गुड न्यूजः अब रात 2 बजे तक डिस्को में झूमे नाचें
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यदि आप साइबर कैफे चला रहे हैं या फिर इमीग्रेशन कंपनी तो आपके लिए यह खबर मतलब की है। चंडीगढ़ के उपायुक्त ने धारा 144 के तहत पांच आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पेइंग गेस्ट, साइबर कैफे, इमीग्रेशन एजेंट्स के लिए खास है।
यह आदेश एक अप्रैल से लागू होगा और 30 मई तक प्रभावी रहेगा। डीसी के आदेश के अनुसार, अब साइबर कैफे डिस्को, रेस्टोरेंट, क्लब को शनिवार और रविवार को सुबह दो बजे तक खोले जा सकते हैं।
कैफे वालों को निर्देश
1. पहचान पत्र न दिखाने वालों को साइबर कैफे न यूज करने दें
2. विजिटर्स की आईडेंटिटी सहेजने के लिए रजिस्टर मेंटेन करें
3. विजिटर्स से उनकी हैंडराइटिंग में फोन नंबर, नाम और पता लें
4. पहचान के लिए आईडेंटिटी कार्ड, डीएल, राशन कार्ड और वोटर कार्ड लें
5. एक्टिविटी सर्वर का रिकार्ड मुख्य सर्वर से अलग करें, रिकार्ड छह माह सहेजें
पेइंग गेस्ट और नौकर की देनी होगी जानकारी
पेइंग गेस्ट का रिकार्ड पुलिस के पास नहीं होता क्योंकि न तो वह टैनेंट के रूप में होते हैं न ही काम करने वालों के रूप में। ऐसी स्थिति में कोई असामाजिक तत्व पेइंग गेस्ट के रूप में पैठ न बनाएं।
डीसी के अनुसार कई ऐसे मामले सामने आएं हैं जिसमें पेइंग गेस्ट ने हंगामा किया है। पेइंग गेस्ट एकोमोडेशन पर चेक रखा जाए, जिससे कि कोई गड़बड़ी न हो।
चंडीगढ़ के डीसी ने आदेश दिया है कि पेइंग गेस्ट की सारी जानकारी स्टेशन हाउस आफिसर को दी जाए। पेइंग गेस्ट की यह जानकारी एक माह के भीतर दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही नौकर रखने पर भी स्टेशन हाउस आफिस में जानकारी देना अनिवार्य है। एक बजे से साढ़े चार बजे तक रोड साइट पर बने रेस्टोरेंट, डिस्को, ढाबा और अन्य कामर्शियल इस्टेबलिशमेंट को 60 दिन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वीजा/इमीग्रेशन एजेंट्स पर लगाम कसी
चंडीगढ़ में काम करने वाली वीजा और इमीग्रेशन कंपनियों पर भी लगाम कसी है। डीसी के आदेश के अनुसार ऐसी इमीग्रेशन कंपनियों को चंडीगढ़ पुलिस की पब्लिक विंडो पर लिखित में अपने बारे में एक सप्ताह में पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें यह भी बताना आवश्यक होगा कि उन्होंने अपना बिजनेस कब शुरू किया है।