट 200 रुपये तक की टिकट वाली परफोर्मेंस पर ही लागू होगी। इससे महंगी टिकटों पर एंटरटेनमेंट टैक्स पहले की तरह जारी रहेगा। पंजाब एंटरटेनमेंट ड्यूटी एक्ट-1955 के तहत अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने छूट देने के आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक लोगों को टिकटों वाली परफोर्मेंस के लिए अलग से एंटरटेनमेंट टैक्स चुकाना पड़ता था।'