वित्तीय संकट का असर: पहली बार रोज फेस्टिवल कराने के लिए निजी कंपनी का सहारा लेगा चंडीगढ़ नगर निगम
पिछली सदन की बैठक में निगम एक करोड़ 11 लाख रुपये में रोज फेस्टिवल कराने का प्रस्ताव लाया था। पार्षदों ने सवाल उठाया था कि वित्तीय संकट के बीच इतना खर्च करना ठीक नहीं है।
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वित्तीय संकट का असर विकास के कार्यों के अलावा अब रोज फेस्टिवल के आयोजन पर भी दिखने लगा है। चंडीगढ़ नगर निगम ने पहली बार रोज फेस्टिवल के आयोजन के लिए निजी कंपनी का सहारा लेने की योजना बनाई है।
इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी कर दिया है। उन एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं जो फेस्टिवल की पूरी तैयारी करे और अपना पैसा भी लगाए। निगम को उम्मीद है कि अगर कोई कंपनी फेस्ट का आयोजन करती है तो निगम का पैसा बचेगा और हो सकता है कि इससे राजस्व भी प्राप्त हो।
फरवरी में होना है आयोजन
53वें रोज फेस्टिवल का आयोजन फरवरी 2025 के तीसरे या चौथे सप्ताह में होगा। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट में बताया गया है कि फेस्टिवल में विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से उद्घाटन और समापन समारोह, फ्लावर और रंगोली प्रतियोगिता, ब्रास और पाइप बैंड प्रतियोगिता, फोक डांस, फोटोग्राफी, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग और अंताक्षरी प्रतियोगिता शामिल हैं। इसके अलावा रोज प्रिंस और रोज प्रिंसेस, मिस्टर एंड मिस रोज और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिस्टर रोज किंग और रोज क्वीन जैसी प्रतियोगिताएं भी होंगी।
फेस्टिवल में हेलिकॉप्टर राइड, बेस्ट नेबरहुड पार्क प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एनजेडसीसी के कलाकारों, स्कूल और कॉलेज के बच्चों की प्रस्तुतियां, बोर्डिंग और लॉजिंग के साथ टेंटेज, सुरक्षा प्रबंध, सजावट, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी होगी। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर कंपनियों से पूछा गया है कि क्या वह ये काम कर सकते हैं। इस पर उनसे प्रपोजल मांगा गया है। अगर वो हामी भरते हैं तो उसके बाद वित्तीय प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
शॉर्टलिस्ट किए गए एजेंसियों के बाद में मांगे जाएंगे वित्तीय प्रस्ताव
निगम की योजना है कि निजी कंपनी रोज फेस्ट कराने में अपना पैसा लगाए और रोज फेस्ट में विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप, कुछ स्टॉल्स पर टिकट आदि लगाकर अपना खर्च पूरा करे। निगम विभिन्न एजेंसियों से उनका प्रस्ताव देखना चाहता है। अगर कोई एजेंसी आयोजन के साथ निगम को भी राजस्व देने को राजी होगी तो निगम का काफी पैसा बचेगा।
इच्छुक एजेंसियां अपनी निविदाएं 18 नवंबर को दोपहर 12 बजे से पहले हॉर्टिकल्चर डिवीजन के एक्सईन के कार्यालय में सील बंद लिफाफे में जमा करवा सकती हैं। उन्हें ईमेल भी करना होगा। प्राप्त ईओआई को 18 नवंबर को खोला जाएगा। चयनित कंपनियों की 20 नवंबर को सुबह 11 बजे नगर निगम में प्रेजेंटेशन होगी। शॉर्टलिस्ट किए गए एजेंसियों के वित्तीय प्रस्ताव बाद में मांगे जाएंगे।
जानकारी के लिए 0172-5039125 और 0172-5021628 पर संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक कंपनियों को अपने अनुभव, प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी, पोर्टफोलियो और टीम के सदस्यों की प्रोफाइल का विवरण भी देना होगा।
निगम निगम आयोजन करेगा तो होगा 1.11 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पिछली सदन की बैठक में निगम एक करोड़ 11 लाख रुपये में रोज फेस्टिवल कराने का प्रस्ताव लाया था। पार्षदों ने सवाल उठाया था कि वित्तीय संकट के बीच इतना खर्च करना ठीक नहीं है। पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि हर साल रोज फेस्टिवल को मनाने का खर्च बढ़ता जा रहा है। वह पिछले कई वर्षों से बोल रहे हैं कि रोज फेस्टिवल में सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि कमाई करने के तरीके भी ढूंढने चाहिए। गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि किसी एजेंसी को हायर करना चाहिए जो रोज फेस्टिवल का आयोजन करें और निगम को भी कुछ राजस्व दे। कई पार्षदों ने कहा था कि रोज फेस्टिवल एक बड़ा कार्यक्रम है। बहुत सारी कंपनियां व एजेंसियां इस फेस्ट को कर सकती हैं। इससे नगर निगम का काफी पैसा बचेगा और विज्ञापन आदि देकर वह भी कमाई कर सकती हैं। इसके बाद ही चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा था कि वह इस पर काम करेंगे।