चंडीगढ़: डेपुटेशन पर निर्भरता कम करेगा प्रशासन, बनाएगा अपने ग्रुप-ए के रिक्रूटमेंट रूल्स
रूल्स बनने के बाद कई पदों पर नियमित अधिकारी होंगे। सलाहकार धर्मपाल ने जल्द रूल्स बनाने के आदेश जारी किए हैं। अभी एसडीओ-एक्सईएन, तहसीलदार, ईटीओ, डॉक्टर समेत कई पदों पर डेपुटेशन पर ही अधिकारी बुलाए जाते हैं।
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चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने आज तक ग्रुप-ए के अधिकारियों की भर्ती के लिए रिक्रूटमेंट रूल तय नहीं किए हैं। इसकी वजह से जिन पदों पर नियमित भर्ती होनी थी, उन पर पंजाब-हरियाणा से अधिकारियों को डेपुटेशन पर बुलाकर काम चलाया जा रहा है। प्रशासन ने डेपुटेशन पर इस निर्भरता को कम करने का फैसला किया है। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कार्मिक विभाग को आदेश दिए हैं कि वह जल्द ग्रुप-ए के रिक्रूटमेंट रूल्स को तय करे।
सचिव, निदेशक के अलावा कई अन्य पदों को भरने के लिए डेपुटेशन पर निर्भर रहने का खामियाजा चंडीगढ़ पिछले कई वर्षों से भुगत रहा है। कई बार पंजाब-हरियाणा की तरफ से पैनल नहीं भेजा जाता या देर हो जाती है, जिसकी वजह से प्रशासन के काम रुकते हैं। पैनल नहीं भेजे जाने की वजह से प्रशासन के कुछ पद भी समाप्त हो गए हैं।
सलाहकार धर्मपाल ने बीते दिनों पदों की बहाली और रिक्रूटमेंट रूल्स को लेकर एक बैठक की। उन्होंने कहा कि रिक्रूटमेंट रूल्स नहीं बनने की वजह से उन पदों को भी डेपुटेशन से भरा जा रहा है, जिन पर नियमित भर्ती होनी चाहिए। इसके कई नुकसान हैं, इसलिए मिशन मोड पर ग्रुप-ए के रिक्रूटमेंट रूल्स बनाए जाएं। उन्होंने बताया कि पीसीएस-एचसीएस अधिकारियों के डेपुटेशन की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। ये उनसे नीचे की पोस्ट हैं, जो ग्रुप-ए की हैं और काफी महत्वपूर्ण हैं लेकिन उन पर भी बाहर से अधिकारी बुलाए जाते हैं।
यूपीएससी से मंजूरी लेने के बाद प्रशासन कर सकता है सीधी भर्ती
यूटी प्रशासन में विभागों के सचिव, निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों को यूटी-पंजाब-हरियाणा से आईएएस, पीसीएस-एचसीएस अधिकारियों को बुलाकर भरा जाता है। इनके अलावा भी कई महत्वपूर्ण पद है, जिन्हें डेपुटेशन पर भरा जा रहा है। इनमें एसडीओ-एक्सईएन, लेक्चरर, डॉक्टर, हेड ऑफ ऑफिस, ईटीओ, तहसीलदार, एएलसी समेत अन्य पद हैं। रिक्रूटमेंट रूल्स के बन जाने के बाद यूपीएससी से मंजूरी लेने के बाद प्रशासन इन पर सीधी भर्ती कर सकेगा।
चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर 971 अधिकारी-कर्मचारी
चंडीगढ़ प्रशासन, विभिन्न बोर्ड, निगम व अन्य में कुल 24,858 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनमें से 971 कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों के तहत डेपुटेशन पर हैं। इनमें से 602 कर्मचारी पंजाब, 323 हरियाणा और 46 अन्य राज्य, केंद्र शासित प्रदेश व गृह मंत्रालय से हैं। इनमें भी शिक्षा में ग्रुप-सी के कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं।
केंद्र सरकार भी कर चुकी है स्पष्ट, डेपुटेशन का कोई प्रतिशत निर्धारित नहीं
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2022 में यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब-हरियाणा के अधिकारियों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में कोई विशिष्ट प्रतिशत निर्धारित नहीं है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लिखित में यह जवाब दिया है। कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन में आईएएस, आईपीएस व विभागाध्यक्षों के कुछ पद गृह मंत्रालय और मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा राज्य के अधिकारियों को डेपुटेशन पर लेकर भरे जाते हैं लेकिन इसके लिए कोई प्रतिशत निर्धारित नहीं है।
महत्वपूर्ण इनसेट
पंजाब-हरियाणा से डेपुटेशन पर ग्रुप-ए के अधिकारी
विभाग पंजाब हरियाणा
शिक्षा 37 25
स्वास्थ्य 70 33
उत्पाद शुल्क और कराधान 0 1
पुलिस 1 1
बोर्ड, निगम व अन्य 23 19
(नोट: केंद्र सरकार से भी ग्रुप-ए के 25 अधिकारी डेपुटेशन पर हैं)
(06 अप्रैल 2022 तक के आंकड़ों के अनुसार)
रूल्स के नहीं बनने से रुकी हुई हैं भर्तियां
कई साल से ग्रुप-ए के रिक्रूटमेंट रूल्स नहीं बने हैं। ग्रुप-ए के कई महत्वपूर्ण पद हैं, जो अब तक एडहॉक और डेपुटेशन से ही भरे जा रहे हैं। इन पर रेगुलर भर्ती होती ही नही है। अब हमारी कोशिश है कि जल्द से रूल्स को फाइनल किया जाए, क्योंकि उसकी वजह से भर्तियां रुकी हुई हैं। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक