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भाजपा के पूर्व एमएलए से जुड़े रिश्वत मामले के दस्तावेज भेजे हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। भाजपा के पूर्व विधायक राज खुराना से जुड़े डेढ़ करोड़ रिश्वत के मामले का ट्रायल शुरू होगा या नहीं, यह अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पर निर्भर है। इस मामले में सोमवार को सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। सीबीआई ने आवेदन दायर कर मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने की मंजूरी मांगी थी, जिस पर सीबीआई अदालत ने मामले से संबंधित सारे दस्तावेज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को भेज दिए। क्योंकि यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा रखा है। मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट का कुछ महीनों पहले एक फैसला आया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जिन मामलों में किसी भी अदालत ने स्टे लगा रखा है, वह 6 महीने के बाद अपने आप खत्म हो जाएगा। यदि स्टे को आगे बढ़ाना है तो उसके लिए सही कारण उपलब्ध होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि यह फैसला देशभर की अदालतों में लागू किया जाए। इसी फैसले के बाद सीबीआई ने अदालत में आवेदन दायर कर मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने की मंजूरी मांगी थी।
यह है मामला
2011 में जमीन आवंटन के नाम पर डेढ़ करोड़ की रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने पंजाब भाजपा के तत्कालीन विधायक राजखुराना और फर्म्स एंड सोसाइटी के रजिस्ट्रार देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। 2016 में राजखुराना की मृत्यु हो चुकी हैै। अब इस मामले में देवेंद्र सिंह और भाग सिंह दो आरोपी हैं, जिनके खिलाफ मामला चल रहा है। सीबीआई ने मामले में कॉल डिटेल और अन्य सुबूूूत शामिल किए, लेकिन वह पुख्ता नहीं थे। इसे आधार बनाकर आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट का कुछ महीनों पहले एक फैसला आया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जिन मामलों में किसी भी अदालत ने स्टे लगा रखा है, वह 6 महीने के बाद अपने आप खत्म हो जाएगा। यदि स्टे को आगे बढ़ाना है तो उसके लिए सही कारण उपलब्ध होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि यह फैसला देशभर की अदालतों में लागू किया जाए। इसी फैसले के बाद सीबीआई ने अदालत में आवेदन दायर कर मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने की मंजूरी मांगी थी।
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यह है मामला
2011 में जमीन आवंटन के नाम पर डेढ़ करोड़ की रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने पंजाब भाजपा के तत्कालीन विधायक राजखुराना और फर्म्स एंड सोसाइटी के रजिस्ट्रार देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। 2016 में राजखुराना की मृत्यु हो चुकी हैै। अब इस मामले में देवेंद्र सिंह और भाग सिंह दो आरोपी हैं, जिनके खिलाफ मामला चल रहा है। सीबीआई ने मामले में कॉल डिटेल और अन्य सुबूूूत शामिल किए, लेकिन वह पुख्ता नहीं थे। इसे आधार बनाकर आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
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