फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Municipal Corporation going to take back land given for college in Manimajra

Chandigarh: मनीमाजरा में कॉलेज के लिए दी 12 एकड़ पांच कनाल जमीन वापस लेगा निगम, छह साल में काम ही नहीं हुआ

Mon, 17 Apr 2023 05:15 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 17 Apr 2023 05:15 PM IST
सार

योजना के अनुसार यह ऐसा कॉलेज बनना था, जिसमें हॉस्टल की सुविधा के साथ प्रिंसिपल का आवास भी कॉलेज के अंदर ही प्रस्तावित था लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। बता दें कि मनीमाजरा की अनुमानित जनसंख्या ढाई से तीन लाख है, लेकिन उस पूरे इलाके में एक भी कॉलेज नहीं है। इसी समस्या को देखते हुए वहां कॉलेज बनाने की योजना थी।

विज्ञापन
Chandigarh Municipal Corporation going to take back land given for college in Manimajra
चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पिछले कई साल से मनीमाजरा में कॉलेज खुलने का सपना देख रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। कॉलेज बनाने के लिए नगर निगम ने प्रशासन को जो 12 एकड़ पांच कनाल, आठ मरले की जमीन दी थी, अब वह वापस लेने जा रहा है। इस संबंध में मेयर अनूप गुप्ता ने आदेश जारी कर दिए हैं और नगर निगम ने जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

विज्ञापन


मनीमाजरा की जनसंख्या को देखते हुए प्रशासन ने फैसला लिया कि वहां पर एक कॉलेज बनाया जाएगा। मनीमाजरा के पॉकेट-9 में नगर निगम की 12 एकड़ पांच कनाल और आठ मरले जमीन थी। यूटी प्रशासन के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से 31 मार्च 2016 को एक पत्र लिखकर जमीन की मांग की गई, ताकि कॉलेज का निर्माण किया जा सके। सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग ने 24 अप्रैल 2017 को जमीन सौंपने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग को मनीमाजरा के पॉलेट नंबर-9 में कॉलेज बनाने का काम सौंपा गया। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : Bathinda Firing: निजी रंजिश में जवान ने ही की थी चार साथियों की हत्या, आर्मी का बयान-कोई आतंकी एंगल नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा विभाग ने यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग विभाग को कॉलेज का डिजाइन तैयार करने के लिए लिखा। अप्रैल 2018 में अर्बन प्लानिंग विभाग ने कॉलेज का डिजाइन बनाकर शिक्षा विभाग को उनके सुझाव के लिए दोबारा भेजा। इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत भी तैयार कर ली गई थी, जो उस वक्त के अनुसार करीब 50 करोड़ थी लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से पूरी परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 

सांसद खेर ने 2014 के अपने पहले चुनाव में मनीमाजरा में कॉलेज का किया था वादा
शहर की सांसद किरण खेर ने वर्ष 2014 में मनीमाजरा में एक ब्वॉयज व एक गर्ल्स कॉलेज का वादा किया था। उन्होंने इसे वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जारी किए गए मेनिफेस्टो में भी शामिल किया था। अब करीब नौ साल बीतने के बाद कॉलेज बनना तो दूर जमीन भी प्रशासन से छिनने वाली है। वर्ष 2017 में जमीन आवंटन के बाद सांसद खेर ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जारी किए किए कार्यों की सूची में इसे शामिल किया था और वाहवाही लूटी थी। इसके बाद से मनीमजरा के लोग इस आस में बैठे थे कि वहां पर कॉलेज बनेगा और उनके बच्चों को स्कूल खत्म होने के बाद पंचकूला व चंडीगढ़ के सेंट्रल सेक्टर्स की तरफ नहीं जाना पड़ेगा लेकिन अब यह आस टूट गई है।

मनीमाजरा में हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनने का सपना भी टूटा
मनीमाजरा के इंदिरा कालोनी में अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए साल 2005 में नगर निगम की तरफ से पीजीआई को 0.3 एकड़ जमीन देने का फैसला हुआ था। वर्ष 2014 में जमीन पीजीआई को 99 साल की लीज पर सौंप दी गई, लेकिन पीजीआई ने नौ साल में वहां बोर्ड लगाने के अलावा कोई कार्य नहीं किया और उन्होंने जमीन निगम को वापस कर दी। 

प्रशासन की तरफ से बीते दिनों सुझाव दिया गया कि इस जमीन को प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाए, लेकिन अब निगम ने फैसला किया है वह स्वास्थ्य विभाग को जमीन नहीं देंगे और जमीन को निगम वापस ले लेगा। इससे मनीमाजरा में अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनने का सपना भी टूट गया है। ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन रामेश्वर गिरि, प्रधान एसएस परवाना ने कहा कि यहां पर कॉलेज बनना सबसे जरूरी था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से लोगों को सपना टूट गया। स्थानीय लोग इस सपने को साकार होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।


कॉलेज बनाने के लिए दी थी जमीन
नगर निगम ने मनीमाजरा में जमीन दी थी ताकि वहां पर कॉलेज बनाया जा सके, लेकिन शिक्षा विभाग कॉलेज ऐसा नहीं कर पाया। जमीन सैकड़ों करोड़ की है, इसलिए नगर निगम ने जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। - अनूप गुप्ता, मेयर

मनीमाजरा के लोगों का बहुत बड़ा नुकसान

कई साल से उम्मीद थी कि मनीमाजरा के छात्रों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन जमीन वापस लेने से मनीमाजरा के लोगों का बहुत बड़ा नुकसान होगा। पहले पीजीआई हेल्थ सेंटर नहीं बना पाया और अब कॉलेज भी नहीं बन पाया। - प्रदीप बागरा, एडवाइजर, ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed