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ऑटो चालकों के लिए सरकारी फरमान, अब करने होंगे ये 4 काम
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Dec 2017 09:46 AM IST
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ऑटो रिक्शा
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ऑटो में सफर करने वालों की सुरक्षा के लिहाज से चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी फरमान जारी किया है। इसके तहत ऑटो ड्राइवरों को चार काम करने होंगे। 21 वर्षीय युवती से गैंगरेप के मामले के बाद यूटी प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए सेफ ऑटो रिक्शा पैसेंजर ट्रैवलिंग पॉलिसी बनाने का फैसला किया है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इस दिशा में कुछ मानक भी तय किए हैं। जोकि ऑटो रिक्शा में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।
सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट ने जो आर्डर जारी किए हैं, उसके मुताबिक शहर में चल रहे सभी ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन करा एसटीए व पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी केके जिंदल ने जो आर्डर जारी किए है, उसके मुताबिक अब ऑटो रिक्शा चालकों को ड्राइवर सीट के पीछे अपनी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट नाम, पता, मोबाइल नंबर और फोटो के साथ डिस्पले करना अनिवार्य होगा।
ऐसा न करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ चालान कर विभाग की ओर से सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो यह मानक इसलिए तय किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वारदात दोबारा न दोहराई जा सके। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) और चंडीगढ़ पुलिस मिलकर सेफ ऑटो रिक्शा पैसेंजर ट्रैवलिंग को लेकर काम कर रहे हैं। जिससे टेम्परेरी नंबर, बिना परमिट, रजिस्ट्रेशन और बिना मीटर के ऑटो चला रहे चालकों पर कार्रवाई की जा सके। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी ने आर्डर जारी कर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, एसटीए और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को टेम्परेरी नंबर, बिना परमिट, रजिस्ट्रेशन और बिना मीटर वाले ऑटो रिक्शा जब्त करने के आदेश दिए हैं।
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सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट ने जो आर्डर जारी किए हैं, उसके मुताबिक शहर में चल रहे सभी ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन करा एसटीए व पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी केके जिंदल ने जो आर्डर जारी किए है, उसके मुताबिक अब ऑटो रिक्शा चालकों को ड्राइवर सीट के पीछे अपनी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट नाम, पता, मोबाइल नंबर और फोटो के साथ डिस्पले करना अनिवार्य होगा।
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ऐसा न करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ चालान कर विभाग की ओर से सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो यह मानक इसलिए तय किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वारदात दोबारा न दोहराई जा सके। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) और चंडीगढ़ पुलिस मिलकर सेफ ऑटो रिक्शा पैसेंजर ट्रैवलिंग को लेकर काम कर रहे हैं। जिससे टेम्परेरी नंबर, बिना परमिट, रजिस्ट्रेशन और बिना मीटर के ऑटो चला रहे चालकों पर कार्रवाई की जा सके। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी ने आर्डर जारी कर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, एसटीए और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को टेम्परेरी नंबर, बिना परमिट, रजिस्ट्रेशन और बिना मीटर वाले ऑटो रिक्शा जब्त करने के आदेश दिए हैं।
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ऑटो रिक्शा में जीपीएस सिस्टम होगा अनिवार्य
ऑटो रिक्शा
- फोटो : अमर उजाला
ऑटो रिक्शा में अब जीपीएस सिस्टम इंस्टाल करना अनिवार्य होगा। सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट ने चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस और एसटीए को निर्देश जारी कर रियल टाइम ट्रेकिंग सिस्टम का खाका तैयार करने के लिए कहा है। इस पर कुल कितना बजट खर्च होगा, इन सब बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर सौंपने के लिए कहा है। ताकि शहर में चल रहे सभी ऑटो रिक्शा में जीपीएस सिस्टम लग सके।
बता दें कि हाल ही में 21 वर्षीय युवती के साथ ऑटो चालक व उसके साथियों ने एक लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। दिसंबर 2016 में भी एक युवती के साथ इसी तरह का मामला सामने आया था। जीपीएस सिस्टम इसलिए अनिवार्य किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की वारदात में आरोपियों को फौरन ट्रैक कर पकड़ा जा सके।
ओला और उबर कै ब चालकों के होंगे चालान
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने आर्डर जारी कर ओला और उबर कंपनी के कैब चालकों को चेतावनी जारी की है। आर्डर जारी कर कहा गया है कि चंडीगढ़ रजिस्ट्रेशन नंबर के अलावा ओला और उबर कंपनी की जो कैब चल रही है, अगर वह दूसरी जगह के रजिस्ट्रेशन नंबर पर शहर में ऑपरेट कर रहे हैं, तो उन्हें एसटीए से परमिट लेना अनिवार्य हैं। बिना परमिट के ओला व उबर कंपनी के चल रही कैब और टैक्सी के चालान कर जब्त करने के आर्डर जारी किए गए हैं।
सभी ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है, साथ ही सभी ऑटो चालकों को पुलिस वेरिफिकेशन की कॉपी अपनी फोटो के साथ ड्राइवर सीट के पीछे अब डिस्पले करना अनिवार्य होगा।
- राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए
बता दें कि हाल ही में 21 वर्षीय युवती के साथ ऑटो चालक व उसके साथियों ने एक लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। दिसंबर 2016 में भी एक युवती के साथ इसी तरह का मामला सामने आया था। जीपीएस सिस्टम इसलिए अनिवार्य किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की वारदात में आरोपियों को फौरन ट्रैक कर पकड़ा जा सके।
ओला और उबर कै ब चालकों के होंगे चालान
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने आर्डर जारी कर ओला और उबर कंपनी के कैब चालकों को चेतावनी जारी की है। आर्डर जारी कर कहा गया है कि चंडीगढ़ रजिस्ट्रेशन नंबर के अलावा ओला और उबर कंपनी की जो कैब चल रही है, अगर वह दूसरी जगह के रजिस्ट्रेशन नंबर पर शहर में ऑपरेट कर रहे हैं, तो उन्हें एसटीए से परमिट लेना अनिवार्य हैं। बिना परमिट के ओला व उबर कंपनी के चल रही कैब और टैक्सी के चालान कर जब्त करने के आर्डर जारी किए गए हैं।
सभी ऑटो रिक्शा चालकों को 30 दिन के अंदर पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है, साथ ही सभी ऑटो चालकों को पुलिस वेरिफिकेशन की कॉपी अपनी फोटो के साथ ड्राइवर सीट के पीछे अब डिस्पले करना अनिवार्य होगा।
- राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए