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पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर समेत चार के खिलाफ आरोपपत्र दायर
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चंडीगढ़। मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर से जुड़े पांच लाख रुपये की रिश्वत प्रकरण में मंगलवार को सीबीआई ने आरोपपत्र दायर कर दिया। यह आरोपपत्र जसविंदर कौर, भगवान सिंह, सरबजीत सिंह, रणधीर और निरपिंदर के खिलाफ दायर किया गया है। इन सब पर आईपीसी की धारा 120 बी, 467, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7 ए के तहत केस चलेगा।
मामला बीते 26 जून 2020 का है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया था कि 5 जून को उसके घर पर दो पुलिसकर्मी आए और कहा कि उसके खिलाफ थाने में शिकायत आई है। आपको थाने चलना होगा। वह उस दिन किसी कारण थाने नहीं जा सका। इसके बाद 10 जून को मनीमाजरा थाने की तत्कालीन प्रभारी जसविंदर कौर ने उसे कॉल कर थाने बुलाया और कहा कि उनको शिकायत मिली है कि उसने रणधीर सिंह की पत्नी की सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर 28 लाख की धोखाधड़ी की है। इसके बाद जब वह थाने पहुंचा तो वहां एसएचओ जसविंदर कौर, रणधीर सिंह, भगवान सिंह, निरपिंदर सिंह के साथ बैठी हुईं थीं।
गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया कि एसएचओ समेत उक्त सभी लोगों ने उसके साथ गाली-गलौच की और रुपये नहीं देने पर केस दर्ज करने की धमकी दी। इस दौरान समझौता करने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। सौदा तय होने के बाद उससे एक जुलाई तक रिश्वत के पूरे पैसे देने को कहा गया। इसके बाद बीते 19 जून को संगरूर के मेहलन चौक पर भगवान सिंह नामक शख्स को गुरदीप सिंह ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर दो लाख रुपये दे दिए। गुरदीप की शिकायत के बाद सीबीआई ने बिचौलिए भगवान सिंह को मोहाली से रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
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26 तारीख दिन बाद जसविंदर ने किया था अदालत में सरेंडर
मामले का खुलासा होने के बाद जसविंदर कौर सीबीआई के सामने पेश नहीं हुई और कई दिनों तक गायब रही। इसके बाद सीबीआई अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी लेकिन आरोपी जसविंदर कौर ने 26 दिन बाद सीबीआई अदालत में सरेंडर कर दिया। मामले से संबंधित दस्तावेज, जसविंदर कौर, भगवान सिंह व अन्य आरोपियों के बीच साजिश, 25 दिन में वह कहां गायब रही, इन सबकी पूछताछ के लिए सीबीआई ने आरोपी जसविंदर का चार दिन का रिमांड लिया था। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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एक अन्य रिश्वतकांड में भी आया था जसविंदर कौर का नाम
अक्तूबर 2017 को सीबीआई ने सेक्टर 31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मोहन सिंह ने 307 के एक केस से तीन आरोपियों को बाहर करने की एवज में नौ लाख रुपये मांगे थे। नौ लाख में से आठ लाख की रिश्वत लेने में तत्कालीन थाना प्रभारी जसविंदर कौर का भी नाम सामने आया था।
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मामला बीते 26 जून 2020 का है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया था कि 5 जून को उसके घर पर दो पुलिसकर्मी आए और कहा कि उसके खिलाफ थाने में शिकायत आई है। आपको थाने चलना होगा। वह उस दिन किसी कारण थाने नहीं जा सका। इसके बाद 10 जून को मनीमाजरा थाने की तत्कालीन प्रभारी जसविंदर कौर ने उसे कॉल कर थाने बुलाया और कहा कि उनको शिकायत मिली है कि उसने रणधीर सिंह की पत्नी की सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर 28 लाख की धोखाधड़ी की है। इसके बाद जब वह थाने पहुंचा तो वहां एसएचओ जसविंदर कौर, रणधीर सिंह, भगवान सिंह, निरपिंदर सिंह के साथ बैठी हुईं थीं।
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गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया कि एसएचओ समेत उक्त सभी लोगों ने उसके साथ गाली-गलौच की और रुपये नहीं देने पर केस दर्ज करने की धमकी दी। इस दौरान समझौता करने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। सौदा तय होने के बाद उससे एक जुलाई तक रिश्वत के पूरे पैसे देने को कहा गया। इसके बाद बीते 19 जून को संगरूर के मेहलन चौक पर भगवान सिंह नामक शख्स को गुरदीप सिंह ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर दो लाख रुपये दे दिए। गुरदीप की शिकायत के बाद सीबीआई ने बिचौलिए भगवान सिंह को मोहाली से रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
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26 तारीख दिन बाद जसविंदर ने किया था अदालत में सरेंडर
मामले का खुलासा होने के बाद जसविंदर कौर सीबीआई के सामने पेश नहीं हुई और कई दिनों तक गायब रही। इसके बाद सीबीआई अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी लेकिन आरोपी जसविंदर कौर ने 26 दिन बाद सीबीआई अदालत में सरेंडर कर दिया। मामले से संबंधित दस्तावेज, जसविंदर कौर, भगवान सिंह व अन्य आरोपियों के बीच साजिश, 25 दिन में वह कहां गायब रही, इन सबकी पूछताछ के लिए सीबीआई ने आरोपी जसविंदर का चार दिन का रिमांड लिया था। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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एक अन्य रिश्वतकांड में भी आया था जसविंदर कौर का नाम
अक्तूबर 2017 को सीबीआई ने सेक्टर 31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मोहन सिंह ने 307 के एक केस से तीन आरोपियों को बाहर करने की एवज में नौ लाख रुपये मांगे थे। नौ लाख में से आठ लाख की रिश्वत लेने में तत्कालीन थाना प्रभारी जसविंदर कौर का भी नाम सामने आया था।