वाहनों पर लगेगा ग्रीन टैक्स : जानें- जेब पर कितना पड़ेगा बोझ, कहीं आपकी गाड़ी भी तो इस दायरे में नहीं
- चंडीगढ़ में 94180 गाड़ियों पर लगेगा ग्रीन टैक्स, प्रशासक ने दी मंजूरी
- अधिसूचना जारी करने के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव, कर की दरें तय
- वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए यूटी प्रशासन ने लिया फैसला
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चंडीगढ़ की सड़कों पर दौड़ने वाली 94180 गाड़ियां 15 साल की उम्र पूरी कर चुकी हैं। प्रशासन अब इन गाड़ियों से ग्रीन टैक्स वसूलेगा। यह फैसला शहर में बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को देखते हुए लिया गया है। यूटी परिवहन विभाग के मसौदे को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंजूरी दे दी है। अब अधिसूचना के लिए इसे केंद्र सरकार को भेजा गया है।
यह कर 12 वर्ष पुराने परिवहन (ट्रांसपोर्ट) से जुड़े वाहनों और 15 वर्ष पुराने निजी वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के दौरान रोड टैक्स के साथ वसूला जाएगा। परिवहन विभाग के निदेशक उमाशंकर गुप्ता के अनुसार, पुराने वाहन ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। इस पर लगाम के लिए ग्रीन टैक्स लगाने की योजना बनाई गई है।
बीते दिनों परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन को मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब केंद्र सरकार को भेजा गया है, ताकि इसकी अधिसूचना जारी की जा सके। ग्रीन टैक्स इसलिए लगाया जा रहा है, ताकि लोग पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल करना बंद कर दें। अभी तक फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के दौरान सिर्फ रोड टैक्स चुकाना पड़ता है।
व्यावसायिक गाड़ियों को चुकाना होगा ज्यादा ग्रीन टैक्स
शहर में ग्रीन टैक्स, वाहनों व ईंधन के प्रकार पर निर्भर करेगा। प्रशासन की दरों को भी मंजूरी मिल गई है। इसके अनुसार व्यवसायिक गाड़ियों को ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। सार्वजनिक परिवहन के वाहनों जैसे सिटी बसों पर कम ग्रीन टैक्स लगेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक, सीएनजी, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कार, इथेनॉल व एलपीजी जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर चलने वाले वाहनों को इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
साथ ही कृषि में इस्तेमाल होने वाले वाहन जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर आदि को भी इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पुराने वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने पर जो खर्च होगा, उसका कुछ हिस्सा पुराने वाहनों से वसूला जाए। इस टैक्स को ही ग्रीन टैक्स का नाम दिया गया है। ग्रीन टैक्स से एकत्र होने वाले राजस्व को भी अलग खाते में रखा जाएगा।
- निजी गाड़ियां टैक्स
- टू व्हीलर (पेट्रोल) 200 रुपये
- फोर व्हीलर (पेट्रोल) 500 रुपये
- फोर व्हीलर (डीजल) 800 रुपये
गाड़ी टैक्स
- व्यावसायिक (पेट्रोल) रोड टैक्स का 10 प्रतिशत
- व्यावसायिक (डीजल) रोड टैक्स का 12 प्रतिशत