चंडीगढ़ को चाहिए बजट ऐसा, खर्चे कम हों पर बढ़े पैसा
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रेल बजट में चंडीगढ़ की अनदेखी होने के बाद अब शहर के लोगों के साथ-साथ यूटी प्रशासन की नजरें वीरवार को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं।
रेल बजट में चंडीगढ़ को निराशा मिली है, लेकिन अब उम्मीद है कि आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली चंडीगढ़ की मांगों को पूरा करेंगे।
फरवरी में पेश हुए अंतरिम बजट में वित्त मंत्रालय ने चंडीगढ़ की मांग के अनुसार प्लान बजट मंजूर नहीं किया था।
प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि संशोधित बजट में यूटी के प्लान बजट में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह संशोधित बजट बाद में प्रशासन की मांग के अनुसार जारी होगा।
पिछली बार कर दी गई थी प्लान बजट में कटौती
प्रशासन ने इस साल फरवरी में केंद्र सरकार से वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए प्लान बजट में 948 करोड़ और नॉन प्लान बजट में 3092.40 करोड़ रुपये मांगे थे।
लेकिन, केंद्र सरकार ने प्रशासन की मांग को पूरा करने की जगह बजट को कम कर दिया था। ऐसा पहली बार हुआ था जब चंडीगढ़ के प्लान बजट पर कटौती की गई हो।
वर्ष 2009 में भी अंतरिम बजट के बाद जुलाई में पेश हुए आम बजट में चंडीगढ़ के प्लान बजट में बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे में उम्मीद है कि प्लान बजट में 63.2 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी।
विकास को देखते हुए मांगा जा रहा ज्यादा बजट
वर्ष 2013-14 के लिए चंडीगढ़ को प्लान बजट में 876.05 करोड़ मिले थे। बाद में छह महीने बाद केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ का प्लान बजट कम कर 600 करोड़ रुपये कर दिया था, क्योंकि पैसे खर्च ही नहीं हुए थे।
अंतरिम बजट में 2014-15 के लिए चंडीगढ़ का प्लान बजट 812.85 करोड़ रुपये तय किया गया था, जबकि नॉन प्लान बजट 2730.25 करोड़ रुपये तय किया गया था।
ध्यान रहे कि यूटी प्रशासन शहर में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन को मजबूत करना चाहता है और इसके लिए सबसे ज्यादा बजट मांगा गया है।
उद्यमियों को आर्थिक सुधारीकरण की आस
कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) आम बजट को लेकर सकारात्मक है। पीएचडी चैंबर और सीआईआई को उम्मीद है कि नई सरकार के बजट से देश में आर्थिक सुधारीकरण आएंगे।
सीआईआई और पीएचडी चैंबर के अनुसार पार्लियामेंट में इकोनामिक सर्वे 2013-14 के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। जैसे दिखाई दे रहा है उससे निवेश को बढ़ावा मिल सकेगा। सीआईआई केअनुसार इकोनामिक सर्वे से स्पष्ट है कि बजट प्रोग्रेसिव होगा।
सीआईआई ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट राजकोषीय मजबूती लेकर आएगा। इससे मुद्रास्फीति भी ठीक होगी। आयकर की स्लैब बढ़ाने से सेविंग को बढ़ावा मिलेगा। ब्याज की आय से टीडीएस हटाने से बैंक डिपाजिट बढ़ेंगे।