चंडीगढ़ मेयर चुनाव: भाजपा के पार्षद शिमला पहुंचे, कांग्रेसी कर रहे राजस्थान का भ्रमण, आप के दिल्ली से लौटे
नगर निगम चुनाव में भाजपा को 12, कांग्रेस को 8 और अकाली दल को एक सीट मिली है। मेयर चुनाव में एक वोट स्थानीय सांसद का भी होता है, इसलिए कुल 36 वोट हो जाते हैं। इसमें जिस भी पार्टी के पास 19 वोट होंगे, उनका मेयर बन जाएगा। किरण खेर भाजपा की सांसद हैं, इसलिए भाजपा के पास 13 वोट हैं। कांग्रेस की हरप्रीत कौर बबला भाजपा में शामिल हो गईं, इसलिए अब भाजपा के खाते में भी 14 वोट हो गए हैं। आप के पास भी 14 वोट हैं। कांग्रेस के पास अब सात वोट ही बचे हैं। भाजपा और आम आदमी पार्टी को मेयर बनाने के लिए पांच वोट की जरूरत है।
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मेयर चुनाव में किसी भी पार्टी के पास बहुमत न होने से राजनीतिक दलों की नजर एक-दूसरे के पार्षदों पर हैं। कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला टूट कर भाजपा में आए तो कांग्रेस बाकी बचे सात पार्षदों को राजस्थान के जयपुर लेकर रवाना हो गई। अब बुधवार को भाजपा के सभी पार्षद हिमाचल प्रदेश के शिमला चले गए हैं। दोनों पार्टियों के पार्षद चुनाव से एक दिन पहले शहर लौटेंगे।
आठ जनवरी को सुबह 11 बजे मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। कांग्रेस के पार्षद इन दिनों जयपुर में हैं। आठ को वोट देने के लिए पार्टी के पार्षद चंडीगढ़ आएंगे या नहीं, अभी तक स्पष्ट नहीं है। अगर कांग्रेस मेयर चुनाव में हिस्सा नहीं लेती है तो अकाली दल निर्णायक की भूमिका में होगा।
अकाली दल के हरदीप सिंह ने भी अभी पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक हरदीप सिंह के साथ भाजपा की बातचीत चल रही है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग का कहना है कि शहरवासियों ने आप को 14 सीटें दी हैं। जनता का समर्थन आप के साथ है, इसलिए अन्य पार्टियों को आप का साथ देना चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि भाजपा ने चंडीगढ़ में स्थिर प्रशासन दिया है। केंद्र के साथ अच्छा तालमेल रहा है। विकास को गति मिली है, इसलिए अन्य पार्टियों के पार्षद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर भाजपा का मेयर बनाना चाहिए।
जिसकी जहां सरकार, पार्षदों को उसी राज्य में लेकर गई पार्टी
पार्षदों को टूटने से बचाने के लिए भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भरपूर कोशिश कर रही है। सबसे पहले आम आदमी पार्टी के 14 पार्षदों को दिल्ली ले जाया गया था, यहां आप की सरकार है और अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री हैं। हालांकि, मेयर चुनाव में नामांकन के लिए पार्टी के सभी पार्षद चंडीगढ़ आ गए।
अगले ही दिन कांग्रेस के सात पार्षदों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला राजस्थान रवाना हो गए। यहां कांग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं। बुधवार को भाजपा अपने सभी 13 पार्षदों को लेकर शिमला रवाना हो गई। यहां भाजपा की सरकार है और जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री है। चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी भी हैं।
आम आदमी पार्टी अपने पार्षदों को कह रही है कि उसने भाजपा के पार्षदों को दो-दो करोड़ में खरीद लिया है। हमारे सभी पार्षद एक साथ हैं, यही संदेश देने के लिए सभी को एक साथ शिमला भेजा गया है। मेयर भाजपा का बन रहा है। पार्टी इस बात को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। - अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
मेयर चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी कांग्रेस
मेयर चुनाव में कांग्रेस के पार्षद वोट नहीं डालेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने खुद इस बात पर मुहर लगाई है। ऐसे में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर तय है, क्योंकि दोनों ही दलों के पास 14-14 वोट हो गए हैं। अब शिअद के एकमात्र पार्षद पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी सातों पार्षद जयपुर में हैं और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। कांग्रेस ने मेयर चुनाव नहीं लड़ रही है। यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव में वोट देने से भी इनकार कर दिया है। उम्मीद है कि कांग्रेस के पार्षद सात जनवरी की शाम या आठ जनवरी की सुबह जयपुर से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इससे पहले वह राजस्थान के सभी धार्मिक व पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने पार्षदों के साथ अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाया। इसके बाद पुष्कर गए और माथा टेका। उधर, कांग्रेस के इस फैसले पर आप के प्रदेश संयोजक प्रेम गर्ग ने कहा कि वोट कांग्रेस पार्षदों को वोट देना चाहिए। वे सदन में आएं और वोट करें, चाहे जिसे करें।