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जीएमसीएच-32 की बदलेगी सूरत, नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर बनना शुरु
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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को नया रूप दिया जा रहा है। प्रशासन यहां पर नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर बना रहा है। यह पीजीआई की तर्ज पर बनाया जा रहा है। फिलहाल, अस्पताल में जो इमरजेंसी चल रही थी, उसे अब गायनी ओपीडी से चलाया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस नए ब्लॉक के बनने के बाद मरीजों को बेड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, न ही स्ट्रेचर की कमी होगी।
जीएमसीएच-32 के इमरजेंसी में पहले पार्किंग के ठीक सामने से दाखिल होना पड़ता था, लेकिन योजना के तहत उसे समाप्त कर दिया जाएगा। पार्किंग के हिस्से को भी ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी में शामिल कर लिया जाएगा। इंजीनियरिंग विभाग के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि जीएमसीएच-32 में नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर का काम शुरू कर दिया गया है। नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर में 300 बेड होंगे। इमरजेंसी के ठीक सामने बनी पार्किंग को हटा दिया जाएगा। यहां ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है। इमरजेंसी का गेट नए निर्माण के बाद पुलिस चौकी की तरफ ले जाया जाएगा। फिलहाल, जीएमसीएच-32 की इमरजेंसी को गायनी ओपीडी से चलाया जा रहा है। इमरजेंसी के कुछ बेड अस्पताल के दूसरे तल पर पहुंचा दिए गए हैं। ट्रॉमा सेंटर के बनने से दुर्घटना के आने वाले केसों को पीजीआई भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल, जीएमसीएच-32 में वर्तमान में जो इमरजेंसी चल रही है, उसमें फिलहाल 52 बेड ही हैं, लेकिन शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पड़ोसी राज्यों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है, इसलिए जीएमसीएच-32 की इमरजेंसी छोटी पड़ रही थी।
पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा
परियोजना के लिए यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के बाद ही प्लान तैयार किया था, जिसके बाद इसके आर्किटेक्चरल प्लान को मंजूर किया गया। जीएमसीएच-32 में नया इमरजेंसी ब्लॉक 1.4 लाख स्क्वॉयर फुट एरिया में बनेगा। प्लान के मुताबिक इसमें पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा। इसमें 24 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के लिए होंगे। 64 बेड वार्ड स्टेबल पेशेंट के लिए होगा। इसके अलावा दो आइसोलेशन वार्ड होंगे, जिनकी कुल क्षमता 33 बेड की होगी। योजना के तहत मरीजों के साथ आए लोगों के लिए भी दो फ्लोर पर जगह होगी, जिसकी क्षमता 400 अटेडेंट्स की होगी। इसके अलावा व्हीलचेयर्स, स्ट्रेचर, एंबुलेंस, प्रवेश, निकासी, प्रतीक्षा कक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी, ड्यूटी डॉक्टर, नर्स रूम, मेडिसिन स्टोर, मोर्चरी, लैब, एक्स-रे रूम, प्लास्टर रूम, रैंप, लिफ्ट आदि की सुविधा होगी।
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जीएमसीएच-32 के इमरजेंसी में पहले पार्किंग के ठीक सामने से दाखिल होना पड़ता था, लेकिन योजना के तहत उसे समाप्त कर दिया जाएगा। पार्किंग के हिस्से को भी ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी में शामिल कर लिया जाएगा। इंजीनियरिंग विभाग के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि जीएमसीएच-32 में नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर का काम शुरू कर दिया गया है। नई इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर में 300 बेड होंगे। इमरजेंसी के ठीक सामने बनी पार्किंग को हटा दिया जाएगा। यहां ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है। इमरजेंसी का गेट नए निर्माण के बाद पुलिस चौकी की तरफ ले जाया जाएगा। फिलहाल, जीएमसीएच-32 की इमरजेंसी को गायनी ओपीडी से चलाया जा रहा है। इमरजेंसी के कुछ बेड अस्पताल के दूसरे तल पर पहुंचा दिए गए हैं। ट्रॉमा सेंटर के बनने से दुर्घटना के आने वाले केसों को पीजीआई भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल, जीएमसीएच-32 में वर्तमान में जो इमरजेंसी चल रही है, उसमें फिलहाल 52 बेड ही हैं, लेकिन शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पड़ोसी राज्यों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है, इसलिए जीएमसीएच-32 की इमरजेंसी छोटी पड़ रही थी।
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पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा
परियोजना के लिए यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के बाद ही प्लान तैयार किया था, जिसके बाद इसके आर्किटेक्चरल प्लान को मंजूर किया गया। जीएमसीएच-32 में नया इमरजेंसी ब्लॉक 1.4 लाख स्क्वॉयर फुट एरिया में बनेगा। प्लान के मुताबिक इसमें पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा। इसमें 24 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के लिए होंगे। 64 बेड वार्ड स्टेबल पेशेंट के लिए होगा। इसके अलावा दो आइसोलेशन वार्ड होंगे, जिनकी कुल क्षमता 33 बेड की होगी। योजना के तहत मरीजों के साथ आए लोगों के लिए भी दो फ्लोर पर जगह होगी, जिसकी क्षमता 400 अटेडेंट्स की होगी। इसके अलावा व्हीलचेयर्स, स्ट्रेचर, एंबुलेंस, प्रवेश, निकासी, प्रतीक्षा कक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी, ड्यूटी डॉक्टर, नर्स रूम, मेडिसिन स्टोर, मोर्चरी, लैब, एक्स-रे रूम, प्लास्टर रूम, रैंप, लिफ्ट आदि की सुविधा होगी।
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