तीसरी लहर से निपटने की तैयारी: चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में बन रहा पीडियाट्रिक विंग, विशेषज्ञों की हो रही तैनाती
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब तक 26 विशेषज्ञों की तैनाती की जा चुकी है। डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने का क्रम जारी है।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर विभाग जहां वर्षों से खाली पड़े विशेषज्ञों के पदों को भरने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के लिए अलग आईसीयू व वार्ड स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। इतना ही नहीं बच्चों की सेहत से जुड़ी सिम्टोमैटिक दवाओं का भी भरपूर स्टॉक मंगाया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि दूसरी लहर से मिले सबक के आधार पर तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रत्येक स्तर पर समुचित व्यवस्था की जा रही है।
बता दें कि विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को कोरोना महामारी से बचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में पीडियाट्रिक विंग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीसरी लहर आई तो यहां सिर्फ बच्चों को भर्ती किया जाएगा। इसके लिए यहां बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती के साथ ही 35 ऑक्सीजन बेड तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, आपात स्थिति में बच्चों के लिए 15 बेड का आईसीयू भी स्थापित किया जा रहा है।
आईसीयू को 8 से 22 बेड का किया
गंभीर मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए जीएमएसएच-16 की आईसीयू को 8 से बढ़ाकर 22 बेड का कर दिया गया है। आईसीयू में सभी उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने का क्रम जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक हफ्ते के अंदर 22 बेड की आईसीयू क्रियाशील कर दी जाएगी।
अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और सेक्टर-48 के अस्पताल में पहले से ही ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जो बिना बाधा के ऑक्सीजन उत्पादन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पीजीआई समेत मनीमाजरा, सेक्टर-22 और सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके साथ ही आपात स्थिति से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर का बैकअप भी है।
किस पद पर कितनी तैनाती
रेडियोलॉजिस्ट- 4
माइक्रोबायोलॉजिस्ट- 4
बालरोग विशेषज्ञ- 6
फिजीशियन- 6
एनेस्थेटिस्ट- 6
इनकी बाकी है तैनाती
सर्जन- 1
हड्डी रोग विशेषज्ञ- 3
मेडिकल ऑफिसर- 7
तीसरी लहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार साक्षात्कार किए जा रहे हैं। अब तक 26 विशेषज्ञों की तैनाती की जा चुकी है। 22 बेड की आईसीयू भी तैयार है। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच-16