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एनआईए की पूछताछ में आतंकियों ने निलंबित डीएसपी दविंदर के बारे में किए बड़े खुलासे, पढ़ें
Fri, 17 Jan 2020 12:28 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 12:28 PM IST
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निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ पकड़े गए आतंकियों ने एनआईए की पूछताछ में नया खुलासा कर सबको चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ में आतंकियाें ने खुलासा किया है कि वह कश्मीरी शॉल और ड्राईफूट बेचने के बहाने चंडीगढ़ समेत पंजाब के हिस्सों की रेकी है।
वह उन जगहों को चुनते थे, जहां भीड़ भाड़ ज्यादा होती है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-22, 19 समेत अन्य भीड़भाड़ वाली मार्केट को चुनकर रेकी की। इसके अलावा वह कुछ दिन चंडीगढ़ में रहकर भी गए हैं। ऐसे में सवाल है कि जब आतंकी कश्मीरी शॉल और ड्राईफूट बेचने के बहाने चंडीगढ़ आए तो उन्होंने अपने रहने के लिए ठिकाना कहां बनाया होगा।
डीएसपी दविंदर सिंह और आतंकियों से एक के बाद एक खुलासे से चंडीगढ़ पुलिस, सीआईडी, इंटेलिजेंस, समेत सभी जांच एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में जुटी है कि आखिरकार दविंदर सिंह इन दोनों आतंकियों को चंडीगढ़ में कहां रुकवाना चाहता था। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे साफ हो सके कि आतंकियों ने चंडीगढ़ में रहने के लिए अपना ठिकाना बनाया हो।
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आतंकियों को चंडीगढ़ में ठहराने के लिए लेने थे 12 लाख
सूत्रों के अनुसार, दविंदर सिंह ने खुलासा किया है कि हिजबुल कमांडर नावेद बाबा और आसिफ को चंडीगढ़ में ठहरवाने के लिए 12 लाख रुपये लेने थेे। ऐेसे में पुलिस टीम के लिए भी सिरदर्द बना है कि उन्हें किन जगहों पर ठहराना था। दूसरी तरफ, पुलिस शहर के होटलों समेेत संदिग्ध जगहों पर नजर बनाए हुए है। एजेंसियां जांच में जुटी है कि कहीं इन आतंकियों की मंशा यहां हमला करने की तो नहीं थी।
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वह उन जगहों को चुनते थे, जहां भीड़ भाड़ ज्यादा होती है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-22, 19 समेत अन्य भीड़भाड़ वाली मार्केट को चुनकर रेकी की। इसके अलावा वह कुछ दिन चंडीगढ़ में रहकर भी गए हैं। ऐसे में सवाल है कि जब आतंकी कश्मीरी शॉल और ड्राईफूट बेचने के बहाने चंडीगढ़ आए तो उन्होंने अपने रहने के लिए ठिकाना कहां बनाया होगा।
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डीएसपी दविंदर सिंह और आतंकियों से एक के बाद एक खुलासे से चंडीगढ़ पुलिस, सीआईडी, इंटेलिजेंस, समेत सभी जांच एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में जुटी है कि आखिरकार दविंदर सिंह इन दोनों आतंकियों को चंडीगढ़ में कहां रुकवाना चाहता था। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे साफ हो सके कि आतंकियों ने चंडीगढ़ में रहने के लिए अपना ठिकाना बनाया हो।
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आतंकियों को चंडीगढ़ में ठहराने के लिए लेने थे 12 लाख
सूत्रों के अनुसार, दविंदर सिंह ने खुलासा किया है कि हिजबुल कमांडर नावेद बाबा और आसिफ को चंडीगढ़ में ठहरवाने के लिए 12 लाख रुपये लेने थेे। ऐेसे में पुलिस टीम के लिए भी सिरदर्द बना है कि उन्हें किन जगहों पर ठहराना था। दूसरी तरफ, पुलिस शहर के होटलों समेेत संदिग्ध जगहों पर नजर बनाए हुए है। एजेंसियां जांच में जुटी है कि कहीं इन आतंकियों की मंशा यहां हमला करने की तो नहीं थी।
चार महीनों में चार आतंकी हमले की मिली है धमकी
2019 अगस्त से नवंबर महीने के बीच चार भीड़भाड़ वाली जगहों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इनमें एलांते मॉल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट, जिला अदालत समेत सेक्टर-11 पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर ब्वॉयज (पीजीजीसी) शामिल है।
धमकी मिलने पर पुलिस ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, लेकिन अब तक इन चारों जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और जिला अदालत को मिलने वाली धमकियों को पुलिस इन आतंकियों से जोड़कर देख रही है।
ट्राइसिटी के कॉलेजों पर भी नजर
जालंधर के थाने पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने वाले दो कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार पुलिस अब ट्राइसिटी के कॉलेजों में भी कश्मीरी छात्रों पर भी नजर बनाए हुए हैै। पुलिस अब ऐसे कश्मीरी छात्रों की पहचान करने में जुटी हुई है, जो पिछले काफी समय से कॉलेज नहीं पहुंचे हों या फिर अचानक लापता हो गए हों। पुलिस अब कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है।
धमकी मिलने पर पुलिस ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, लेकिन अब तक इन चारों जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और जिला अदालत को मिलने वाली धमकियों को पुलिस इन आतंकियों से जोड़कर देख रही है।
ट्राइसिटी के कॉलेजों पर भी नजर
जालंधर के थाने पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने वाले दो कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार पुलिस अब ट्राइसिटी के कॉलेजों में भी कश्मीरी छात्रों पर भी नजर बनाए हुए हैै। पुलिस अब ऐसे कश्मीरी छात्रों की पहचान करने में जुटी हुई है, जो पिछले काफी समय से कॉलेज नहीं पहुंचे हों या फिर अचानक लापता हो गए हों। पुलिस अब कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है।