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बुरी खबरः चंडीगढ़ में जेबीटी व टीजीटी शिक्षकों की भर्ती रद्द होगी, जानिए क्यों

Mon, 26 Mar 2018 09:57 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 26 Mar 2018 09:57 AM IST
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Chandigarh Education Department Will Cancel TGT JBT Recruitment
LT Teachers
नौकरी के लिए अप्लाई किया तो पढ़ें बुरी खबर, यूटी शिक्षा विभाग वर्ष 2015 से चली रही जेबीटी व टीजीटी के 1150 शिक्षकों की भर्ती रद्द करेगा। भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर लीक का खुलासा हो गया। 7 से 8 लाख रुपये में पेपर लीक किए गए थे। इस मामले में हाल ही में चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने यूटी प्रशासन से अपील कर पूरी भर्ती प्रकिया रद्द करने की मांग की थी।
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इस पर यूटी प्रशासन ने सुनवाई कर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। नाम न लिखे जाने की शर्त पर प्रशासन के अधिकारिक सूत्र ने बताया कि जेबीटी व टीजीटी भर्ती निरस्त कर दी गई है। इस पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को मंजूरी के लिए भेज दिया है। जेबीटी-टीजीटी भर्ती घोटाले की अगर बात करें तो हाल ही में एसआईटी ने 17 आरोपियों के खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट फाइल की थी। पुलिस ने दो आरोपियों शिव बहादुर और शैलेश को गिरफ्तार किया है।
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यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 में  1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद पंजाब विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश यादव ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था।
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शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया था। यूटी पुलिस ने 29 जुलाई 2016 को इस मामले में केस दर्ज किया था। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिर तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने एक नवंबर को सह आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिर तार किया था। इसके बाद एसआईटी ने कई अन्य आरोपियों को गिर तार किया। इनमें कई सरकारी स्कूलों में टीचर भी शामिल हैं। 17 मई को पंजाब पुलिस ने तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडे और शिव बहादुर को गिर तार किया था।

17 आरोपी हैं घोटाले में
चार्जशीट के मुताबिक दिनेश यादव, प्रदीप लोचव, बिजेंद्र नैन, संपूर्ण सिंह, संदीप, देविंदर, सुशीला राणा, सचिन हुड्डा, सतिंदर हुड्डा, रविंदर बनिया, नरिंदर मलिक, नवीन, शैलेश सिंह, शिव बहादुर, संजय कुमार श्रीवास्तव उर्फ  मिथलेश पांडे उर्फ गुरुजी, ललित कुमार और सुखप्रीत सिंह आरोपी हैं।

केस में 66 गवाह
पुलिस ने केस में सभी 17 आरोपियों के खिलाफ 66 गवाह बनाए हैं। इनमें सबसे अहम गवाहों में से एक पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर सुरजीत सिंह हैं। इसके अलावा यूटी शिक्षा विभाग से रजिस्ट्रार एजुकेशन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन जसवीर सिंह, सुपरिंटेंडेंट आफिस रजिस्ट्रार डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन उमेश कुमार भी शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी के कई अधिकारी शामिल हैं। वहीं केस में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंस चंडीगढ़ के चीफ कंट्रोलर आरके शर्मा को भी गवाह बनाया है। वहीं दिल्ली मायापुरी स्थित जिस प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक हुए थे उसके कुछ कर्मियों को भी गवाह बनाया गया है।


रेलवे, मेडिकल के अलावा कई परीक्षाएं कर चुके हैं लीक
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार जेबीटी भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड संजय श्रीवास्तव उर्फ गुरुजी और शिव बहादुर के खिलाफ सबसे पहले लखनऊ में रेलवे पेपर लीक मामले में 2006 में केस दर्ज हुआ था। दोनों को पुलिस ने गिर तार भी किया था। इसके बाद इनके साथ शैलेश भी जुड़ गया। शैलेश शिव बहादुर का रिश्तेदार है। उसी ने गुरुजी से उसे मिलवाया था। शैलेश के खिलाफ चंडीगढ़ के अलावा पंजाब में चार और हैदराबाद में एक एफआईआर दर्ज है, जबकि शिव बहादुर के खिलाफ यूपी में एक, पंजाब में चार और हैदराबाद में एक समेत 6 एफआईआर दर्ज हैं। वहीं मास्टरमाइंड गुरुजी पर भी यूपी में एक, पंजाब में चार और हैदराबाद में एक एफआईआर दर्ज हैं। वहीं जांच के दौरान इनके तार व्यापम घोटाले से भी जुड़े सामने आए हैं।

टाइम लाइन  
- पंजाब विजिलेंस की रिपोर्ट पर जांच के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने 29 जुलाई 2016 को केस दर्ज किया।
- 04 नवंबर 2016 को एसआईटी ने भिवानी से मु य आरोपी दबोचा
- 17 मई 2017 को संजय श्रीवास्तव उर्फ गुरुजी और शिव बहादुर को पंजाब पुलिस ने तेलंगाना से गिर तार किया
- 7 जुलाई 2017 को चंडीगढ़ पुलिस गुरुजी और श्वि बहादुर को पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई
- 15 जुलाई 2017 को पुलिस ने गुरुजी और श्वि बहादुर को न्यायिक हिरासत में भेजा
- 7 अक्तूबर 2017 को गुरुजी को मिली जमानत
- 22 जनवरी जेबीटी भर्ती घोटाले में चालान दायर
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