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चंडीगढ़: डेढ़ करोड़ लूट का मामला, पुलिस टॉर्चर से परेशान ड्राइवर ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 Jan 2018 09:40 AM IST
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Chandigarh robbery
- फोटो : File Photo
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बीती नौ जनवरी को सेक्टर-33 निवासी कोल्ड स्टोर के मालिक अजीत जैन के घर से हुई डेढ़ करोड़ रुपये की ज्वैलरी लूट मामले में वीरवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब जैन के ड्राइवर अविनाश यादव (48) का शव अंबाला-कालका रेलवे लाइन पर गांव गाजीपुर सैणियां के पास से बरामद हुआ। रेलवे पुलिस की जांच के मुताबिक अविनाश ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की है।
पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें अविनाश ने लिखा कि वह बेकसूर है। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि चंडीगढ़ पुलिस की मारपीट और लोगों की जलालत भरी नजरों का सामना करने की हिम्मत उसमें नहीं है। अविनाश ने सुसाइड नोट में पुलिस के टॉर्चर करने से तंग आकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। साथ ही अपने बच्चों से माफी मांगने के अलावा पुलिस से अपने परिवार को तंग नहीं करने की बात लिखी है।
शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे रेलवे पुलिस को रेलवे लाइन पर शव पड़े होने की सूचना मिली। मृतक की पैंट की जेब से सुसाइड नोट मिला और अन्य दस्तावेजों से उनकी पहचान हुई। अविनाश शुक्रवार सुबह सवा 8 बजे परिवार को बिना कुछ बताए एक्टिवा स्कूटर से घर से निकले थे। अविनाश यादव की मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिवार ने चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अविनाश के बच्चों ने कहा कि यूटी पुलिस उनके पिता को झूठे केस में फंसाना चाहती थी।
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पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें अविनाश ने लिखा कि वह बेकसूर है। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि चंडीगढ़ पुलिस की मारपीट और लोगों की जलालत भरी नजरों का सामना करने की हिम्मत उसमें नहीं है। अविनाश ने सुसाइड नोट में पुलिस के टॉर्चर करने से तंग आकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। साथ ही अपने बच्चों से माफी मांगने के अलावा पुलिस से अपने परिवार को तंग नहीं करने की बात लिखी है।
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शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे रेलवे पुलिस को रेलवे लाइन पर शव पड़े होने की सूचना मिली। मृतक की पैंट की जेब से सुसाइड नोट मिला और अन्य दस्तावेजों से उनकी पहचान हुई। अविनाश शुक्रवार सुबह सवा 8 बजे परिवार को बिना कुछ बताए एक्टिवा स्कूटर से घर से निकले थे। अविनाश यादव की मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिवार ने चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अविनाश के बच्चों ने कहा कि यूटी पुलिस उनके पिता को झूठे केस में फंसाना चाहती थी।
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पुलिस जांच भटकाने का भी शक
Chandigarh robbery
- फोटो : File Photo
डीएसपी ने कहा अविनाश पर नहीं था संदेह, एसएचओ ने दो बार की पूछताछ
लूट मामले की जांच डीएसपी साउथ दीपक यादव की सुपरविजन में हो रही है। उन्होंने कहा कि अविनाश तो पुलिस के संदेह के घेरे में भी नहीं था। वहीं थाना-34 एसएचओ अजय कुमार ने बताया कि अविनाश से महज दो बार ही पूछताछ की गई थी लेकिन मारपीट करना तो दूर कभी सख्ती से भी पूछताछ तक नहीं की। चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर लगे आरोपों पर हैरानी जताई है।
अविनाश ने मालिक अजीत जैन को नहीं बताई थी परेशानी
लूट मामले के शिकायतकर्ता अजीत जैन ने कहा कि पुलिस ने उनके पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि उनके ड्राइवर अविनाश यादव ने उन्हें कभी पुलिस के उसे टॉर्चर करने की बात नहीं बताई जबकि बीते वीरवार को अविनाश सुबह ड्यूटी पर आकर शाम करीब साढ़े सात बजे वापस घर गया था लेकिन उसने खुदकुशी क्यों कि वह इस पर हैरान हैं। उन्होंने भी पुलिस पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।
पुलिस जांच भटकाने का भी शक
अजीत जैन ने अविनाश की मौत के पीछे संदिग्ध कारण होने का अंदेशा जताते हुए पुलिस जांच की दिशा भटकाने का भी अंदेशा जताया। ने कहा कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि मामले में किसी प्रकार से पुलिस जांच को भटकाने की साजिश रची गई हो। अजीत जैन ने कहा कि वह और उनके पारिवारिक सदस्यों में डर बना हुआ है लेकिन पुलिस ने उनके घर के आसपास सुरक्षा तक नहीं बढ़ाई है जबकि डीएसपी दीपक यादव ने कहा कि चीता स्क्वॉयड व अन्य पुलिसकर्मी कुछ-कुछ समय के अंतराल पर उनके घर के बाहर नजर रखते हैं।
मृतका का परिवार सदमे में
मृत अविनाश यादव अपने पीछे पत्नी सुनीता यादव सहित तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बेटे पंकज यादव, बेटी सरिता, कविता और सपना ने बीते एक सप्ताह से पुलिस पर पिता को थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया। अविनाश 22 दिनों से अजीत जैन के पास बतौर ड्राइवर कार्यरत थे जबकि इससे पहले वह औद्योगिक विभाग पंचकूला के एक फैक्टरी मालिक के पास ड्राइवर की नौकरी करते थे।
लूट मामले की जांच डीएसपी साउथ दीपक यादव की सुपरविजन में हो रही है। उन्होंने कहा कि अविनाश तो पुलिस के संदेह के घेरे में भी नहीं था। वहीं थाना-34 एसएचओ अजय कुमार ने बताया कि अविनाश से महज दो बार ही पूछताछ की गई थी लेकिन मारपीट करना तो दूर कभी सख्ती से भी पूछताछ तक नहीं की। चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर लगे आरोपों पर हैरानी जताई है।
अविनाश ने मालिक अजीत जैन को नहीं बताई थी परेशानी
लूट मामले के शिकायतकर्ता अजीत जैन ने कहा कि पुलिस ने उनके पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि उनके ड्राइवर अविनाश यादव ने उन्हें कभी पुलिस के उसे टॉर्चर करने की बात नहीं बताई जबकि बीते वीरवार को अविनाश सुबह ड्यूटी पर आकर शाम करीब साढ़े सात बजे वापस घर गया था लेकिन उसने खुदकुशी क्यों कि वह इस पर हैरान हैं। उन्होंने भी पुलिस पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।
पुलिस जांच भटकाने का भी शक
अजीत जैन ने अविनाश की मौत के पीछे संदिग्ध कारण होने का अंदेशा जताते हुए पुलिस जांच की दिशा भटकाने का भी अंदेशा जताया। ने कहा कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि मामले में किसी प्रकार से पुलिस जांच को भटकाने की साजिश रची गई हो। अजीत जैन ने कहा कि वह और उनके पारिवारिक सदस्यों में डर बना हुआ है लेकिन पुलिस ने उनके घर के आसपास सुरक्षा तक नहीं बढ़ाई है जबकि डीएसपी दीपक यादव ने कहा कि चीता स्क्वॉयड व अन्य पुलिसकर्मी कुछ-कुछ समय के अंतराल पर उनके घर के बाहर नजर रखते हैं।
मृतका का परिवार सदमे में
मृत अविनाश यादव अपने पीछे पत्नी सुनीता यादव सहित तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बेटे पंकज यादव, बेटी सरिता, कविता और सपना ने बीते एक सप्ताह से पुलिस पर पिता को थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया। अविनाश 22 दिनों से अजीत जैन के पास बतौर ड्राइवर कार्यरत थे जबकि इससे पहले वह औद्योगिक विभाग पंचकूला के एक फैक्टरी मालिक के पास ड्राइवर की नौकरी करते थे।