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सरकारी बाबुओं पर बोलीं सांसद- ये लोग काम कम और राजनीति ज्यादा करते हैं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Jan 2017 09:46 AM IST
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सांसद किरण खेर
- फोटो : अमर उजाला
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सांसद किरण खेर ने कहा कि पक्की नौकरी करने वाले एसोसिएशन बनाकर वोट बैंक बन रहे हैं। लोगों के काम करने की बजाए उनका ज्यादा समय राजनीति में ही जाता है। एक छोटा सा काम पास करने में भी कई महीने लगा देते हैं। बाबुओं की कार्यप्रणाली से दुखी सांसद किरण खेर ने कहा कि पक्की भर्ती होनी ही नहीं चाहिए। बल्कि कांट्रैक्ट पर ही कर्मचारी रखे जाएं, बेशक उनकी सैलरी बढ़ा दी जाए।
कांट्रैक्ट कर्मचारी रेगुलर की बजाए तेजी से काम करते हैं। सांसद खेर ने सीएचबी मॉडर्न कॉम्प्लेक्स फ्लैट्स मनीमाजरा की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
पीछे पड़कर काम करवाने पड़ते हैं
इतना ही नहीं खेर ने यहां तक कह दिया कि कई बार मन करता है सिर दीवार से मार लूं। पीछे पड़कर काम करवाने पड़ते हैं। अधिकारी तो बात को समझ भी लेते हैं मगर ब्रांच में बैठे बाबू फाइल को आगे खिसकाना ही नहीं चाहते। कई बार तो भ्रष्टाचार के कारण गलत चीजें भी लग जाती हैं। आरडब्ल्यूए के प्रेजिडेंट रि. कर्नल गुरसेवक सिंह ने कॉम्प्लेक्स के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को खूबसूरत बनाने की मांग सांसद के सामने रखी।
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रेलवे फाटक पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की। गुरसेवक सिंह ने बाउंड्री की दो बार बनने के बाद दीवार गिराए जाने की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों से खुद दीवार बनवाने के बाद कारण पूछते हैं तो ऊपरी आदेश का हवाला दे देते हैं। अब पुलिस को दीवार की रखवाली करने का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन अब इसे कोई बनाने को तैयार नहीं है।
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कांट्रैक्ट कर्मचारी रेगुलर की बजाए तेजी से काम करते हैं। सांसद खेर ने सीएचबी मॉडर्न कॉम्प्लेक्स फ्लैट्स मनीमाजरा की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
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पीछे पड़कर काम करवाने पड़ते हैं
इतना ही नहीं खेर ने यहां तक कह दिया कि कई बार मन करता है सिर दीवार से मार लूं। पीछे पड़कर काम करवाने पड़ते हैं। अधिकारी तो बात को समझ भी लेते हैं मगर ब्रांच में बैठे बाबू फाइल को आगे खिसकाना ही नहीं चाहते। कई बार तो भ्रष्टाचार के कारण गलत चीजें भी लग जाती हैं। आरडब्ल्यूए के प्रेजिडेंट रि. कर्नल गुरसेवक सिंह ने कॉम्प्लेक्स के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को खूबसूरत बनाने की मांग सांसद के सामने रखी।
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रेलवे फाटक पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की। गुरसेवक सिंह ने बाउंड्री की दो बार बनने के बाद दीवार गिराए जाने की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों से खुद दीवार बनवाने के बाद कारण पूछते हैं तो ऊपरी आदेश का हवाला दे देते हैं। अब पुलिस को दीवार की रखवाली करने का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन अब इसे कोई बनाने को तैयार नहीं है।
अपनो को याद कर फिर छलके आंसू
चंडीगढ़ सांसद किरण खेर
- फोटो : अमर उजाला
बुजुर्गों के लिए बनेगा भवन
खेर ने कहा कि मनीमाजरा में बुजुर्गों के लिए ऐसा भवन बनेगा, जहां बैठकर वह अपने सुख-दुख साझा कर सकेंगे। अपने तजुर्बे दूसरों को विस्तार से बता सकेंगे। मनीमाजरा के काउंसलर जगतार सिंह जग्गा को उन्होंने इस पर काम करने को कहा। इससे पहले सीनियर सिटीजन अमृत ढींगरा ने सांसद के सामने यह मांग रखी थी।
अपनो को याद कर फिर छलके आंसू
खेर ने कहा कि मुंबई के लिए चंडीगढ़ से कई फ्लाइट आती जाती हैं। कहने को तो 20 मिनट लगते हैं जाने में, लेकिन लोगों का प्यार और काम देखकर जाना ही नहीं होता। वह अपने बेटे को बहुत याद करती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके बेटे की ही तरह सहदेव सलारिया उनके साथ रहता है, जिससे अकेलेपन का एहसास नहीं होता। यह बात कहते हुए खेर भावुक हो गईं।
खेर ने कहा कि मनीमाजरा में बुजुर्गों के लिए ऐसा भवन बनेगा, जहां बैठकर वह अपने सुख-दुख साझा कर सकेंगे। अपने तजुर्बे दूसरों को विस्तार से बता सकेंगे। मनीमाजरा के काउंसलर जगतार सिंह जग्गा को उन्होंने इस पर काम करने को कहा। इससे पहले सीनियर सिटीजन अमृत ढींगरा ने सांसद के सामने यह मांग रखी थी।
अपनो को याद कर फिर छलके आंसू
खेर ने कहा कि मुंबई के लिए चंडीगढ़ से कई फ्लाइट आती जाती हैं। कहने को तो 20 मिनट लगते हैं जाने में, लेकिन लोगों का प्यार और काम देखकर जाना ही नहीं होता। वह अपने बेटे को बहुत याद करती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके बेटे की ही तरह सहदेव सलारिया उनके साथ रहता है, जिससे अकेलेपन का एहसास नहीं होता। यह बात कहते हुए खेर भावुक हो गईं।