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चंडीगढ़ मेयर चुनाव: कांग्रेस ने खेला नया दांव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:05 PM IST
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मेयर पूनम शर्मा ने नए साल में होने वाले मेयर चुनाव के लिए दांव खेल दिया है। पूनम शर्मा चाहती हैं कि पिछले सालों की तरह एक जनवरी को ही मेयर का चुनाव होना चाहिए।
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इसके लिए उन्होंने प्रशासन को अपनी सीट छह दिन पहले ही छोड़ देने का ऑफर किया है। मेयर ने डीसी को पत्र लिखकर निर्धारित तारीख को ही मेयर चुनाव करवाने के लिए पत्र लिखा है।
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मालूम हो कि पिछले साल सांसद किरण खेर की नए साल के पहले दिन व्यस्तता के कारण पहली बार मेयर चुनाव छह जनवरी को करवाया गया था।
फिल्म कलाकार होने के कारण सांसद किरण खेर 31 दिसंबर और एक जनवरी को मुंबई में आयोजित किसी न किसी समारोह में व्यस्त रहती हैं, इसलिए भाजपा नहीं चाहती है कि चुनाव एक जनवरी को ही करवाए जाएं।
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जबकि कांग्र्रेस ने मेयर से डीसी को पत्र लिखकर नई चाल चल दी है क्योंकि कांग्रेस को पता है कि सांसद किरण खेर किसी भी सूरत में एक जनवरी को शहर में उपस्थित नहीं हो सकती हैं, इसलिए उन्होंने इसी दिन चुनाव करवाने की अपील की है। मालूम हो कि मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। सांसद किरण खेर की भी मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर चुनाव में एक मत है।
मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि वह छह दिन पहले मेयर की कुर्सी छोड़ने को तैयार हैं। मेयर चुनाव एक जनवरी को ही होने चाहिए। सांसद के लिए प्रशासन को नियम नहीं बदलने चाहिए।
शर्मा ने कहा कि डीसी को पत्र लिखने के साथ-साथ वह सलाहकार से भी इस बारे में बात करेंगी। अगले साल ही नगर निगम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही पार्षदों का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा, ऐसे में नए साल से ही नए मेयर का कार्यकाल शुरू होना चाहिए।
मेयर चुनाव के लिए लॉबिंग शुरू
कांग्रेस से मेयर चुनाव के लिए मुकेश बस्सी दावेदार हैं जबकि भाजपा में अरुण सूद, देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी, सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता और देसराज गुप्ता दावेदार हैं। कांग्रेस के पास सिर्फ आठ पार्षद हैं जबकि भाजपा के 13, अकाली के दो और एक सांसद का वोट है। ऐसे में भाजपा के पास 16 मत हैं, चुनाव जीतने के लिए 19 मत की जरूरत है। नौ मनोनीत के अलावा बसपा के दो और एक निर्दलीय पार्षद हैं।
सचिव ने भी भेजा डीसी को पत्र
नगर निगम के सचिव राजीव गुप्ता ने भी मेयर चुनाव के लिए डीसी को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि मेयर चुनाव के लिए तारीख तय की जाए। मालूम हो कि मेयर चुनाव के लिए डीसी ही चुनाव अधिकारी तय करता है। मेयर चुनाव के समय डीसी भी मौके पर मौजूद होते हैं।
कोट
मेयर चुनाव की तारीख तय करने का अधिकार प्रशासन का है और प्रशासन ही यह तय करेगा। प्रशासन कभी भी मेयर का चुनाव करवा सकता है। पिछली बार भी प्रशासन ने ही मेयर चुनाव की तारीख छह जनवरी तय की थी।
-किरण खेर, सांसद।
मेयर चुनाव की तारीख प्रशासन को ही तय करनी है। कोई भी पार्षद यह नहीं चाहता है कि एक जनवरी को नए साल के दिन मेयर चुनाव हो। पिछली बार भी कांग्रेस सहित सभी पार्षदों ने मांग की थी कि एक जनवरी को मेयर चुनाव नहीं होने चाहिए, पता नहीं अब कांग्रेस पीछे क्यों हट रही है।
-अरुण सूद, भाजपा पार्षद दल के नेता।