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Intelligence Report : एनजीटी की सख्ती के बाद भी बेलगाम है खनन माफिया, हरियाणा में जोरों पर है अवैध धंधा

Thu, 15 Sep 2022 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 15 Sep 2022 06:02 AM IST
सार

Chandigarh News : पिछले सप्ताह खुफिया एजेंसियों को जिला इकाइयों से अवैध खनन के पुख्ता इनपुट मिले थे, जिनके आधार पर पंचकूला और नूंह जिले में कार्रवाई भी की गई है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम, पलवल, नूंह, फरीदाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़ और पंचकूला में अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। 

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Chandigarh: Despite the strictness of NGT, the mining mafia remains unbridled
अवैध खनन file pic... - फोटो : amarujala

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बावजूद माफिया और तेजी से अवैध खनन को अंजाम दे रहा है। पिछले सप्ताह खुफिया एजेंसियों को जिला इकाइयों से अवैध खनन के पुख्ता इनपुट मिले थे, जिनके आधार पर पंचकूला और नूंह जिले में कार्रवाई भी की गई है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम, पलवल, नूंह, फरीदाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़ और पंचकूला में अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। 

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बेलगाम खनन माफिया अरावली के अलावा पंचकूला, भिवानी और महेंद्रगढ़ में रोजाना करोड़ों रुपये की खनन सामग्री अवैज्ञानिक और अवैध तरीके से निकालकर पूरे प्रदेश में सप्लाई कर रहा है। इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां अब यह इनपुट जुटा रही हैं कि अवैध खनन कराने में कौन सी बड़ी मछलियां शामिल हैं।
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गौरतलब है कि एनजीटी के बीते 26 अगस्त के आदेश से उम्मीद बंधी थी कि अवैध खनन पर लगाम कसेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। खान एवं भूगर्भ विभाग और पुलिस अवैध खनन को रोकने में कामयाब नहीं हो पाई। मुख्य सचिव ने अगस्त महीने में डीसी को अवैध खनन के खिलाफ खुद मोर्चा संभालने के निर्देश दिए थे, जिनका असर अभी तक धरातल पर नहीं हुआ है।
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एनजीटी के आदेश के बावजूद न तो अवैध खनन में संलिप्त ठेकेदारों से रिकवरी हुई, न ही खनन माफिया को संरक्षण देने वाले बेनकाब हुए। जिन खनन कंपनियों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए थे, वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। पूर्व के आदेशानुसार भी अब तक डिफाल्टर ठेकेदारों से रिकवरी नहीं हुई है।
 
कल से नदियों में खुलेगा खनन : मूलचंद शर्मा
खान एवं भू-गर्भ मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि 1 जुलाई से 15 सितंबर तक नदियों में खनन कार्य बंद था। 16 सितंबर से खनन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। खनन पट्टे आवंटित करने का काम जल्द पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह में 2100 हेक्टेयर में खनन कार्य शुरू करने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से मांगी है, जिस पर अभी आदेश आना बाकी है। फरीदाबाद, गुरुग्राम में 2002 और नूंह में 2009 से खनन कार्य बंद है। उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेश पर अमल शुरू कर दिया है। अवैध खनन के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों से जुर्माना वसूला जाएगा। विशेषज्ञों की टीम जुर्माने का आकलन कर रही है।

अभी कहां, कैसे हो रहा अवैध खनन
पंचकूला में घग्गर और टांगरी नदी में माफिया इन दिनों सक्रिय है। यमुना के किनारे रेत का अवैध खनन हो रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह के अलावा भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर का खनन जारी है। माफिया के लोग बीते तीन साल में अवैध खनन रोकने आई अधिकारियों की टीमों पर अनेक बार हमला कर चुके हैं। 2019 से 2022 तक पुलिस कर्मियों पर हमले के 79 मामले दर्ज हुए, जिनमें 227 आरोपी गिरफ्तार किए गए। 60 पुलिस कर्मी घायल हुए, जबकि बीते जुलाई में नूंह में डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की डंपर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी।


मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ताजा कार्रवाई

  • सीआईडी के इनपुट पर सात सितंबर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की पंचकूला और अंबाला टीम ने पंचकूला जिले के हंगोली में छापा मारकर पंचायती जमीन में अवैध खनन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की
  • छह सितंबर को पुलिस ने आपरेशन आक्रमण-टू चलाया, अकेले नूंह में अवैध खनन से जुड़े 25 डंपर जब्त किए
  • खान एवं भूगर्भ विभाग अब तक जमीनी स्तर पर माफिया की कमर तोड़ने में नाकाम रहा

एनजीटी के निर्देश और उन पर कार्रवाई
निर्देश : अरावली में अवैध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित करें। दोबारा पौधरोपण कराने के साथ डैमेज राशि तय कर वसूली जाए। 
हकीकत : इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
निर्देश : खनन ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से निकाले गए पत्थर की राशि का आकलन कर रिकवरी करें। 
हकीकत : नतीजा सिफर रहा 
निर्देश : आवंटित खनन पट्टों की फेंसिंग और आसपास पौधरोपण किया जाए 
हकीकत : अभी तक कुछ भी कार्य नहीं हुआ।
निर्देश : अवैध स्टोन क्रशर बंद कराए जाएं। 
हकीकत : प्रदेश में अब भी दर्जनों अवैध स्टोन क्रशर चोरी-छिपे चल रहे हैं।

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