मोदी के खिलाफ विरोध कर रहे कर्मियों पर लाठीचार्ज, कई घायल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मियों पर चंडीगढ़ पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई लोग घायल हो गए। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से लगातार कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन और रविवार को होने वाली रैली न करें।
बावजूद इसके कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान जब कर्मचारी गर्वनर हाउस की ओर कूच करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसी बीच कर्मचारियों की पुलिस वालों से झड़प हो गई और पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया।
शनिवार को हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस हाउसिंग इंपलाइज सोसाइटी के पदाधिकारियों से मिले। चेयरमैन ने सोसाइटी को रैली न करने की अपील की। लेकिन सोसाइटी ने शर्त रखी कि प्रशासन उनके हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करे। जबकि जमीन के रेट का मामला एमएचए की मंजूरी के बाद तय होगा। इस पर चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि अधिकारियों से बात कर मंगलवार तक इसे तय कर लिया जाएगा। लेकिन सोसाइटी के पदाधिकारी नहीं माने।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को आज ही घोषणा करनी होगी। ऐसा होने पर रविवार की रैली को धन्यावाद रैली का नाम दे दिया जाएगा। मालूम हो कि शुक्रवार को चेयरमैन पहले भी सोसाइटी के पदाधिकारियों से बात कर चुके हैं। साथ ही गृह सचिव ने भी कर्मचारियों से रैली न करने की बात कही।
प्रशासन ने दी मकान न देने की धमकी
प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को यहां तक धमकी दी गई है कि अगर वह 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं तो वह भविष्य में अपनी मकान की मांग लेकर न आएं। मालूम हो कि 2008 की हाउसिंग स्कीम के अनुसार 4 हजार कर्मचारियों के फ्लैट के लिए जमीन का रेट एमएचए ने तय करना है।
हाउसिंग इंपलाइज वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष नरेश कोहली का कहना है कि अब कर्मचारियों का सब्र का बांध टूट चुका है। उनका कहना है कि रविवार को रैली में रणनीति तैयार होगी कि किस तरह कहां कहां पीएम को काले झंडे दिखाए जाएंगे। उनका कहना है कि जब लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेक्टर-34 में रैली करने के लिए आए थे तो कर्मचारियों के घर के सपने का वादा किया था।
सोमवार को है तारीख
हाउसिंग इंपलाइज सोसाइटी ने पंजाब व हरियाणा में भी प्रशासन के खिलाफ अर्जी दाखिल हुई है। जिसकी सुनवाई सोमवार को है। इस पर प्रशासन की नजर है। शुक्रवार को गवर्नर हाउस में भी बैठक हुई है। जिसमें प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी को कर्मचारियों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए अधिकारियों को कहा है।
3930 कर्मियों को मिलने हैं फ्लैट्स
सोसाइटी फ्लैट के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही है। प्रशासन ने साल 2008 में 3930 सफल कर्मचारियों को फ्लैट देने के लिए ड्रॉ निकाला था। इनमें तीन कैटेगरी के अलग-अलग फ्लैट का निर्माण होना था। जिसके लिए 7827 कर्मचारियों ने आवेदन किया था। इसके बाद प्रशासन ने कर्मियों को फ्लैट देने से इनकार कर दिया था। केंद्र सरकार ने जिस मास्टर प्लान को मंजूरी दी है। उसमें भी हाउसिंग स्कीम के लिए सेक्टर-52, 53 और 56 में जमीन रखी है।
अन्य एसोसिएशंस ने किया समर्थन
रविवार को होने वाली रैली के समर्थन में शहर के एक दर्जन इंपलाइज एसोसिएशन ने समर्थन की घोषणा की है। जिसमें कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंपलाइज एंड वर्कर्स, गवर्नमेंट इंपलाइज ऑर्गनाइजेशन, ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ यूटी टीचर्स, एसएसए टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, सफाई कर्मचारी यूनियन, अखिल भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय मजदूर मुक्ति मोर्चा, यूटी पावरमैन यूनियन, एससी बीसी एजुकेशनल इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ पैरा मेडिकल यूनियन, जीएमसीएच एनेस्थिसिया टेक्निकल स्टाफ यूनियन ने समर्थन का दावा किया है।
5 प्रतिशत कोटा खारिज होने से नाराज हैं कर्मचारी
वर्ष 2008 की चंडीगढ़ इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के सफल 4 हजार कर्मचारियों के विरोध के बाद हाउसिंग बोर्ड ने 5 प्रतिशत का कोटा तय किया था। अब वह कोटा खारिज कर दिया गया। मालूम हो कि बोर्ड की बैठक में भविष्य में आने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट में कोटा तय कर दिया गया था।
शुक्रवार को हाउसिंग इंपलाइज वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस से मिले। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें कोटा नहीं चाहिए। बुधवार को बोर्ड ने निर्णय लिया था कि हर प्रोजेक्ट में पांच प्रतिशत कोटा तय कर दिया है।
लेकिन इन कर्मचारियों को इस बात के लिए शपथ पत्र देना होगा कि भविष्य में जब साल 2008 की स्कीम लागू हो जाएगी तो वह अपना क्लेम इस स्कीम में नहीं करेंगे। लेकिन कर्मचारी तैयार नहीं हैं। मालूम हो कि इंप्लाइज हाउसिंग सोसाइटी ने अपनी स्कीम लागू न होने के कारण 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।