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BJP के एक गुट ने खेला दांव, चंडीगढ़ में एडवाइजर के तबादले की सुगबुगाहट
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Sep 2017 03:54 PM IST
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एडवाइजर परिमल राय
- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ में इन दिनों प्रशासक के सलाहकार के तबादले की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सचिवालय के सीनियर आईएएस भी नए एडवाइजर के आने की हलचल से परेशान हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो मौजूदा एडवाइजर को चंडीगढ़ प्रशासन से हटाने की लॉबिग भाजपा के एक गुट ने तेज कर दी है। मौजूदा एडवाइजर की जगह भाजपा के वरिष्ठ नेता के खास आईएएस को चंडीगढ़ प्रशासन में एडवाइजर लगाने की तैयारी की जा रही है।
इससे पहले भी पूर्व एडवाइजर विजय देव की कुर्सी भाजपा की अंदरूनी सियासत की भेंट चढ़ चुकी है। बताया जाता है कि सलाहकार के तबादले को लेकर भाजपा का एक गुट दिल्ली में डेरा डाल रखा है। वहीं एडवाइजर भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। दरअसल, शुक्रवार को पंजाब गवर्नर हाउस, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ भाजपा में एडवाइजर को लेकर खूब उठापटक देखने को मिली।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह द्वारा आईएएस कृति गर्ग के ट्रांसफर आर्डर को लेकर पीएमओ को लिखे पत्र से शुरू हुई। सांसद के विरोधी गुट ने एडवाइजर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तबादले के बावजूद आईएएस कृति गर्ग को रिलीव नहीं करने का मुद्दा उठाया। बता दें कि गृह मंत्रालय ने 30 मई को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर यूटी प्रशासन में मौजूदा तीन आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर आर्डर जारी किए थे।
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इनमें आईएएस एसबी दीपक कुमार, आईएएस तपस्या राघव और आईएएस कृति गर्ग का नाम शामिल था। गृह मंत्रालय ने डा. एसबी दीपक कुमार का दमन एंड दीव व एसडीएम ईस्ट तपस्या राघव का अरुणाचल प्रदेश में ट्रांसफर कर दिया गया था। जबकि कृति गर्ग का ट्रांसफर अंडमान निकोबार में किया गया था। लेकिन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के कहने पर आईएएस कृति गर्ग को यूटी प्रशासन में रोक लिया गया।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने एमएचए में यह हवाला दिया था कि पहले ही अफसरों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। जब तक नए अधिकारियों की ज्वाइनिंग नहीं हो जाती, तब तक आईएएस कृति गर्ग को यूटी प्रशासन में सेवाएं देने से न रोका जाए।
सांसद के चहेते हैं एडवाइजर परिमल राय
सांसद किरण खेर अपने हर जन कार्यक्रम में एडवाइजर परिमल राय का गुणगान करती है। इससे साफ जाहिर है कि एडवाइजर परिमल राय सांसद के चहेते हैं। यह बात कहीं न कहीं सांसद के विपक्षियों के हजम नहीं हो रही थी। खेर की मुखालफत कर रहे एक गुट में इस समय इसलिए खलबली मची हुई है,
क्योंकि सांसद किरण खेर अभी से संसदीय चुनाव के लिए ताल ठोक चुकी है। यहीं कारण है कि चंडीगढ़ भाजपा का एक गुट सांसद किरण खेर के वर्चस्व को कम करने और अपनी धाक साबित करने में लगा । ताकि संसदीय चुनाव का टिकट हासिल हो सके।
शुक्रवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि ............
शुक्रवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि ट्रांसफर आर्डर के बावजूद चार माह से यूटी प्रशासन में सेवाएं दे रही आईएएस कृति गर्ग के खिलाफ भाजपा के पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह ने पीएमओ को लेटर लिख दिया। सूत्रों के अनुसार इसकी शुरुआत भाजपा की अंदरूनी राजनीति से शुरू हुई।
सीएचबी चेयरमैन हो सकते हैं नए एडवाइजर
भाजपा के वरिष्ठ नेता चाहते है कि सीएचबी चेयरमैन को यूटी का नया एडवाइजर लगाया जाए। एडवाइजर की कुर्सी को लेकर ही शुक्रवार को यह उठापटक रहीं। वहीं, अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शुक्रवार दोपहर बाद एडवाइजर परिमल राय तत्काल ही दिल्ली रवाना हो गए। दूसरी ओर सीएचबी चेयरमैन भी दिल्ली शुक्रवार को दिल्ली में मौजूद थे।
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इससे पहले भी पूर्व एडवाइजर विजय देव की कुर्सी भाजपा की अंदरूनी सियासत की भेंट चढ़ चुकी है। बताया जाता है कि सलाहकार के तबादले को लेकर भाजपा का एक गुट दिल्ली में डेरा डाल रखा है। वहीं एडवाइजर भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। दरअसल, शुक्रवार को पंजाब गवर्नर हाउस, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ भाजपा में एडवाइजर को लेकर खूब उठापटक देखने को मिली।
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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह द्वारा आईएएस कृति गर्ग के ट्रांसफर आर्डर को लेकर पीएमओ को लिखे पत्र से शुरू हुई। सांसद के विरोधी गुट ने एडवाइजर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तबादले के बावजूद आईएएस कृति गर्ग को रिलीव नहीं करने का मुद्दा उठाया। बता दें कि गृह मंत्रालय ने 30 मई को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर यूटी प्रशासन में मौजूदा तीन आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर आर्डर जारी किए थे।
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इनमें आईएएस एसबी दीपक कुमार, आईएएस तपस्या राघव और आईएएस कृति गर्ग का नाम शामिल था। गृह मंत्रालय ने डा. एसबी दीपक कुमार का दमन एंड दीव व एसडीएम ईस्ट तपस्या राघव का अरुणाचल प्रदेश में ट्रांसफर कर दिया गया था। जबकि कृति गर्ग का ट्रांसफर अंडमान निकोबार में किया गया था। लेकिन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के कहने पर आईएएस कृति गर्ग को यूटी प्रशासन में रोक लिया गया।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने एमएचए में यह हवाला दिया था कि पहले ही अफसरों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। जब तक नए अधिकारियों की ज्वाइनिंग नहीं हो जाती, तब तक आईएएस कृति गर्ग को यूटी प्रशासन में सेवाएं देने से न रोका जाए।
सांसद के चहेते हैं एडवाइजर परिमल राय
सांसद किरण खेर अपने हर जन कार्यक्रम में एडवाइजर परिमल राय का गुणगान करती है। इससे साफ जाहिर है कि एडवाइजर परिमल राय सांसद के चहेते हैं। यह बात कहीं न कहीं सांसद के विपक्षियों के हजम नहीं हो रही थी। खेर की मुखालफत कर रहे एक गुट में इस समय इसलिए खलबली मची हुई है,
क्योंकि सांसद किरण खेर अभी से संसदीय चुनाव के लिए ताल ठोक चुकी है। यहीं कारण है कि चंडीगढ़ भाजपा का एक गुट सांसद किरण खेर के वर्चस्व को कम करने और अपनी धाक साबित करने में लगा । ताकि संसदीय चुनाव का टिकट हासिल हो सके।
शुक्रवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि ............
शुक्रवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि ट्रांसफर आर्डर के बावजूद चार माह से यूटी प्रशासन में सेवाएं दे रही आईएएस कृति गर्ग के खिलाफ भाजपा के पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह ने पीएमओ को लेटर लिख दिया। सूत्रों के अनुसार इसकी शुरुआत भाजपा की अंदरूनी राजनीति से शुरू हुई।
सीएचबी चेयरमैन हो सकते हैं नए एडवाइजर
भाजपा के वरिष्ठ नेता चाहते है कि सीएचबी चेयरमैन को यूटी का नया एडवाइजर लगाया जाए। एडवाइजर की कुर्सी को लेकर ही शुक्रवार को यह उठापटक रहीं। वहीं, अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शुक्रवार दोपहर बाद एडवाइजर परिमल राय तत्काल ही दिल्ली रवाना हो गए। दूसरी ओर सीएचबी चेयरमैन भी दिल्ली शुक्रवार को दिल्ली में मौजूद थे।