चंडीगढ़ में कोरोना का एक साल : संक्रमण की तेज रफ्तार दिसंबर-जनवरी में थमी, अब फिर बढ़ा खतरा, लापरवाही बनी वजह
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18 मार्च 2020 को चंडीगढ़ में कोरोना का पहला मरीज मिला था। इसके बाद एक-एक कर यह संख्या बढ़ती गई और वायरस ने महामारी का रूप ले लिया। फिर लॉकडाउन लगा। लोग घरों में कैद हो गए। फैक्टरियां, दुकानें, शोरूम सब पर ताला लग गया। लोग बेरोजगार हुए और पलायन का दौर शुरू हुआ।
एक तरफ दिल दहला देने वाले मंजर थे तो दूसरी ओर कोरोना योद्धाओं के रूप में खड़े डॉक्टर दिन-रात एक कर इस महामारी से मुकाबला कर रहे थे। हालात यह भी हुए कि खुद डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आने लगे लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से कोरोना लगभग काबू में आ गया था लेकिन लोगों की लापरवाही से एक बार फिर कोरोना पांव पसारने लगा है। फिर भी पूरा भरोसा है, जिंदगी की जंग...जीत लेंगे हम।
कोरोना को आए पूरा एक साल हो चुका है। चुनौतियों के बीच इससे अभी हम जूझ रहे हैं। एक साल पूरा होने से पहले फिर से कोरोना सिर उठाने लगा है। चंडीगढ़ में 18 मार्च 2020 को पहले केस की पुष्टि हुई थी। उसके बाद कोरोना के केस आने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वो अभी तक खत्म नहीं हुआ है।
एक साल में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या का आंकड़ा 23592 पर पहुंच गया है। अब तक 21903 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 357 की जान चली गई है। अब तक करीब 57 हजार लोगों को टीका लग चुका है। एक साल के दौरान रोज सामने आने वाले कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा कभी ऊपर तो कभी नीचे देखा गया।
सितंबर में चरम पर था कोरोना
कोरोना संक्रमण में सितंबर सबसे खतरनाक गुजरा। इस महीने में कोरोना से होने वाली मौतें सबसे ज्यादा थीं। कुल 7672 केस आए, जबकि 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस महीने में कोरोना चरम पर था। लगातार बढ़ रहे केसों से चंडीगढ़ प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई थी। संक्रमण दर भी 20 के पार पहुंच गई थी। तमाम उपायों के बावजूद मौत पर काबू नहीं पाया जा सका लेकिन फिर महीना बदला और इसके बाद स्थिति भी धीरे-धीरे बदलने लगी।
दिसंबर में कम होने लगे थे केस
सितंबर बीतते ही कोरोना के केस की रफ्तार घटने लगी थी। अक्तूबर में 2213 केस आए, जबकि 65 लोगों की मौत हुई। नवंबर में दिवाली के मौके पर लोग जब खरीदारी के लिए निकले तो केसों में फिर से बढ़ोतरी देखी गई। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कोविड नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ाई शुरू की। नवंबर में कुल 3057 मरीज आए और 54 लोगों को जान गंवानी पड़ी। दिसंबर आते ही केसों की रफ्तार काफी कम हुई। दिसंबर में 2323 मरीज आए, जबकि 35 लोगों की मौत हुई। जनवरी में लोगों ने राहत की सांस ली। जनवरी में कुल 855 केस आए और 15 लोगों की मौत हुई।
57000 शहरवासियों को लगा टीका
शुरुआती समय में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी थी लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन के प्रयासों के बाद इसकी रफ्तार काफी तेज हो गई है। अब तक शहर में करीब 57 हजार लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। टीकाकरण में सबसे ज्यादा जोश 60 वर्ष के ऊपर वाले बुजुर्गों में देखने को मिल रहा है। वे पूरे उत्साह के साथ टीका लगवाने आ रहे हैं। बुजुर्गों के उत्साह को देखकर स्वास्थ्यकर्मी व अग्रिम पंक्ति के कर्मी भी वैक्सीन लगवाने के लिए तेजी से आगे आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जब तक लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आएंगे, तब तक कोरोना को रोक पाना मुश्किल होगा।
बापूधाम ने नींद उड़ा दी
एक साल के दौरान बापूधाम हॉटस्पॉट के रूप में एक बहुत बड़ी समस्या के रूप में सामने आया था। घनी आबादी के कारण संक्रमण को रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बन चुका था। 24 अप्रैल को बापूधाम में पहला संक्रमित केस मिला। उस एक मरीज ने सबसे पहले अपने परिवार के सभी सदस्यों को संक्रमित किया। उसके बाद देखते देखते पूरा क्षेत्र संक्रमण के दायरे में आ गया।
बापूधाम के उस संक्रमित मरीज ने अनजाने में घर में समारोह आयोजित कर अपने मोहल्ले के साथ ही अन्य क्षेत्रों व सेक्टरों में बसे अपने सगे- संबंधियों को भी बुला लिया। इससे कोरोना की चेन देखते ही देखते सैकड़ों में सक्रिय हो गई। बापूधाम के साथ ही शहर के कुछ अन्य इलाके भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए, जिसमें मनीमाजरा, मौलीजागरां और सेक्टर-45 में भी स्थिति गंभीर हो गई। प्रशासन को संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए इन क्षेत्रों को भी हॉटस्पॉट घोषित करना पड़ा था।
मार्च-2021 : सावधान ! फिर बढ़ने लगा कोरोना
चार महीने बाद चंडीगढ़ के हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। कोविड नियमों का पालन नहीं करने पर मार्च के दूसरे हफ्ते से केसों की रफ्तार बढ़ गई है। मार्च 2021 में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण दर भी दस के पार चली गई है। विशेषज्ञों ने इसे कोरोना की दूसरी लहर का संकेत बताया है। यही हालात रहे तो स्थिति भयावह हो सकती है। ऐसे में लोगों को समझना होगा कि कोरोना अभी गया नहीं है। सभी को नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।