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हाउसिंग बोर्ड का बड़ा फैसला, 25 हजार से ज्यादा मकानों पर चलेगा हथौड़ा
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Sep 2017 03:57 PM IST
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chandigarh housing board
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हाउसिंग बोर्ड के 25 हजार से ज्यादा मकान ऐसे हैं, जिन पर हथौड़ा चलना तय है। सीएचबी ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे मकानों को किसी भी सूरत में रेगुलर नहीं किया जाएगा। इन मकानों में रह रहे लोगों ने सरकारी जमीन (ओपन स्पेस) पर निर्माण कर रखा है। सर्वे रिपोर्ट में 25 हजार 93 मकानों में सरकारी जमीन पर कब्जा करने की बात सामने आई है। यह रिपोर्ट बीते मंगलवार को हुई सीएचबी की गर्वनिग बॉडी की बैठक में रखी गई थी।
रिपोर्ट में दूसरे तरह की वायलेशन भी सामने आई है जो कि अलॉट किए हुए मकानों के बीच की है। ऐसी हजारों मकानों की वायलेशन को रेगुलर करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में डीसी को चेयरमैन, मुख्य वास्तुकार कपिला सेतिया और रघुवीर लाल अरोड़ा को सदस्य बनाया गया है। जल्द ही कमेटी की बैठक होने जा रही है। इसमें वायलेशन को वन टाइम रेगुलर करने पर विचार कर जुर्माना राशि तय की जाएगी।
शहर में 62 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकान है। सर्वे रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के अलावा हर तरह की वायलेशन वाले मकानों को अलग अलग कैटगरी में बांटा गया है। सीएचबी ने लोगों को 70 प्रतिशत मकान को कवर करने की मंजूरी दी हुई है लेकिन हजारों लोगों ने पूरा एरिया ही कवर कर लिया है।
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जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर निर्माण कर रखा है उसे किसी सूरत में रेगुलर नहीं किया जा सकता। सर्वे रिपोर्ट में जो बाकी वायलेशन सामने आई है उन्हें वन टाइम राहत देने के लिए कमेटी गठित हुई है। सभी पहलुओं और मकान के स्ट्रक्चर की मजबूती को देखते हुए बाकी वायलेशन को रेगुलर किया जाएगा।
- रघुवीर लाल अरोड़ा, सीएचबी बोर्ड एवं कमेटी सदस्य
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रिपोर्ट में दूसरे तरह की वायलेशन भी सामने आई है जो कि अलॉट किए हुए मकानों के बीच की है। ऐसी हजारों मकानों की वायलेशन को रेगुलर करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में डीसी को चेयरमैन, मुख्य वास्तुकार कपिला सेतिया और रघुवीर लाल अरोड़ा को सदस्य बनाया गया है। जल्द ही कमेटी की बैठक होने जा रही है। इसमें वायलेशन को वन टाइम रेगुलर करने पर विचार कर जुर्माना राशि तय की जाएगी।
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शहर में 62 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकान है। सर्वे रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के अलावा हर तरह की वायलेशन वाले मकानों को अलग अलग कैटगरी में बांटा गया है। सीएचबी ने लोगों को 70 प्रतिशत मकान को कवर करने की मंजूरी दी हुई है लेकिन हजारों लोगों ने पूरा एरिया ही कवर कर लिया है।
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जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर निर्माण कर रखा है उसे किसी सूरत में रेगुलर नहीं किया जा सकता। सर्वे रिपोर्ट में जो बाकी वायलेशन सामने आई है उन्हें वन टाइम राहत देने के लिए कमेटी गठित हुई है। सभी पहलुओं और मकान के स्ट्रक्चर की मजबूती को देखते हुए बाकी वायलेशन को रेगुलर किया जाएगा।
- रघुवीर लाल अरोड़ा, सीएचबी बोर्ड एवं कमेटी सदस्य