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सदन की बैठक में बवाल, कमिश्नर बोले- पंचकूला-मोहाली वाला माहौल न बनने दें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Apr 2017 09:37 AM IST
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निगम बैठक
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नगर निगम की शुक्रवार को हुई बैठक में जब बवाल हुआ तो कमिश्नर बी पुरुषार्था ने कहा कि पंचकूला और मोहाली नगर निगम की तरह यहां का माहौल न बनने दें। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर लोगों के काम प्रभावित होंगे। मालूम हो कि इस समय पंचकूला नगर निगम में मेयर और कमिश्नर के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। जबकि मोहाली नगर निगम में डिप्टी मेयर और कमिश्नर उमा शंकर के बीच बवाल हो चुका है। उमा शंकर इस समय चंडीगढ़ नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर हैं।
कार्यकारी अभियंता बीके धवन के व्यवहार और सदन में बवाल को शांत करने के लिए कमिश्नर ने इसके लिए खुद माफी मांगी। असल में बवाल उस समय बढ़ा, जब भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने अपने सेक्टर-48 एरिया में छह घरों के बाहर बने सीवरेज को सुपर सक्सिंग मशीन से साफ करवाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वह जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बीके धवन को कई बार बता चुके हैं लेकिन धवन ने जब यह कहा कि सुपर सक्शन मशीन से गलियों की सफाई करवाने का निर्णय अधिकारी लेंगे।
जब धवन ने खुद निर्णय लेने की बात कही तो इस व्यवहार से पार्षद भड़क गए। पार्षदों ने कहा कि धवन कौन हैं, जब सदन सुप्रीम है। इस दौरान भी धवन सदन में मुस्कुराते रहे। इस कारण कई पार्षदों ने धवन के इस व्यवहार से उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान भी धवन अपनी सीट पर बैठे हंसते रहे। अधिकारियों ने कहा कि सुपर सक्सिंग मशीन से हर जगह सफाई नहीं करवाई जा सकती।
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कार्यकारी अभियंता बीके धवन के व्यवहार और सदन में बवाल को शांत करने के लिए कमिश्नर ने इसके लिए खुद माफी मांगी। असल में बवाल उस समय बढ़ा, जब भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने अपने सेक्टर-48 एरिया में छह घरों के बाहर बने सीवरेज को सुपर सक्सिंग मशीन से साफ करवाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वह जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बीके धवन को कई बार बता चुके हैं लेकिन धवन ने जब यह कहा कि सुपर सक्शन मशीन से गलियों की सफाई करवाने का निर्णय अधिकारी लेंगे।
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जब धवन ने खुद निर्णय लेने की बात कही तो इस व्यवहार से पार्षद भड़क गए। पार्षदों ने कहा कि धवन कौन हैं, जब सदन सुप्रीम है। इस दौरान भी धवन सदन में मुस्कुराते रहे। इस कारण कई पार्षदों ने धवन के इस व्यवहार से उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान भी धवन अपनी सीट पर बैठे हंसते रहे। अधिकारियों ने कहा कि सुपर सक्सिंग मशीन से हर जगह सफाई नहीं करवाई जा सकती।
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जब मोदगिल नहीं माने तब कमिश्नर ने कहा
सदन की बैठक
वहीं, भाजपा पार्षद कवरजीत राणा ने कहा कि उनके बुडैल गांव से छह माह से गटर के ढक्कन खुले पड़े हैं। इनके लिए वह कार्यकारी अभियंता बीके धवन को कई बार शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि धवन एक रात भी गांव में बिता कर दिखा दें तो वह उन्हें मान जाएंगे। कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने सदन में कहा कि धवन का व्यवहार ठीक नहीं है। वह सदन में इतना बवाल होने के बावजूद हंस रहे हैं।
भाजपा पार्षद भरत कुमार ने भी एमओएच डॉ. एमएस कंबोज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि उनके यहां पर गाय करंट लगने से मर गई थी। जब उन्होंने गाड़ी भेजने के लिए कहा तो कंबोज ने एक टूक जवाब दे दिया कि गाड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है। इंदिरा कालोनी के पार्षद विनोद अग्रवाल का कहना है कि अधिकारियों को संतोषजनक जवाब देने चाहिए।
जब मोदगिल नहीं माने तब कमिश्नर ने कहा
पार्षदों और अधिकारियों के बीच टकराव समाप्त करने के लिए कमिश्नर ने खुद माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह अशोभनीय है और ऐसा नहीं होना चाहिए था जो कुछ हुआ इस पर उन्हें दुख है। उन्होंने अधिकारियों के बारे में कहा कि वह रात 8 बजे तक काम करते रहते हैं। उन्होंने विदेश का उदाहरण देकर कहा कि वहां पर 5 बजे के बाद अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। अगर कोई फोन करता है उस पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन चंडीगढ़ नगर निगम में ऐसा नहीं है। इसके बावजूद देवेश मोदगिल ने कहा कि कमिश्नर वक्ता अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि वह जनप्रतिनिध 24 घंटे काम करने के लिए तैयार हैं। वह बेशक अपने अधिकारियों के लिए आदेश जारी कर दे कि 5 बजे के बाद फोन मत उठाएं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि अब बात समाप्त कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वह 24 घंटे कभी भी फोन उठाते हैं तो वह अपना राजनीतिक भविष्य भी बना रहे हैं।
भाजपा पार्षद भरत कुमार ने भी एमओएच डॉ. एमएस कंबोज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि उनके यहां पर गाय करंट लगने से मर गई थी। जब उन्होंने गाड़ी भेजने के लिए कहा तो कंबोज ने एक टूक जवाब दे दिया कि गाड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है। इंदिरा कालोनी के पार्षद विनोद अग्रवाल का कहना है कि अधिकारियों को संतोषजनक जवाब देने चाहिए।
जब मोदगिल नहीं माने तब कमिश्नर ने कहा
पार्षदों और अधिकारियों के बीच टकराव समाप्त करने के लिए कमिश्नर ने खुद माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह अशोभनीय है और ऐसा नहीं होना चाहिए था जो कुछ हुआ इस पर उन्हें दुख है। उन्होंने अधिकारियों के बारे में कहा कि वह रात 8 बजे तक काम करते रहते हैं। उन्होंने विदेश का उदाहरण देकर कहा कि वहां पर 5 बजे के बाद अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। अगर कोई फोन करता है उस पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन चंडीगढ़ नगर निगम में ऐसा नहीं है। इसके बावजूद देवेश मोदगिल ने कहा कि कमिश्नर वक्ता अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि वह जनप्रतिनिध 24 घंटे काम करने के लिए तैयार हैं। वह बेशक अपने अधिकारियों के लिए आदेश जारी कर दे कि 5 बजे के बाद फोन मत उठाएं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि अब बात समाप्त कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वह 24 घंटे कभी भी फोन उठाते हैं तो वह अपना राजनीतिक भविष्य भी बना रहे हैं।