चंडीगढ़: 2051 तक 45 लाख हो जाएगी ट्राइसिटी की जनसंख्या, प्रशासन ने शुरू की व्यापक मोबिलिटी प्लान की तैयारी
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल का कहना है कि रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) कंपनी जो भी रिपोर्ट देगी, उसके अनुसार सभी विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न मापदंडों पर जो विकल्प खरा उतरेगा, उसे लागू करने की कोशिश रहेगी।
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चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में बढ़ते ट्रैफिक पर लगाम लगाने के लिए यूटी प्रशासन व्यापक मोबिलिटी प्लान तैयार कर रहा है। इसके लिए रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) कंपनी को काम सौंपा गया है। कंपनी छह चरणों में इस काम को पूरा करेगी। दूसरे चरण की अंतरिम रिपोर्ट आ गई है। उसके अनुसार वर्ष 2051 तक ट्राइसिटी की जनसंख्या 45 लाख से ज्यादा हो जाएगी। इन्हीं आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई जा रही है।
ट्राइसिटी के लिए मेट्रो मुफीद रहेगी, मोनो रेल या फिर कुछ और ये पता लगाने के लिए राइट्स कई तरह के आंकड़ों का सहारा ले रही है। इनमें चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बसों में रोजाना सफर करने वाले लोगों की संख्या, आरएलए, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, पंचकूला-मोहाली के आंकड़े, पंचकूला की एकीकृत आर्थिक विकास योजना, ट्रैफिक सर्वे, टोल प्लाजा, पार्किंग सर्वे, हाउसहोल्ड इंटरव्यू, तेल पंप सर्वे, रोड नेटवर्क आदि शामिल है। अब हर दो से ढाई महीने में 15 हजार नए वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। इसके अलावा रोजाना चंडीगढ़ में दाखिल होने वाले वाहनों के फ्लो को भी देखा जाएगा। इन सभी पहलुओं को देखते हुए यह स्टडी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। राइट्स पूरी रिपोर्ट मई 2022 तक प्रशासन को सौंपेगी।
बता दें कि करीब 13 वर्ष पहले इसी कंपनी ने चंडीगढ़ में मेट्रो चलाने का सुझाव दिया था, जिस पर काफी काम भी हुआ था लेकिन बाद में किरण खेर के सांसद बनने के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के आने के बाद एक बार फिर पुरानी फाइलों को निकाला गया और मोबिलिटी प्लान पर नए सिरे से काम शुरू हुआ है। इस पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल का कहना है कि कंपनी जो भी रिपोर्ट देगी, उसके अनुसार सभी विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न मापदंडों पर जो विकल्प खरा उतरेगा, उसे लागू करने की कोशिश रहेगी।
छह चरण में राइट्स को पूरा करना है काम
1. व्यापक गतिशीलता योजना विजन
2. डेटा एकत्र और शहरी परिवहन पर्यावरण का विश्लेषण करना
3. शहरी परिवहन विकास रणनीति तैयार करना और उसका मूल्यांकन करना
4. शहरी गतिशीलता योजनाएं विकसित करना
5. कार्यान्वयन कार्यक्रम तैयार करना
6. हितधारकों से परामर्श करना
राइट्स की तरफ से अनुमानित जनसंख्या (लाख में)
| क्षेत्र | 2011 | 2021 | 2022 | 2031 | 2041 | 2051 |
| चंडीगढ़ | 10.55 | 12.72 | 12.95 | 15.29 | 18.38 | 22.10 |
| मोहाली | 2.55 | 3.44 | 3.50 | 4.13 | 4.97 | 5.97 |
| पंचकूला | 2.11 | 3.18 | 3.24 | 3.82 | 4.59 | 5.52 |
| जीरकपुर | 0.96 | 2.82 | 2.88 | 3.39 | 4.08 | 4.90 |
| न्यू चंडीगढ़ | 0.34 | 0.46 | 0.51 | 1.28 | 3.55 | 4.26 |
| खरड़ | 0.74 | 1.31 | 1.34 | 1.58 | 1.89 | 2.28 |
| कुल | 17.25 | 23.94 | 24.41 | 29.50 | 37.46 | 45.03 |