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Chandigarh: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में रामबाण है मोटा अनाज, डॉक्टरों की सलाह-इस सुपरफूड को सभी अपनाएं
Sat, 25 Feb 2023 04:21 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 25 Feb 2023 04:21 PM IST
सार
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की आहार विशेषज्ञ प्रो. पूनम खन्ना ने बताया कि मिलेट्स में मिनरल, विटामिन, एंजाइम और फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें मैक्रो और माइक्रो जैसे बेहतरीन पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।
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बाजरा
- फोटो : फाइल
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विस्तार
कोरोना जैसी महामारी से बचने के बाद लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर बेहद सचेत हो गए हैं। इसके लिए वे अपने खानपान में बदलाव करने के साथ रहन-सहन और दिनचर्या नियंत्रित करने लगे हैं। सुपर फूड के रूप में तेजी से सामने आने वाले मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर जागरूकता अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। डॉक्टर ओपीडी में मरीजों का इलाज करने के साथ मोटे अनाजों से होने वाले फायदे भी गिना रहे हैं।
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की आहार विशेषज्ञ डॉ. रचना श्रीवास्तव ने बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को आम बोलचाल में मोटा अनाज या मिलेट्स कहा जाता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन सावां, कंगनी, चीना का उत्पादन अब काफी कम हो गया है। डॉ. रचना ने बताया कि मोटे अनाज कई दृष्टि से हमारी सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। पीजीआई में इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भडाडा भी अपने मरीजों को मोटे अनाज के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनका मानना है कि शुगर जैसी बीमारी पर काबू के लिए इस अनाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मोटे अनाज के फायदे ही फायदे
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की आहार विशेषज्ञ प्रो. पूनम खन्ना ने बताया कि मिलेट्स में मिनरल, विटामिन, एंजाइम और फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें मैक्रो और माइक्रो जैसे बेहतरीन पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं बीटा-कैरोटीन, नाइयासिन, विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही मोटे अनाज वाली फसलों में रसायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग करने की जरूरत भी नहीं होती है।
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मोटे अनाज यानी सेहत का खजाना
मिलेट्स का न्यूट्रीशन वैल्यू काफी अच्छा है। इसमें फाइबर भी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसके फायदे को लेकर अब भी कई स्तर पर शोध चल रहा है। शुगर में भी यह कारगर पाया गया है। हम अपने मरीजों को मिलेट्स के फायदे बताने के लिए ओपीडी में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। -प्रो संजय भड़ाडा, प्रमुख इंडोक्रोनोलॉजी
पीजीआई
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पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की आहार विशेषज्ञ डॉ. रचना श्रीवास्तव ने बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को आम बोलचाल में मोटा अनाज या मिलेट्स कहा जाता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन सावां, कंगनी, चीना का उत्पादन अब काफी कम हो गया है। डॉ. रचना ने बताया कि मोटे अनाज कई दृष्टि से हमारी सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। पीजीआई में इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भडाडा भी अपने मरीजों को मोटे अनाज के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनका मानना है कि शुगर जैसी बीमारी पर काबू के लिए इस अनाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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मोटे अनाज के फायदे ही फायदे
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की आहार विशेषज्ञ प्रो. पूनम खन्ना ने बताया कि मिलेट्स में मिनरल, विटामिन, एंजाइम और फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें मैक्रो और माइक्रो जैसे बेहतरीन पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं बीटा-कैरोटीन, नाइयासिन, विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही मोटे अनाज वाली फसलों में रसायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग करने की जरूरत भी नहीं होती है।
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मोटे अनाज यानी सेहत का खजाना
- मिलेट्स में कैल्शियम, आयरन, जिंक, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फाइबर, विटामिन-बी-6, 3, कैरोटीन, लेसिथिन आदि तत्व होते हैं।
- मिलेट शरीर में स्थित अम्लता यानी एसिड दूर करता है। एसिडिटी के कई नुकसान होते हैं।
- इसमें विटामिन-B3 होता है जो शरीर की मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को ठीक रखता है, जिससे कैंसर जैसे रोग से बचाव होता है।
- मिलेट टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में भी कारगर है।
- अस्थमा रोग में लाभदायक है। बाजरा खाने से श्वास से संबंधी रोगों पर काबू मिलता है।
- यह थायराइड, यूरिक एसिड, किडनी, लिवर, लिपिड रोग और अग्नाशय से संबंधित रोगों में लाभदायक है क्योंकि यह मेटाबोल्कि सिंड्रोम दूर करने में सहायक हैं।
- मिलेट पाचन तंत्र में सुधार करने में मदद करते हैं। इन्हें खाने से गैस, कब्ज, एसिडिटी जैसे पेट के कोई रोग नहीं होते हैं।
- मिलेट में एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं। यह त्वचा को जवां बनाए रखने में मददगार है।
- मिलेट में केराटिन प्रोटीन कैल्शियम, आयरन और जिंक है जो बालों से संबंधित समस्याओं को दूर करते हैं।
- मिलेट शरीर को डीटॉक्सीफाई करते हैं, क्योंकि इसमें क्वेरसेटिन, करक्यूमिन, इलैजिक एसिड कैटिंस जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
मिलेट्स का न्यूट्रीशन वैल्यू काफी अच्छा है। इसमें फाइबर भी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसके फायदे को लेकर अब भी कई स्तर पर शोध चल रहा है। शुगर में भी यह कारगर पाया गया है। हम अपने मरीजों को मिलेट्स के फायदे बताने के लिए ओपीडी में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। -प्रो संजय भड़ाडा, प्रमुख इंडोक्रोनोलॉजी
पीजीआई