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बहुत काट रहे हैं चंडीगढ़ के कुत्ते, बचकर रहें

Tue, 20 May 2014 12:40 PM IST
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 20 May 2014 12:40 PM IST
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शहर में कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन इनकी नसबंदी का काम रुका हुआ है। कुत्तों की नसबंदी करने वाली सोसायटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स(एसपीसीए) के प्रबंधन ने बताया कि यहां डॉ. रमन शर्मा ऑपरेशन करते हैं, लेकिन वे 17 मई से एक हफ्ते की छुट्टी पर गए हैं। वे वीरवार को आएंगे।

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प्रशासन की ओर से संस्था को पिछले साल 30.60 लाख का बजट मिला जबकि नगर निगम भी हर ऑपरेशन के लिए संस्था को एक हजार रुपये दे रहा है। यही नहीं, महीने भर में केवल 18 ही कुत्तों की नसबंदी हुई है।
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5 हजार कुत्तों की ही हुई वैक्सीनेशन
नगर निगम की ओर से हर साल स्ट्रीट डॉग्स को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाए जाने चाहिए, लेकिन यह काम भी सिर्फ कागजों में ही हो रहा है। निगम का दावा है कि पिछले साल 5162 कुत्तों को ही एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाए जबकि शहर में कुत्तों की संख्या 11 हजार के पार है। प्रशासन द्वारा वर्ष 2012 में किए सर्वे के मुताबिक शहर में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 7876 थी जो अब बढ़कर करीब 11 हजार से अधिक हो चुकी है।
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ऑपरेशन थिएटर में नहीं कोई व्यवस्था
एसपीसीए में जहां कुत्तों की नसबंदी का ऑपरेशन होता है, वहां ओटी लाइट्स ही नहीं लगी है। जिस कमरे में ऑपरेशन हो रहे हैं, वह भी पूरी तरह से कवर्ड नहीं है। वहीं ओटी में पिछले महीने एसी लगवा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक एक ही इंस्ट्रूमेंट्स पैक से कई-कई ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिन कमरों में कुत्तों को रखा हुआ है, वहां बिजली की नंगी तारें पड़ी हैं और बिजली के बोर्ड खुले पड़े हैं। कभी भी कोई जानवर हादसे का शिकार हो सकता है।

ऑपरेशन के बाद महीनों तक पड़े रहते हैं कुत्ते:
आमतौर पर नसबंदी के बाद कुत्ते को एक हफ्ते के बीच छोड़ दिया जाता है, लेकिन यहां कुत्ते ठीक होने की बजाय महीनों तक ऐसे ही पड़े रहते हैं। मार्च महीने में एसपीसीए में 8 कुत्ते नसबंदी के लिए आए थे। ये कुत्ते ऑपरेशन के करीब 40 दिनों तक एसपीसीए में ही पड़े गए।


कई बार तो कुत्ते ठीक भी हो जाते हैं तो उन्हें वापस लेने नगर निगम की टीम आती ही नहीं। निगम की यह जिम्मेवारी बनती है कि वे जहां से कुत्ते को लेकर आए थे, ऑपरेशन के बाद वहां छोड़कर जाएं। यहां कुत्तों की देखरेख भी ढंग से नहीं हो रही। बीते दो दिनों में यहां दो कुत्ते जाली तोड़कर भाग निकले थे।

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